नसीमुद्दीन को लेकर कांग्रेस के भीतर अंदरूनी सियासत गरम, विरोध करने वाले पदाधिकारियों से पार्टी ने मांगा स्पष्टीकरण

कांग्रेस में शामिल हुए बीएसपी के पूर्व नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी
कांग्रेस में शामिल हुए बीएसपी के पूर्व नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी

लखनऊ। बसपा से निष्कासित पार्टी के सबसे कद्दावर अल्पसंख्यक नेता नसीमुद्दीन सिद्दिकी ने पूरे दलबल के साथ कांग्रेस में शामिल हुए तीन दिन भी पूरे नहीं हुए कि पा​र्टी के ही पदाधिकारियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। जिसके बाद पार्टी की अनुशासन समिति ने विरोध करने वाले पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

Congress Party Leaders Writes Against Nasimuddin At Social Media :

विरोध करने वालों पार्टी के दो सचिव संजय दीक्षित और अवधेश सिंह का नाम सामने आया है। संजय दीक्षित ने यूपी में बसपा सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए घोटालों में नसीमुद्दीन सिद्दिकी की भूमिका पर सवाल खड़ा करते हुए लिखा है कि जब कांग्रेस सुप्रीमो राहुल गांधी एक स्वच्छ राजनीति की बात कर रहे हैं, तो नसीमुद्दीन जैसे नेताओं को पार्टी में शामिल कर यूपी कांग्रेस किस तरह का संदेश देना चाहती है।

वहीं अवधेश सिंह का कहना है कि बसपा में रहते नसीमुद्दीन ने ठाकुरों के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था। ऐसे में पार्टी के ठाकुर नेता नसीमुद्दीन को कैसे स्वीकार करेंगे।

पार्टी के इन दोनों पदाधिकारियों की टिप्पणी को गंभीरता से लेते हुए अनुशासनात्मक नजरिये से आपत्ति जाहिर की है। दोनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

लखनऊ। बसपा से निष्कासित पार्टी के सबसे कद्दावर अल्पसंख्यक नेता नसीमुद्दीन सिद्दिकी ने पूरे दलबल के साथ कांग्रेस में शामिल हुए तीन दिन भी पूरे नहीं हुए कि पा​र्टी के ही पदाधिकारियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। जिसके बाद पार्टी की अनुशासन समिति ने विरोध करने वाले पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।विरोध करने वालों पार्टी के दो सचिव संजय दीक्षित और अवधेश सिंह का नाम सामने आया है। संजय दीक्षित ने यूपी में बसपा सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए घोटालों में नसीमुद्दीन सिद्दिकी की भूमिका पर सवाल खड़ा करते हुए लिखा है कि जब कांग्रेस सुप्रीमो राहुल गांधी एक स्वच्छ राजनीति की बात कर रहे हैं, तो नसीमुद्दीन जैसे नेताओं को पार्टी में शामिल कर यूपी कांग्रेस किस तरह का संदेश देना चाहती है।वहीं अवधेश सिंह का कहना है कि बसपा में रहते नसीमुद्दीन ने ठाकुरों के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था। ऐसे में पार्टी के ठाकुर नेता नसीमुद्दीन को कैसे स्वीकार करेंगे।पार्टी के इन दोनों पदाधिकारियों की टिप्पणी को गंभीरता से लेते हुए अनुशासनात्मक नजरिये से आपत्ति जाहिर की है। दोनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।