डीयू के पत्रकारिता के सिलेबस में RSS की बुरी छवि पेश करने को लेकर विवाद

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डीयू के पत्रकारिता के सिलेबस में RSS की बुरी छवि पेश करने को लेकर विवाद

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में पत्रकारिता पाठ्यक्रम में आरएसएस(RRS) की बुरी छवी पेश करने को लेकर विवाद शुरू हो गया है। डीयू की अकादमिक परिषद के एक सदस्य ने आरोप लगाया है कि अंग्रेजी पत्रकारिता के अपडेटेड सिलेबस में मुजफ्फरनगर दंगों और भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटनाओं पर पाठ शामिल हैं, जो आरएसएस और उससे जुड़े संगठनों को निशाना बनाने का प्रयास हैं।

Controversy Over Introducing Rsss Bad Image In Delhi University Journalism Syllabus :

विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद के सदस्य रसल सिंह ने यह भी कहा कि ऐसे चैप्टर्स की स्रोत सामग्री कुछ पक्षपाती समाचार पोर्टलों से ली गई है जो अक्सर सरकार की आलोचना करते हैं। उन्होंने कहा, ‘वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उससे जुड़े संगठनों, यहां तक कि हमारे प्रधानमंत्री को भी निशाना बना रहे हैं। मैं अकादमिक परिषद की सोमवार की बैठक में यह मुद्दा उठाउंगा और सुनिश्चित करूंगा कि इसे अनुमति न मिले।’

इस बीच अंग्रेजी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर राज कुमार ने कहा कि उनके विभाग का रुख किसी भी समुदाय की भावनाओं को आहत न करने को लेकर दृढ़ है। सूत्रों ने बताया कि मुद्दे को यूनिवर्सिटी की स्नातक पाठ्यक्रम संशोधन समिति पहले से ही उठा चुकी है और विवादित हिस्सों में सुधार होगा।

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में पत्रकारिता पाठ्यक्रम में आरएसएस(RRS) की बुरी छवी पेश करने को लेकर विवाद शुरू हो गया है। डीयू की अकादमिक परिषद के एक सदस्य ने आरोप लगाया है कि अंग्रेजी पत्रकारिता के अपडेटेड सिलेबस में मुजफ्फरनगर दंगों और भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटनाओं पर पाठ शामिल हैं, जो आरएसएस और उससे जुड़े संगठनों को निशाना बनाने का प्रयास हैं। विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद के सदस्य रसल सिंह ने यह भी कहा कि ऐसे चैप्टर्स की स्रोत सामग्री कुछ पक्षपाती समाचार पोर्टलों से ली गई है जो अक्सर सरकार की आलोचना करते हैं। उन्होंने कहा, 'वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उससे जुड़े संगठनों, यहां तक कि हमारे प्रधानमंत्री को भी निशाना बना रहे हैं। मैं अकादमिक परिषद की सोमवार की बैठक में यह मुद्दा उठाउंगा और सुनिश्चित करूंगा कि इसे अनुमति न मिले।' इस बीच अंग्रेजी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर राज कुमार ने कहा कि उनके विभाग का रुख किसी भी समुदाय की भावनाओं को आहत न करने को लेकर दृढ़ है। सूत्रों ने बताया कि मुद्दे को यूनिवर्सिटी की स्नातक पाठ्यक्रम संशोधन समिति पहले से ही उठा चुकी है और विवादित हिस्सों में सुधार होगा।