कांग्रेस ने अमित शाह पर साधा निशाना, कहा-क्या गृहमंत्री के मौन समर्थन के बिना संभव था हिंसा का नंगा नाच?

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जेएनयू हमले पर दिल्ली पुलिस का बयान, नकाबपोश हमलावरों का 40 फीसदी मिलान हुआ

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्याल कैंपस में हुई हिंसा को लेकर विपक्ष बीजेपी पर निशाना साध रहा है। कांग्रेस ने गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधाते हुए कहा कि हमले में बीजेपी का हाथ है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सवाल किया है कि क्या गृहमंत्री के मौन समर्थन के बिना हिंसा का नंगा नाच हो सकता था?

Congress Targeted Amit Shah Said Was It Possible To Orgy Of Violence Without The Silent Support Of The Home Minister :

उन्होंने ट्वीट कर कहा ​है कि मोदी जी और अमित शाह जी की आखिरी देश के युवाओं और छात्रों से क्या दुश्मनी है? कभी फीस वृद्धि के नाम पर युवाओं की पिटाई, कभी सविंधान पर हमले का विरोध हो, तो छात्रों की पिटाई। अब जवाहर लाल नेहरू में हिंसा का नंगा नाच हो रहा है और वो भी सरकारी संरक्षण में!’ उन्होंने दावा किया है कि जेएनयू में हमला सुनियोजित था।

हमले को जेएनयू प्रशासन का समर्थन ​हासिल था। आरोप लगाया कि हिंसा करने वाले गुंडों का संबंध बीजेपी से था। छात्र और शिक्षक पीटे जाते रहे और दिल्ली पुलिस मूकदर्शक बनी रही। यह मोदी-शाह का छात्रों के लिए गुजरात मॉडल है। सुरजेवाला ने गृहमंत्री पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके मौन समर्थन के बिना हो सकता है। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस घटना को लेकर गृहमंत्री से जवाब मांगा है।

इस घटना की ​निंदा करते हुए दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा कि जेएनयू विश्वविद्यालय के छात्राओं के हॉस्टल में रात को घुस कर एबीवीपी के गुंडों द्वारा जो मारपीट की है उसकी मैं घोर निंदा करता हूं। दिल्ली पुलिस देखती रही। क्या भारत के गृह मंत्री पर जवाबदारी नहीं बनती? गृह मंत्री या तो इन गुंडों पर सख्त कार्रवाई करें या इस्तीफा दें।

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्याल कैंपस में हुई हिंसा को लेकर विपक्ष बीजेपी पर निशाना साध रहा है। कांग्रेस ने गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधाते हुए कहा कि हमले में बीजेपी का हाथ है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सवाल किया है कि क्या गृहमंत्री के मौन समर्थन के बिना हिंसा का नंगा नाच हो सकता था? उन्होंने ट्वीट कर कहा ​है कि मोदी जी और अमित शाह जी की आखिरी देश के युवाओं और छात्रों से क्या दुश्मनी है? कभी फीस वृद्धि के नाम पर युवाओं की पिटाई, कभी सविंधान पर हमले का विरोध हो, तो छात्रों की पिटाई। अब जवाहर लाल नेहरू में हिंसा का नंगा नाच हो रहा है और वो भी सरकारी संरक्षण में!' उन्होंने दावा किया है कि जेएनयू में हमला सुनियोजित था। हमले को जेएनयू प्रशासन का समर्थन ​हासिल था। आरोप लगाया कि हिंसा करने वाले गुंडों का संबंध बीजेपी से था। छात्र और शिक्षक पीटे जाते रहे और दिल्ली पुलिस मूकदर्शक बनी रही। यह मोदी-शाह का छात्रों के लिए गुजरात मॉडल है। सुरजेवाला ने गृहमंत्री पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके मौन समर्थन के बिना हो सकता है। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस घटना को लेकर गृहमंत्री से जवाब मांगा है। इस घटना की ​निंदा करते हुए दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा कि जेएनयू विश्वविद्यालय के छात्राओं के हॉस्टल में रात को घुस कर एबीवीपी के गुंडों द्वारा जो मारपीट की है उसकी मैं घोर निंदा करता हूं। दिल्ली पुलिस देखती रही। क्या भारत के गृह मंत्री पर जवाबदारी नहीं बनती? गृह मंत्री या तो इन गुंडों पर सख्त कार्रवाई करें या इस्तीफा दें।