कोरोना: लॉकडाउन में फर्जी दरोगा खाकी वर्दी पहन काट रहा था चालान, धरा गया

farji daroga
कोरोना: लॉकडाउन में फर्जी दरोगा खाकी वर्दी पहन काट रहा था चालान, धरा गया

देहरादून। जहां एक तरफ आज इस महामारी में देश के अन्दर लोग बढ़ चढ़कर एक दूसरे की मदद कर रहे हैं, सरकार भी मदद के साथ साथ लोगों से आग्रह कर रही है कि आपके आस पास कोई भी भूखा न रह जाये। वहीं लॉकडाउन के दौरान एक फर्जी दरोगा वर्दी पहनकर लोगों के साथ वसूली कर रहा था। इस दौरान फर्जी दारोगा रोजमर्रा की चीजें इकट्ठी करने निकले लोगों को धमकाकर उनके फर्जी चालान काटकर पैसे वसूलता पकड़ा गया है।

Corona Challan Wearing Fake Khaki Uniform In Lockdown Challan Was Caught :

यह मामला उत्तराखंउ के देहरादून का है। देहरादून के एसपी सिटी ने बताया, ‘हेमंत अग्रवाल नाम के शख्स को इस फर्जी दारोगा की हरकतों पर शक हुआ। चूंकि फर्जी दारोगा खाकी वर्दी पहने था। डील-डौल से भी पुलिस अफसर लग रहा था। लिहाजा शक होने के बाद भी पीड़ित ने उससे उलझने के बजाये देहरादून कैंट थाने से शिकायत करना ज्यादा मुनासिब समझा।

एसपी सिटी के मुताबिक, ‘हेमंत अग्रवाल की शिकायत पर 24 मार्च (मंगलवार) को संदिग्ध कथित दारोगा के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद उसे दबोचने के लिए टीमें बना दी गयीं। पड़ताल के दौरान क्षेत्राधिकारी (सर्किल अफसर) मसूरी को इस फर्जी दारोगा के बारे में कई खास जानकारी मिल गयीं।’

सीओ मसूरी नरेंद्र पंत, थानाध्यक्ष देहरादून कैंट संजय मिश्रा, सब-इंस्पेक्टर राजेश सिंह और सिपाही सुभाष की अलग अलग टीमों ने संदिग्ध दारोगा को दबोचने के लिए घेराबंदी कर दी। इसी बीच 25 मार्च यानी बुधवार को पुलिस टीमों को पता चला कि, आरोपी ने अनार वाला सर्किट हाउस इलाके में भी कई लोगों को उत्तराखंड पुलिस का दारोगा बनकर ठगा है। टीमों ने 25 मार्च को आरोपी को घेरकर दबोच लिया।

देहरादून पुलिस प्रवक्ता ने कहा, ‘गिरफ्तार फर्जी दारोगा राजेंद्र उर्फ राजन (32) मूलत: पंजाब के पुराना दाना मंडी मोगा का रहने वाला है। वर्तमान में कैंट थाना क्षेत्र देहरादून में रह रहा था। आरोपी के पास से देहरादून पुलिस ने ठगी से हासिल 4 हजार से ज्यादा रुपये, सब इंस्पेक्टर की वर्दी, स्कूटी भी जब्त कर ली है। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कबूला कि उसका एक भाई पंजाब नारकोटिक्स विभाग में तैनात है।’

देहरादून। जहां एक तरफ आज इस महामारी में देश के अन्दर लोग बढ़ चढ़कर एक दूसरे की मदद कर रहे हैं, सरकार भी मदद के साथ साथ लोगों से आग्रह कर रही है कि आपके आस पास कोई भी भूखा न रह जाये। वहीं लॉकडाउन के दौरान एक फर्जी दरोगा वर्दी पहनकर लोगों के साथ वसूली कर रहा था। इस दौरान फर्जी दारोगा रोजमर्रा की चीजें इकट्ठी करने निकले लोगों को धमकाकर उनके फर्जी चालान काटकर पैसे वसूलता पकड़ा गया है। यह मामला उत्तराखंउ के देहरादून का है। देहरादून के एसपी सिटी ने बताया, 'हेमंत अग्रवाल नाम के शख्स को इस फर्जी दारोगा की हरकतों पर शक हुआ। चूंकि फर्जी दारोगा खाकी वर्दी पहने था। डील-डौल से भी पुलिस अफसर लग रहा था। लिहाजा शक होने के बाद भी पीड़ित ने उससे उलझने के बजाये देहरादून कैंट थाने से शिकायत करना ज्यादा मुनासिब समझा। एसपी सिटी के मुताबिक, 'हेमंत अग्रवाल की शिकायत पर 24 मार्च (मंगलवार) को संदिग्ध कथित दारोगा के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद उसे दबोचने के लिए टीमें बना दी गयीं। पड़ताल के दौरान क्षेत्राधिकारी (सर्किल अफसर) मसूरी को इस फर्जी दारोगा के बारे में कई खास जानकारी मिल गयीं।' सीओ मसूरी नरेंद्र पंत, थानाध्यक्ष देहरादून कैंट संजय मिश्रा, सब-इंस्पेक्टर राजेश सिंह और सिपाही सुभाष की अलग अलग टीमों ने संदिग्ध दारोगा को दबोचने के लिए घेराबंदी कर दी। इसी बीच 25 मार्च यानी बुधवार को पुलिस टीमों को पता चला कि, आरोपी ने अनार वाला सर्किट हाउस इलाके में भी कई लोगों को उत्तराखंड पुलिस का दारोगा बनकर ठगा है। टीमों ने 25 मार्च को आरोपी को घेरकर दबोच लिया। देहरादून पुलिस प्रवक्ता ने कहा, 'गिरफ्तार फर्जी दारोगा राजेंद्र उर्फ राजन (32) मूलत: पंजाब के पुराना दाना मंडी मोगा का रहने वाला है। वर्तमान में कैंट थाना क्षेत्र देहरादून में रह रहा था। आरोपी के पास से देहरादून पुलिस ने ठगी से हासिल 4 हजार से ज्यादा रुपये, सब इंस्पेक्टर की वर्दी, स्कूटी भी जब्त कर ली है। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कबूला कि उसका एक भाई पंजाब नारकोटिक्स विभाग में तैनात है।'