जम्मू-कश्मीर : कांग्रेस नही देगी महबूबा मुफ्ती का साथ

gulam nabi ajad
जम्मू—कश्मीर: कांग्रेस नही देगी महबूबा मुफ्ती का साथ

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने लॉ एण्ड आर्डर में पूरी तरह फेल होने का आरोप मढ़ते हुए मंगलवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ अपना सियासी रिस्ता तोड़ लिया। जिसके में वहां पीडीपी की सरकार गिर गई। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि महबूबा मुफ्ती कांग्रेस का हाथ पकड़कर जम्मू—कश्मीर में सरकार बना सकती है, लेकिन इन सभी अटकलों को पूरी तरह से विराम देते हुए कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा में विपक्ष के नेता का बयान आ गया।

Congress Will Not Suport Pdp In Jammu And Kashmir :

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने गुलाम नबी आजाद ने पत्रकारों कहा कि भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन करके बहुत बड़ी गलती की थी। उन्होने कहा कि भाजपा राष्ट्रीय पार्टी हैं, उसका पीडीपी के साथ कोई मेल नही था। आजाद ने कहा कि गठबंधन के लिए क्षेत्रीय पार्टियों को छोड़ देना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि इस गठबंधन ने जम्मू—कश्मीर को आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर कर दिया है। आलम ये है कि राज्य आज बदहाली की स्थिती में आ गया है। पीडीपी के साथ गठबंधन के सवाल पर उन्होने कहा कि इस गठबंधन का तो कोई सवाल ही नही उठता है। अब ऐसे में राज्य में सिर्फ राष्ट्रपति शासन का ही विकल्प बचता है।

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने लॉ एण्ड आर्डर में पूरी तरह फेल होने का आरोप मढ़ते हुए मंगलवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ अपना सियासी रिस्ता तोड़ लिया। जिसके में वहां पीडीपी की सरकार गिर गई। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि महबूबा मुफ्ती कांग्रेस का हाथ पकड़कर जम्मू—कश्मीर में सरकार बना सकती है, लेकिन इन सभी अटकलों को पूरी तरह से विराम देते हुए कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा में विपक्ष के नेता का बयान आ गया।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने गुलाम नबी आजाद ने पत्रकारों कहा कि भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन करके बहुत बड़ी गलती की थी। उन्होने कहा कि भाजपा राष्ट्रीय पार्टी हैं, उसका पीडीपी के साथ कोई मेल नही था। आजाद ने कहा कि गठबंधन के लिए क्षेत्रीय पार्टियों को छोड़ देना चाहिए।कांग्रेस नेता ने कहा कि इस गठबंधन ने जम्मू—कश्मीर को आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर कर दिया है। आलम ये है कि राज्य आज बदहाली की स्थिती में आ गया है। पीडीपी के साथ गठबंधन के सवाल पर उन्होने कहा कि इस गठबंधन का तो कोई सवाल ही नही उठता है। अब ऐसे में राज्य में सिर्फ राष्ट्रपति शासन का ही विकल्प बचता है।