राहुल का RSS पर बड़ा हमला, अरब के कट्टरपंथी संगठन मुस्‍लिम ब्रदरहुड से की तुलना

राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री को बताया राफेल मंत्री, बोले- भ्रष्टाचार छिपाने के लिए बोला झूठ
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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना मिस्र के इस्लामी संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड से की है। राहुल गांधी ने कहा कि आरएसएस भारत की प्रकृति को बदलने की कोशिश कर रहा है। आरएसएस का विचार अरब दुनिया के मुस्लिम ब्रदरहुड के विचार के समान है। राहुल गांधी ने यह बात लंदन में इंटरनेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ स्‍ट्रैटिजिक स्‍टडीज में कहीं। आरएसएस की विचारधारा अरब जगत के मुस्लिम ब्रदरहुड जैसी है। इसके पीछे उनका विचार यह है कि एक ही विचारधारा सभी संस्थानों में रहनी चाहिए। एक विचार ऐसा हो जो दूसरे विचारों को कुचल दे।’’

Congress President Rahul Gandhi Says Rsss Idea Is Similar To The Idea Of Muslim Brotherhood :

राहुल गांधी ने लंदन में इंटरनैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ स्ट्रैटिजिक स्टडीज (IISS) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए सर्जिकल स्ट्राइक, डोकलाम जैसे कई मुद्दों पर टिप्पणी की। इसी दौरान संघ पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आरएसएस भारत की प्रकृति को बदलने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘दूसरा कोई संगठन भारत की संस्थाओं पर कब्जा या हमला करने की कोई कोशिश नहीं करता।’

राहुल ने कहा कि अभी हम इस एक नई तरह की समस्या का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अरब दुनिया के मुस्लिम ब्रदरहुड के विचार की ही तरह है। राहुल ने आरोप लगाया कि इनका आइडिया है कि देश में एक ही विचार का शासन होना चाहिए। राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस का उदाहरण भी दिया।

मुस्लिम ब्रदरहुड कई देशों में बैन

मुस्लिम ब्रदरहुड अरब का 90 साल पुराना इस्लामिक संगठन है। इसका मकसद देशों में इस्लामी कानून यानी शरिया लागू करना है। मुस्लिम ब्रदरहुड पर हिंसक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। इस संगठन से कई राजनीतिक दल भी बने हैं। हिंसा और कट्टरवाद फैलाने के आरोप में इस संगठन को बहरीन, मिस्र, रूस, सीरिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में आतंकी संगठन घोषित किया जा चुका है। 2012 में मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को सत्ता से बेदखल करने के पीछे भी मुस्लिम ब्रदरहुड का ही हाथ माना जाता है।

क्या है मुस्लिम ब्रदरहुड?

मुस्लिम ब्रदरहुड की स्थापना 1928 में हसन अल-बन्ना ने की थी। यह मिस्र का सबसे पुराना इस्लामिक संगठन है। इस संगठन ने पूरे दुनिया में इस्लामिक आंदोलनों को प्रभावित करने का काम किया है। मिस्र में यह संगठन अवैध करार दिया जा चुका है, लेकिन इस संगठन ने कई दशक तक सत्ता पर काबिज रहे राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को बेदखल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ब्रदरहुड का कहना है कि वो लोकतांत्रिक सिद्धांतो का समर्थन करता है और उसका एक मुख्य मकसद है कि देश का शासन इस्लामी कानून यानि शरिया के आधार पर चलाया जाए।

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना मिस्र के इस्लामी संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड से की है। राहुल गांधी ने कहा कि आरएसएस भारत की प्रकृति को बदलने की कोशिश कर रहा है। आरएसएस का विचार अरब दुनिया के मुस्लिम ब्रदरहुड के विचार के समान है। राहुल गांधी ने यह बात लंदन में इंटरनेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ स्‍ट्रैटिजिक स्‍टडीज में कहीं। आरएसएस की विचारधारा अरब जगत के मुस्लिम ब्रदरहुड जैसी है। इसके पीछे उनका विचार यह है कि एक ही विचारधारा सभी संस्थानों में रहनी चाहिए। एक विचार ऐसा हो जो दूसरे विचारों को कुचल दे।’’ राहुल गांधी ने लंदन में इंटरनैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ स्ट्रैटिजिक स्टडीज (IISS) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए सर्जिकल स्ट्राइक, डोकलाम जैसे कई मुद्दों पर टिप्पणी की। इसी दौरान संघ पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आरएसएस भारत की प्रकृति को बदलने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'दूसरा कोई संगठन भारत की संस्थाओं पर कब्जा या हमला करने की कोई कोशिश नहीं करता।' राहुल ने कहा कि अभी हम इस एक नई तरह की समस्या का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अरब दुनिया के मुस्लिम ब्रदरहुड के विचार की ही तरह है। राहुल ने आरोप लगाया कि इनका आइडिया है कि देश में एक ही विचार का शासन होना चाहिए। राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस का उदाहरण भी दिया।

मुस्लिम ब्रदरहुड कई देशों में बैन

मुस्लिम ब्रदरहुड अरब का 90 साल पुराना इस्लामिक संगठन है। इसका मकसद देशों में इस्लामी कानून यानी शरिया लागू करना है। मुस्लिम ब्रदरहुड पर हिंसक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। इस संगठन से कई राजनीतिक दल भी बने हैं। हिंसा और कट्टरवाद फैलाने के आरोप में इस संगठन को बहरीन, मिस्र, रूस, सीरिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में आतंकी संगठन घोषित किया जा चुका है। 2012 में मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को सत्ता से बेदखल करने के पीछे भी मुस्लिम ब्रदरहुड का ही हाथ माना जाता है।

क्या है मुस्लिम ब्रदरहुड?

मुस्लिम ब्रदरहुड की स्थापना 1928 में हसन अल-बन्ना ने की थी। यह मिस्र का सबसे पुराना इस्लामिक संगठन है। इस संगठन ने पूरे दुनिया में इस्लामिक आंदोलनों को प्रभावित करने का काम किया है। मिस्र में यह संगठन अवैध करार दिया जा चुका है, लेकिन इस संगठन ने कई दशक तक सत्ता पर काबिज रहे राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को बेदखल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ब्रदरहुड का कहना है कि वो लोकतांत्रिक सिद्धांतो का समर्थन करता है और उसका एक मुख्य मकसद है कि देश का शासन इस्लामी कानून यानि शरिया के आधार पर चलाया जाए।