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तिरुपति बालाजी में कोरोना: मंदिर स्टाफ में 140 कोरोना पॉजिटिव, दर्शन के लिए मंदिर बंद

By टीम पर्दाफाश 
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नई दिल्ली: कोरोना वायरस का कहर दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है। 10 लाख के पार पहुंचा आंकड़ा, इतने ज्यादा पुख्ता इंतजामात किये जाने पर भी आंध्र प्रदेश में स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर में पहुचा कोरोना, अभी तक ट्रस्ट के 140 से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। इनमें 14 अर्चक (पुजारी) शामिल हैं। जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना संक्रमण की अधिकता होने की वजह से अब मंदिर में कुछ दिन के लिए दर्शन बंद करने के लिए कर्मचारी संगठन और राजनीतिक दल दबाव बना रहे हैं। हालांकि, ट्रस्ट फिलहाल ऐसा करने के लिए तैयार नहीं है।

मंदिर खोलने के 2 दिन बाद आने लगे केस

8 जून को अनलॉक-1 के तहत मंदिर खोला गया था। 11 जून से यह आम लोगों के लिए खोल दिया गया था। इसके 2 दिन बाद ही 13 जून से मंदिर के स्टाफ में कोरोना के केस आने लगे थे। यहां करीब 6 हजार से शुरू हुई श्रद्धालुओं की संख्या 15 हजार तक गई, लेकिन मंदिर में कोरोना का असर देखते हुए अब भीड़ कम हो रही है। अभी रोज 8 से 9 हजार श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं।

मंदिर स्टाफ में 140 कोरोना पॉजिटिव, दर्शन के लिए मंदिर बंद

मंदिर में संक्रमण कि अधिकता होने पर अब यहां दर्शन बंद करने की मांग की जा रही है। गुरुवार को कर्मचारी संगठनों ने भी ट्रस्ट से मांग की है कि मंदिर को फिलहाल पूरी तरह से बंद कर दिया जाए, ताकि बाकी मंदिर कर्मचारियों और पुजारियों में कोरोना फैलने से रोका जा सके। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी आंध्र सरकार से मांग की है कि स्थिति को बिगड़ने से पहले जरूरी कदम उठाने चाहिए। अगर यह जरूरी कदम नहीं उठाया जायेगा तो कोरोना का रूप और भी बिकराल हो सकता है। जिसका अंजाम बहुत ही भयानक होगा।
ट्रस्ट के अध्यक्ष वाईवी सुब्बारेड्डी का कहना है कि मंदिर में स्थिति अभी नियंत्रण में है, इसलिए मंदिर फिर से बंद करने का कोई मतलब नहीं है। जो कर्मचारी पॉजिटिव आए हैं, उन्हें क्वारैंटाइन किया गया है।

इतनी सुरक्षा के बाद भी बढ़ रहे केस

तिरुपति बालाजी मंदिर में मंदिर में प्रवेश करते समय फव्वारों के जरिए लगातार सेनेटाइजेशन होता रहता है। तिरुपति बालाजी भारत का शायद इकलौता मंदिर है जहां कोरोना संक्रमण से बचने के लिए ट्राय ओजोन स्प्रे सिस्टम लगाया गया है। इसमें मंदिर में आने वाले लोगों पर पूरे समय डिसइंफेक्टेंट का छिड़काव होता रहता है। जहां से लोग मंदिर में प्रवेश करते हैं और कतार में लगते हैं वहां फव्वारों के जरिए लगातार सेनेटाइजेशन होता रहता है। इसके बावजूद मंदिर में कोरोना पॉजिटिव केस की संख्या लगातार बढ़ रही है।

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