1. हिन्दी समाचार
  2. ढाई साल में पूरा हो सकता है राम मंदिर का निर्माण, आएगा इतना खर्च

ढाई साल में पूरा हो सकता है राम मंदिर का निर्माण, आएगा इतना खर्च

Construction Of Ram Temple Can Be Completed In Two And A Half Years It Will Cost So Much

By रवि तिवारी 
Updated Date

अयोध्या। सुप्रीम कोर्ट द्वारा शनिवार को राम मंदिर निर्माण का फैसला दिए जाने के बाद सबसे जेहन में पहला सवाल यह है कि मंदिर निर्माण कितने समय में पूरा हो जाएगा? विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने 30 साल पहले गुजरात के आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई सोमपुरा से राम मंदिर का मॉडल बनवाया था।

पढ़ें :- गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या: राष्ट्रपति ने कहा-सैनिकों की बहादुरी पर हम सभी देशवासियों को गर्व है

जिन्होंने राम मंदिर का डिजाइन (Ram Temple Model) तैयार किया है। उनके ही बनाए गए मॉडल को दर्शन के लिए अयोध्या के कारसेवकपुरम में रखा गया है। यह जगह विश्व हिंदू परिषद (VHP) का मुख्यालय है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद चंद्रकांत भाई अब मंदिर निर्माण को लेकर खासा उत्साहित हैं।

राम मंदिर का डिजाइन 6 बार तैयार किया गया था

चंद्रकांत ने बताया- हमारा काम देखने के बाद ही 30 साल पहले विहिप ने हमसे संपर्क किया था। अशोक सिंघल ने हमसे मंदिर का मॉडल बनाने को कहा था। उसी वक्त मंदिर के मॉडल और पत्थर तराशने का काम शुरू हुआ था। मंदिर का डिजाइन तैयार करने में 6 महीने लगए। हमने 6 बार अलग-अलग डिजाइन तैयार किए। इसके बाद सिंघल और उनकी टीम को नागर शैली से बना डिजाइन पसंद आया।  

स्थापत्य की खासियत कुछ ऐसी होंगी

पढ़ें :- गूगल की Gmail यूर्जस को चेतावनी, शर्तें और नियम ना मानने पर बन्द हो जाएंगी ये सुविधायें

1. इसे 150 फुट चौड़ा, 270 फुट लंबा और 270 फुट ऊंचे गुम्बद आकार में रचा जाएगा।
2. इसमें सिंह द्वार, नृत्य मंडप, रंग मंडप, कोली, गर्भ गृह के सुंदर प्रवेश द्वार होंगे।
3. फर्श पर संगमरमर का इस्तेमाल होगा, बाकी निर्माण पत्थर भरतपुर से लाए जाएंगे।
4. मंदिर आधार से शिखर तक चार कोण का और गर्भ गृह आठ कोण का होगा, परिक्रमा वृत्ताकार।
5. मॉडल दो मंजिला है, भूतल पर मंदिर और ऊपरी मंजिल पर राम दरबार होगा।
6. मंदिर में 221 स्तंभ होंगे, हर एक पर देवी-देवताओं की 12 आकृतियां बनी होंगी।
7. मंदिर में ही संत निवास, शोध केंद्र, कर्मचारी आवास, भोजनालय आदि भी होगा।

निर्माण में नहीं होगा लोहे का इस्तेमाल

राम मंदिर के निर्माण में लोहे का इस्तेमाल नहीं होगा। इसकी वजह स्थापत्य को पत्थरों के जरिए मंदिर को मजबूती देना बताई जाती है। वहीं, भगवान राम की प्रतिमा और राम दरबार का निर्माण होगा। मुख्य मंदिर में सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और भगवान गणेश की प्रतिमाएं भी उनके इर्द-गिर्द होंगी।  

 

पढ़ें :- किसान आंदोलन : कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का दावा, जल्द समाप्त होगा किसानों का प्रदर्शन

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...