कांग्रेस-एनसीपी को विपक्ष में बैठने का जनमत तो कुर्सी के लिए मैच फिक्सिंग कैसे : रविशंकर प्रसाद

ravi shankar
कांग्रेस-एनसीपी को विपक्ष में बैठने का जनमत तो कुर्सी के लिए मैच फिक्सिंग कैसे : रविशंकर प्रसाद

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में नई सरकार गठन के बाद सियासत तेज हो गयी है। देवेंद्र फडणवीस ने सीएम पद की दोबार शपथ ली, जबकि अजित पवार डिप्टी सीएम पद के लिए शपथ लिए। फडणवीस के शपथ ग्रहण के बाद विपक्ष की ओर से हो रही बयानबाजी पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर ने प्रेस कांफ्रेंस की। ​रविशंकर प्रसाद ने कहा कि, बीजेपी और शिवसेना ने जब बहुमत प्राप्त किया तो यह नैतिक और चुनावी विजयी थी।

Congress Ncp To Sit In Opposition Then How To Fix Match For Chair Ravi Shankar Prasad :

हालांकि चुनाव बाद शिवसेना किसके इशारे पर उत्तेजक हो गई थी। उन्होंने कहा कि, परिणाम आने के बाद कांग्रेस और एनसीपी चीफ शरद पवार ने विपक्ष में बैठने का ऐलान किया था। तो ये विपक्ष में बैठने का जनमत कुर्सी के लिए मैच फिक्सिंग कैसे हो गया था। शिवेसना पर हमला करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि शिवसेना स्वार्थ भाव से प्रेरित होकर अपनी 30 साल की दोस्ती तोड़कर अपने घोर विरोधियों का दामन थाम ले तो ये लोकतंत्र की हत्या नहीं है क्या?

और एक स्थाई सरकार के आग्रह पर देवेन्द्र फडणवीस की अगुवाई में अजीत पवार के साथ बड़ा तबका आकर सरकार को सहयोग करे तो इसे लोकतंत्र की हत्या कहा जाता है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जो आदरणीय बाला साहब ठाकरे के आदर्शों को जीति नहीं रख सके उनके विषय में कुछ नहीं कहना है।

उनका प्रमाणिक कांग्रेस विरोध जग जाहिर है, उनकी राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रवाद और भारत की संस्कृति-संस्कार के प्रति समर्पण प्रमाणिक है। संजय रावत के बयान का जवाब देते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कुछ लोग छत्रपति शिवाजी की विरासत की बात कर रहे हैं, उनसे मैं बस इतना कहूंगा कि सत्ता के लिए अपने विचारों से समझौता करने वाले तो कम से कम छत्रपति शिवाजी की बात न करें।

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में नई सरकार गठन के बाद सियासत तेज हो गयी है। देवेंद्र फडणवीस ने सीएम पद की दोबार शपथ ली, जबकि अजित पवार डिप्टी सीएम पद के लिए शपथ लिए। फडणवीस के शपथ ग्रहण के बाद विपक्ष की ओर से हो रही बयानबाजी पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर ने प्रेस कांफ्रेंस की। ​रविशंकर प्रसाद ने कहा कि, बीजेपी और शिवसेना ने जब बहुमत प्राप्त किया तो यह नैतिक और चुनावी विजयी थी। हालांकि चुनाव बाद शिवसेना किसके इशारे पर उत्तेजक हो गई थी। उन्होंने कहा कि, परिणाम आने के बाद कांग्रेस और एनसीपी चीफ शरद पवार ने विपक्ष में बैठने का ऐलान किया था। तो ये विपक्ष में बैठने का जनमत कुर्सी के लिए मैच फिक्सिंग कैसे हो गया था। शिवेसना पर हमला करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि शिवसेना स्वार्थ भाव से प्रेरित होकर अपनी 30 साल की दोस्ती तोड़कर अपने घोर विरोधियों का दामन थाम ले तो ये लोकतंत्र की हत्या नहीं है क्या? और एक स्थाई सरकार के आग्रह पर देवेन्द्र फडणवीस की अगुवाई में अजीत पवार के साथ बड़ा तबका आकर सरकार को सहयोग करे तो इसे लोकतंत्र की हत्या कहा जाता है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जो आदरणीय बाला साहब ठाकरे के आदर्शों को जीति नहीं रख सके उनके विषय में कुछ नहीं कहना है। उनका प्रमाणिक कांग्रेस विरोध जग जाहिर है, उनकी राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रवाद और भारत की संस्कृति-संस्कार के प्रति समर्पण प्रमाणिक है। संजय रावत के बयान का जवाब देते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कुछ लोग छत्रपति शिवाजी की विरासत की बात कर रहे हैं, उनसे मैं बस इतना कहूंगा कि सत्ता के लिए अपने विचारों से समझौता करने वाले तो कम से कम छत्रपति शिवाजी की बात न करें।