अर्थव्यवस्था पर ‘कोरोना इफेक्ट’, विकास दर 3.5 फीसदी पर जाने का अनुमान

gdp

नई दिल्ली। कोरोना वायरस का खतरा देशभर में लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं माना जा रहा है कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी तगड़ा झटका लग सकता है। विशेष तौर पर 21 दिनों के लाॅकडाउन के चलते आगामी दिनों में जीडीपी रिपोर्ट में बड़ी कटौती हो सकती है।

Corona Effect On Economy Growth Rate Estimated At 3 5 Persent :

घरेलू रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की माने तो अगले वित्तीय-वर्ष बेहद खराब हो सकता है। बता दे कि क्रिसिल वित्त वर्ष 2020-21 के लिए विकास दर का अनुमान घटाकर 3.5 फीसदी कर दिया है। जबकि इससे पहले रेटिंग एजेंसी की ओर से वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 5.2 फीसदी की विकास दर का अनुमान लगाया गया था।

दरअसल, क्रिसिल ने वित्त-वर्ष 2020-21 के लिए विकास दर में 170 इचे की कटौती की है। रेटिंग एजेंसी के मुताबिक वर्तमान परिस्थिति को देखकर लगता है कि अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर विश्व समेत भारत के सामने भी बड़ी चुनौती है।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस का खतरा देशभर में लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं माना जा रहा है कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी तगड़ा झटका लग सकता है। विशेष तौर पर 21 दिनों के लाॅकडाउन के चलते आगामी दिनों में जीडीपी रिपोर्ट में बड़ी कटौती हो सकती है। घरेलू रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की माने तो अगले वित्तीय-वर्ष बेहद खराब हो सकता है। बता दे कि क्रिसिल वित्त वर्ष 2020-21 के लिए विकास दर का अनुमान घटाकर 3.5 फीसदी कर दिया है। जबकि इससे पहले रेटिंग एजेंसी की ओर से वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 5.2 फीसदी की विकास दर का अनुमान लगाया गया था। दरअसल, क्रिसिल ने वित्त-वर्ष 2020-21 के लिए विकास दर में 170 इचे की कटौती की है। रेटिंग एजेंसी के मुताबिक वर्तमान परिस्थिति को देखकर लगता है कि अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर विश्व समेत भारत के सामने भी बड़ी चुनौती है।