कांग्रेस ने किया ऐलान, केन्द्र में सरकार बनने के बाद लाया जाएगा जीएसटी-2

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कांग्रेस ने किया ऐलान, केन्द्र में सरकार बनने के बाद लाया जाएगा जीएसटी-2

नई दिल्ली। राहुल गांधी ने जीएसटी को अहितकारी करार देते हुए एक बड़ा ऐलान किया हैं उन्होने कहा कि केंद्र में सरकार बनने पर जीएसटी से अलग जीएसटी-2 लाया जाएगा। इसमें टैक्स की दो या तीन श्रेणी ही होगी। उन्होने बताया कि पार्टी लोकसभा चुनाव के घोषणापत्र में भी इसे शामिल करेगी। इस दौरान उन्होने ​दोहराया कि पेट्रोलियम और बिजली को भी जीएसटी के दायरे में लाया जाना चाहिए। पंजाब के वित्त मंत्री और जीएसटी काउंसिल के सदस्य मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि मौजूदा जीएसटी को आधी-अधूरी तैयारी के साथ लागू किया गया। जिसमें कई संशोधन किए गए, बावजूद इसके कई खामिया बची हुई है।

Congress Will Bring Gst 2 If Government To The Center :

उन्होने ने कहा कि कांग्रेस चार उद्देश्यों को लेकर आगे बढ़ी है। जिसमें देश की अर्थव्यवस्था मजबूत करना, टैक्स के ढांचे को सरल करना, राजस्व बढ़े और टैक्स की दरें तार्किक और युक्ति संगत हो। बादल ने कहा कि 18 महीने में इतने बदलाव किए गए कि सरकार भी समझने लगी है कि अब इसमें सुधार संभव नहीं है। मेरा मानना है कि नई पीढ़ी के जीएसटी-2 की ही जरूरत पड़ेगी।

कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा कि जीएसटी लाते समय कहा कि गया कि वन नेशन वन पेंशन, फिर भी जीएसटी में सात श्रेणियां है। उन्होंने कहा कि 18 महीनों में काउंसिल की 31 बैठक हो चुकी हैं। यानि एक महीना तो बैठक में हीं निकल गया फिर भी राजस्व का लक्ष्य भी पूरा नहीं हो पा रहा है। उन्होने याद दिलाया कि अभी दो महीनों में ही ऐसा हुआ जबकि 10-12 हजार करोड़ राजस्व कम आ रहा है।

नई दिल्ली। राहुल गांधी ने जीएसटी को अहितकारी करार देते हुए एक बड़ा ऐलान किया हैं उन्होने कहा कि केंद्र में सरकार बनने पर जीएसटी से अलग जीएसटी-2 लाया जाएगा। इसमें टैक्स की दो या तीन श्रेणी ही होगी। उन्होने बताया कि पार्टी लोकसभा चुनाव के घोषणापत्र में भी इसे शामिल करेगी। इस दौरान उन्होने ​दोहराया कि पेट्रोलियम और बिजली को भी जीएसटी के दायरे में लाया जाना चाहिए। पंजाब के वित्त मंत्री और जीएसटी काउंसिल के सदस्य मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि मौजूदा जीएसटी को आधी-अधूरी तैयारी के साथ लागू किया गया। जिसमें कई संशोधन किए गए, बावजूद इसके कई खामिया बची हुई है। उन्होने ने कहा कि कांग्रेस चार उद्देश्यों को लेकर आगे बढ़ी है। जिसमें देश की अर्थव्यवस्था मजबूत करना, टैक्स के ढांचे को सरल करना, राजस्व बढ़े और टैक्स की दरें तार्किक और युक्ति संगत हो। बादल ने कहा कि 18 महीने में इतने बदलाव किए गए कि सरकार भी समझने लगी है कि अब इसमें सुधार संभव नहीं है। मेरा मानना है कि नई पीढ़ी के जीएसटी-2 की ही जरूरत पड़ेगी। कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा कि जीएसटी लाते समय कहा कि गया कि वन नेशन वन पेंशन, फिर भी जीएसटी में सात श्रेणियां है। उन्होंने कहा कि 18 महीनों में काउंसिल की 31 बैठक हो चुकी हैं। यानि एक महीना तो बैठक में हीं निकल गया फिर भी राजस्व का लक्ष्य भी पूरा नहीं हो पा रहा है। उन्होने याद दिलाया कि अभी दो महीनों में ही ऐसा हुआ जबकि 10-12 हजार करोड़ राजस्व कम आ रहा है।