125 सीट मिलने पर कांग्रेस दे सकती है सपा का साथ

नई दिल्ली: कांग्रेस के चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने मंगलवार को सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के साथ दो घंटे की बैठक की, जो अगले साल की शुरुआत में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ गठजोड़ करना चाहते हैं। सूत्रों के हवाले खबर मिल रही है कि कांग्रेस महागठबंधन में शामिल होने के लिए समाजवादी पार्टी के सामने 125 सीट देने की शर्त रख दी है। बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम मुलायम से हुई बातचीत का ब्यौरा प्रशांत किशोर ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को दिया है। जिसमें यह कहा गया है कि 125 सीट मिलने पर कांग्रेस सपा का साथ दे सकती है। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि यह महागठबंधन मुस्लिम वोट साधने के लिए किया जा रहा है।




प्रशांत किशोर ने सपा नेता अमर सिंह के साथ मुलायम सिंह यादव से उनके दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि मुलायम ने जेडीयू नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बात की, जो दिल्ली में हैं। हालांकि, फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है. किशोर ने पिछले साल नीतीश कुमार के सफल विधानसभा चुनाव अभियान का प्रबंध किया था।

पिछले हफ्ते मुलायम के छोटे भाई और प्रदेश सपा प्रमुख शिवपाल सिंह ने जेडीयू के केसी त्यागी और रालोद प्रमुख अजीत सिंह से मुलाकात की थी, ताकि उन्हें सपा की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर 5 नवंबर को लखनऊ आने का न्योता दिया जा सके। शिवपाल ने कहा था कि लोहियावादियों और चरण सिंह के अनुयायियों को उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराने के लिए हाथ मिलाना चाहिए। हालांकि, पार्टी में चल रहे कलह के बावजूद चुनाव में सपा का मुख्य लक्ष्य मुस्लिम वोट को बंटने से रोकना है, जिसके लिए यह धर्मनिरपेक्ष पार्टियों से गठजोड़ करने पर गौर कर रही है।



दरअसल, उत्तर प्रदेश में अपने मतों को जोड़ने के लिए सपा के लिए मजबूत गठबंधन जरूरी समझा जा रहा है। डर है कि अगर एक बार मुस्लिम वोट सपा से छिटक कर बसपा की ओर चला गया तो फिर दूसरे पिछड़े मतों को जोड़े रखना भी मुश्किल हो जायेगा। सपा में चल रही अंदरुनी कलह के दौरान ही कांग्रेस ने खुलकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का साथ देने का ऐलान किया था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और अखिलेश के बीच की अच्छी केमिस्ट्री भी है।

अगर सपा और कांग्रेस साथ आते हैं तो इससे मायावती और भाजपा दोनों के लिए सिरदर्द बढ़ जाएगा। मायावती उम्‍मीद कर रही है मुस्लिम और दलित मतों के सहारे वह सत्‍ता के करीब पहुंच जाएगी। वहीं भाजपा सपा के गैर यादव ओबीसी वोटों के सहारे हैं। इस बीच मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव 3 नवंबर से रथयात्रा शुरु करने वाले हैं। चार नवंबर को चाचा शिवपाल यादव ने लखनऊ में पार्टी का युवा सम्मेलन बुलाया है और 5 नवंबर को पार्टी का रजत जयंती समारोह है।

Loading...