हिमाचल और गुजरात चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे राहुल गांधी

नई दिल्ली। सोमवार को 10 जनपथ पर समपन्न हुई कांग्रेस राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी ने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए प्रस्ताव पास किया है। इस प्रस्ताव के मुताबिक 19 दिसंबर को पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल जाएगा। इस दौड़ में कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी को अकेला दावेदार माना जा रहा है। इससे पहले खबरें आ रहीं थीं कि राहुल गांधी गुजरात चुनाव के लिए होने वाले मतदान से पहले पार्टी की कमान अपने हाथों में ले सकते हैं, लेकिन अब स्पष्ट हो चुका है कि 18 दिसंबर को सामने आने वाले हिमाचल और गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद ही वह औपचारिक रूप से बड़ी जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेंगे।

Congress Will Get New President After Results Of Himachal And Gujarat Polls Gujarat Election Results :

राहुल गांधी को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना तय होने के बावजूद पार्टी ने उनकी ताजपोशी को लोकतांत्रिक तरीके से सम्पन्न करवाने के लिए चुनाव का रास्ता चुना है। जिसके तहत पार्टी के 1 दिसंबर को चुनाव के लिए अधिसूचना जारी करेगी जिसके लिए 4 दिसंबर तक नामांकन दाखिल किया जा सकेगा। 16 दिसंबर को मतदान करवाया जाएगा, जिसके परिणाम की घोषणा 19 दिसंबर को होने के साथ नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को शपथ ग्रहण करवाई जाएगी।

अब देखना ये होगा कि राहुल गांधी के शपथग्रहण समारोह से पहले कांग्रेस के लिए गुजरात या हिमाचल प्रदेश कहां से अच्छी खबर आती है। गुजरात में राहुल गांधी की सक्रियता को देखते हुए कहा जा सकता है, कि कांग्रेस को हिमाचल से ज्यादा उम्मीद गुजरात से है। गुजरात में कांग्रेस भाजपा को हराकर न सिर्फ सूबे की ​सत्ता में वापसी का दम भर रही है बल्कि देश की राजनीति में भी भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकल्प के रूप में कांग्रेस और राहुल गांधी को स्थापित करने की उम्मीद भी पालती नजर आ रही है।

नई दिल्ली। सोमवार को 10 जनपथ पर समपन्न हुई कांग्रेस राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी ने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए प्रस्ताव पास किया है। इस प्रस्ताव के मुताबिक 19 दिसंबर को पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल जाएगा। इस दौड़ में कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी को अकेला दावेदार माना जा रहा है। इससे पहले खबरें आ रहीं थीं कि राहुल गांधी गुजरात चुनाव के लिए होने वाले मतदान से पहले पार्टी की कमान अपने हाथों में ले सकते हैं, लेकिन अब स्पष्ट हो चुका है कि 18 दिसंबर को सामने आने वाले हिमाचल और गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद ही वह औपचारिक रूप से बड़ी जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेंगे। राहुल गांधी को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना तय होने के बावजूद पार्टी ने उनकी ताजपोशी को लोकतांत्रिक तरीके से सम्पन्न करवाने के लिए चुनाव का रास्ता चुना है। जिसके तहत पार्टी के 1 दिसंबर को चुनाव के लिए अधिसूचना जारी करेगी जिसके लिए 4 दिसंबर तक नामांकन दाखिल किया जा सकेगा। 16 दिसंबर को मतदान करवाया जाएगा, जिसके परिणाम की घोषणा 19 दिसंबर को होने के साथ नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को शपथ ग्रहण करवाई जाएगी। अब देखना ये होगा कि राहुल गांधी के शपथग्रहण समारोह से पहले कांग्रेस के लिए गुजरात या हिमाचल प्रदेश कहां से अच्छी खबर आती है। गुजरात में राहुल गांधी की सक्रियता को देखते हुए कहा जा सकता है, कि कांग्रेस को हिमाचल से ज्यादा उम्मीद गुजरात से है। गुजरात में कांग्रेस भाजपा को हराकर न सिर्फ सूबे की ​सत्ता में वापसी का दम भर रही है बल्कि देश की राजनीति में भी भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकल्प के रूप में कांग्रेस और राहुल गांधी को स्थापित करने की उम्मीद भी पालती नजर आ रही है।