निर्वाचन आयोग पर भड़की कांग्रेस, कहा केन्द्र सरकार के दबाव में हो रहा काम

निर्वाचन आयोग पर भड़की कांग्रेस, कहा केन्द्र सरकार के दबाव में हो रहा काम

नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग की ओर से गुरुवार को हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा के बाद कांग्रेस ने आयोग पर केन्द्र सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का आरोप है कि जब दोनों राज्यों में एक साथ चुनाव होने हैं तो दोनों राज्यों में एक साथ आदर्श आचार सहिंता को लागू क्यों नहीं किया गया। हिमाचल विधानसभा चुनाव 2017 के कार्यक्रम के मुताबिक 9 नवंबर को मतदान होगा और मतगणना 18 दिसंबर को होगी।

कांग्रेस प्रवक्ता राजदीप सुरजेवाला ने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा​ कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 16 अक्टूबर को गुजरात के विधानसभा चुनाव को लेकर घोषणाएं करने वाले हैं। प्रधानमंत्री के गुजरात दौरे को ध्यान में रखते हुए ही चुनाव आयोग ने अपनी प्रेस कांफ्रेन्स में केवल हिमाचल प्रदेश के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की, जबकि आयोग को गुजरात के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा साथ में ही करनी चाहिए थी। चुनाव आयोग के फैसले से स्पष्ट है कि आयोग पूरी तरह से केन्द्र सरकार के दबाव में काम कर रहा है।

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कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि गुजरात में चुनाव आचार सहिंता की घोषणा इसलिए नहीं की क्योंकि प्रधानमंत्री 16 अक्टूबर को गुजरात में लुभावने जुमले देने जा रहे है। केन्द्र सरकार निर्वाचन आयोग को दबाव में लेकर गुजरात चुनाव को आगे बढ़ाना चाहती है। लेकिन जनता बीजेपी को भगाने का मन बना चुकी है।

वहीं मुख्य निर्वाचन आयुक्त अचल कुमार ज्योती ने इस विषय मीडिया द्वारा पूछे सवाल का जवाब देते हुए कहा है कि दोनों राज्यों की मतगणना 18 दिसंबर को एक साथ होगी। उन्होंने गुजरात के बाढ़ग्रस्त इलाकों में जारी राहत कार्य और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वीवीपैट की उपलब्धता को सुनिश्चित करने का हवाला देते हुए गुजरात विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा के लिए समय लगने की बात कही।

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आपको बता दें कि गुरुवार को निर्वाचन आयोग की ओर से रखी गई प्रेस कांफ्रेन्स के साथ ही स्पष्ट था कि आयोग गुजरात और हिमाचल के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। जब मुख्य निर्वाचन आयुक्त की ओर से केवल हिमाचल के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की गई वैसे ही 16 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गुजरात दौरे को लेकर सवाल उठने लगे।जवाब में मुख्य आयुक्त ने अपना स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि आचार संहिता लागू होने से बाढ़ग्रस्त गुजरात के राहत कार्य प्रभावित होंगे साथ ही वीवीपैट की उपलब्धता को सुनिश्चित किए बिना गुजरात के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा संभव नहीं है।

 

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