कांग्रेस सेवादल ने की RRS की तारीफ, राहुल ने संघ को कहा था मुस्लिम ब्रदरहुड

कांग्रेस सेवादल ने की RRS की तारीफ, राहुल ने संघ को कहा था मुस्लिम ब्रदरहुड
कांग्रेस सेवादल ने की RRS की तारीफ, राहुल ने संघ को कहा था मुस्लिम ब्रदरहुड

नई दिल्ली। राहुल गांधी के बेहद करीबी कांग्रेस नेता दीपक बाबरिया द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तारीफ़ के बाद अब कांग्रेस के सहयोगी संगठन सेवादल ने इस चुनावी माहौल में एक बड़ी ‘भूल’ कर दी। भिंड में सोमवार से जारी होने वाले अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय शिविर से ठीक पहले ग्वालियर के सेंट्रल पार्क होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बांटे गए प्रेस नोट में आरएसएस की जमकर तारीफ की गई और संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार को देशभक्त भी बताया गया।

Congress Seva Dal Press Note Praises Rss And Mohan Dr Hedgewar :

सेवादल के प्रेसनोट में डॉ. हेडगेवार के 1921 के असहयोग आंदोलन में भाग लेने और जेल जाने का जिक्र भी किया गया है। साथ ही 1928 में साइमन कमीशन के भारत आगमन पर आरएसएस के आंदोलन करने का भी जिक्र किया गया है। सेवादल के मुताबिक, आरएसएस ने आज़ादी की लड़ाई में भाग लिया था। वहीं जब यह मामला सुर्खियों में आया तो सेवादाल ने इसे प्रिंटिंग मिस्टेक बता दिया।

सेवादल से पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी और वरिष्ठ नेता दीपक बाबरिया ने भी संघ की तारीफों के पुल बांधे थे। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संघ से अनुशासन सीखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि आरएसएस के अच्छे पहलुओं की तारीफ करने में कोई बुराई नहीं है। अपने बयान की वजह से उन्हें कांग्रेसी नेताओं से काफी आलोचनाएं झेलनी पड़ी थी।

वहीं राहुल ने आरएसएस की तुलना मुस्लिम ब्रदरहुड जैसे आतंकी संगठन से की थी। उन्होंने कहा था कि आरएसएस देश को बांट रहे हैं, नफरत फैला रहे हैं। मामला बढ़ने पर कांग्रेस के जिला समन्वयक धीरज डागा ने मीडिया के सामने छपाई में हुई गलती बताया है। जब उसे आरएसएस की तारीफ किए जाने को लेकर सवाल पूछा गया तो वह उसे टालने लगे और छपाई में हुई गलती की बात पर अड़ गए।

डागा ने इसे बड़ी गलती मानते हुए दूसरा प्रेस नोट जारी करने की बात कही है। मगर ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर 500 शब्दों के पूरे पेज में ही छपाई की गलती कैसे हो सकती है। कैसे बिना किसी के संज्ञान में रखे इस नोट को जारी कर दिया गया।

नई दिल्ली। राहुल गांधी के बेहद करीबी कांग्रेस नेता दीपक बाबरिया द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तारीफ़ के बाद अब कांग्रेस के सहयोगी संगठन सेवादल ने इस चुनावी माहौल में एक बड़ी 'भूल' कर दी। भिंड में सोमवार से जारी होने वाले अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय शिविर से ठीक पहले ग्वालियर के सेंट्रल पार्क होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बांटे गए प्रेस नोट में आरएसएस की जमकर तारीफ की गई और संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार को देशभक्त भी बताया गया। सेवादल के प्रेसनोट में डॉ. हेडगेवार के 1921 के असहयोग आंदोलन में भाग लेने और जेल जाने का जिक्र भी किया गया है। साथ ही 1928 में साइमन कमीशन के भारत आगमन पर आरएसएस के आंदोलन करने का भी जिक्र किया गया है। सेवादल के मुताबिक, आरएसएस ने आज़ादी की लड़ाई में भाग लिया था। वहीं जब यह मामला सुर्खियों में आया तो सेवादाल ने इसे प्रिंटिंग मिस्टेक बता दिया। सेवादल से पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी और वरिष्ठ नेता दीपक बाबरिया ने भी संघ की तारीफों के पुल बांधे थे। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संघ से अनुशासन सीखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि आरएसएस के अच्छे पहलुओं की तारीफ करने में कोई बुराई नहीं है। अपने बयान की वजह से उन्हें कांग्रेसी नेताओं से काफी आलोचनाएं झेलनी पड़ी थी। वहीं राहुल ने आरएसएस की तुलना मुस्लिम ब्रदरहुड जैसे आतंकी संगठन से की थी। उन्होंने कहा था कि आरएसएस देश को बांट रहे हैं, नफरत फैला रहे हैं। मामला बढ़ने पर कांग्रेस के जिला समन्वयक धीरज डागा ने मीडिया के सामने छपाई में हुई गलती बताया है। जब उसे आरएसएस की तारीफ किए जाने को लेकर सवाल पूछा गया तो वह उसे टालने लगे और छपाई में हुई गलती की बात पर अड़ गए। डागा ने इसे बड़ी गलती मानते हुए दूसरा प्रेस नोट जारी करने की बात कही है। मगर ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर 500 शब्दों के पूरे पेज में ही छपाई की गलती कैसे हो सकती है। कैसे बिना किसी के संज्ञान में रखे इस नोट को जारी कर दिया गया।