कोरोना इफेक्ट: महिला ने दिया जुड़वा बच्चों को जन्म, एक का नाम रखा क्वारेंटाइन दूसरे का सैनेटाइजर

Corona effect
कोरोना इफेक्ट: महिला ने दिया जुड़वा बच्चों को जन्म, एक का नाम रखा क्वारेंटाइन दूसरे का सैनेटाइजर

मेरठ। देश में कोरोना का कहर बढ़ता चला जा रहा है वहीं अब लोग इससे जुड़े नामों को लेकर भी चर्चा में आने का पूरा प्रयास कर रहे हैंं. हाल ही में सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल हुए जिनमे कुछ महिलाएं अध्यापक बनकर छात्रों की हाजरी लेती हैं ओर उसमे नाम सैनेटाइजर, कोविड 19, लॉकडाउन जैसे नाम लिए जाते हैं. वहीं अब मेरठ से ऐसी खबर सामने आ रही है जिससे प्रतीत हो रहा है कि कोरोना काल, लॉकडाउन ने लोगों के जीवन पर कितना गहरा असर डाला है. ऐसी ही एक खबर आई है. यहां एक महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया और उनका नाम क्वारेंटाइन और सैनेटाइज़र रखा है.

Corona Effect Woman Gave Birth To Twins One Named Quarantine The Others Sanitizer :

मामला मेरठ के मोदीपुरम क्षेत्र के पबरसा गांव का है. यहां रहने वाले दंपति वेनू और धर्मेन्द्र के इस कदम के बाद पूरे गांव में जुड़वा बच्चों के नाम चर्चा का विषय बने हुए हैं. इन जुड़वा बच्चों के माता-पिता का कहना है कि क्वारेंटाइन और सैनेटाइज़र अब उनकी ज़िन्दगी का अहम हिस्सा हो गए हैं. ये दोनों चीज़े हमें सुरक्षा देती हैं. लिहाज़ा सुरक्षा का ये अहसास आजीवन बना रहे इसलिए उन्होंने अपने बच्चों का नाम क्वारेंटाइन और सैनेटाइज़र रखा है.

मेरठ के मोदीपुरम क्षेत्र के पबरसा गांव के रहने वाले वेनू और धर्मेन्द्र के एक बेटी पहले से है, जिसका नाम मनी है. क्वारेंटाइन और सैनेटाइज़र की मां का कहना है कि डिलीवरी के वक्त उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. उन्हें हर जगह कोविड टेस्ट के लिए कहा गया. जिन महिला डॉक्टर को वो दिखा रही थीं, उन्होंने कह दिया कि जब तक कोविड 19 का टेस्ट नहीं होगा वो मरीज़ भर्ती नहीं करेंगी. ऐसे मौके पर जब कोई भी डॉक्टर डिलीवरी करने को राज़ी नहीं था तो डॉ प्रतिमा तोमर उनका सहारा बनीं. उन्होंने कोविड जांच भी कराई और सेफ डिलीवरी भी कराई. कोविड की जांच और बच्चों की सेफ डिलीवरी के बाद उन्हें क्वारेंटाइन और सैनेटाइज़र शब्द सुरक्षा के पर्यायवाची लगे, लिहाज़ा उन्होंने अपने बच्चों का नाम यही रख दिया.

मेरठ। देश में कोरोना का कहर बढ़ता चला जा रहा है वहीं अब लोग इससे जुड़े नामों को लेकर भी चर्चा में आने का पूरा प्रयास कर रहे हैंं. हाल ही में सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल हुए जिनमे कुछ महिलाएं अध्यापक बनकर छात्रों की हाजरी लेती हैं ओर उसमे नाम सैनेटाइजर, कोविड 19, लॉकडाउन जैसे नाम लिए जाते हैं. वहीं अब मेरठ से ऐसी खबर सामने आ रही है जिससे प्रतीत हो रहा है कि कोरोना काल, लॉकडाउन ने लोगों के जीवन पर कितना गहरा असर डाला है. ऐसी ही एक खबर आई है. यहां एक महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया और उनका नाम क्वारेंटाइन और सैनेटाइज़र रखा है. मामला मेरठ के मोदीपुरम क्षेत्र के पबरसा गांव का है. यहां रहने वाले दंपति वेनू और धर्मेन्द्र के इस कदम के बाद पूरे गांव में जुड़वा बच्चों के नाम चर्चा का विषय बने हुए हैं. इन जुड़वा बच्चों के माता-पिता का कहना है कि क्वारेंटाइन और सैनेटाइज़र अब उनकी ज़िन्दगी का अहम हिस्सा हो गए हैं. ये दोनों चीज़े हमें सुरक्षा देती हैं. लिहाज़ा सुरक्षा का ये अहसास आजीवन बना रहे इसलिए उन्होंने अपने बच्चों का नाम क्वारेंटाइन और सैनेटाइज़र रखा है. मेरठ के मोदीपुरम क्षेत्र के पबरसा गांव के रहने वाले वेनू और धर्मेन्द्र के एक बेटी पहले से है, जिसका नाम मनी है. क्वारेंटाइन और सैनेटाइज़र की मां का कहना है कि डिलीवरी के वक्त उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. उन्हें हर जगह कोविड टेस्ट के लिए कहा गया. जिन महिला डॉक्टर को वो दिखा रही थीं, उन्होंने कह दिया कि जब तक कोविड 19 का टेस्ट नहीं होगा वो मरीज़ भर्ती नहीं करेंगी. ऐसे मौके पर जब कोई भी डॉक्टर डिलीवरी करने को राज़ी नहीं था तो डॉ प्रतिमा तोमर उनका सहारा बनीं. उन्होंने कोविड जांच भी कराई और सेफ डिलीवरी भी कराई. कोविड की जांच और बच्चों की सेफ डिलीवरी के बाद उन्हें क्वारेंटाइन और सैनेटाइज़र शब्द सुरक्षा के पर्यायवाची लगे, लिहाज़ा उन्होंने अपने बच्चों का नाम यही रख दिया.