1. हिन्दी समाचार
  2. खबरें
  3. कोरोना: बुजुर्ग 2 महीने बाद अस्पताल से हुए डिस्चार्ज, 8 करोड़ का आया बिल

कोरोना: बुजुर्ग 2 महीने बाद अस्पताल से हुए डिस्चार्ज, 8 करोड़ का आया बिल

By रवि तिवारी 
Updated Date

कोरोना संक्रमण (Coronavirus) से जूझ रहे अमेरिका (US) में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां कोरोना संक्रमण (Covid-19) के एक मरीज को अस्पताल ने 11 लाख डॉलर करीब 8.14 करोड़ रुपये का बिल थमा दिया है. मिली जानकारी के मुताबिक माइकल फ्लोर नाम के शख्स का ईशाक स्थित स्वीडिश मेडिकल सेंटर में इलाज चल रहा था. उनका 62 दिन तक इलाज चल था और बिल के मामले में उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम कर दिया है, हालांकि सामने आ रहा है कि उन्हें सरकार राहत दे सकती है.

सिएटल टाइम्स की खबर के मुताबिक फ्लोर बीमारी की वजह से इतने कमजोर हो गए थे कि उनकी पत्नी और बच्चे भी उनके ठीक होने की उम्मीद छोड़ चुके थे. फ्लोर ने बताया कि उनके इलाज के एवज में 11 लाख डॉलर का बिल दिया गया है. उल्लेखनीय है कि फ्लोर ने स्वीडिश मेडिकल सेंटर में 62 दिनों तक कोरोना वायरस से लड़ाई लड़ी और अस्पताल में सबसे लंबे समय तक इलाज कराने वाले मरीज हैं.

अखबार के मुताबिक फ्लोर के पास स्वास्थ्य बीमा है जिसमें छह हजार डॉलर की कटौती के बाद सामान्य तौर पर सभी खर्चे बीमित होने का प्रावधान है. कांग्रेस (संसद) ने कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए विशेष कानून लागू किया है और संभव है कि फ्लोर को कोई भुगतान नहीं करना पड़ा. फ्लोर ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को मात देने से वह स्वयं चकित हैं. उन्होंने कहा, ‘जिंदा बच जाने से मैं ग्लानि महसूस कर रहा हूं.’ फ्लोर ने कहा, ‘मुझमें यह भाव है, क्यों मैं… इलाज पर इतने खर्च के बाद बचने वाले व्यक्ति की ग्लानि को बढ़ाता है.’

अमेरिकी कोरोना एक्सपर्ट ने दी चेतावनी

उधर अमेरिका के शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एंथनी फॉसी ने चेतावनी दी है कि देश में कोरोनो वायरस संक्रमण फैलना रुक नहीं रहा है और ऐसे में विदेश यात्रा पर लगी पाबंदी हटाने में महीनों का वक्त लग सकता है. जानकारों का मानना है कि यहां लॉकडाउन में ढील दिए जाने के बाद कोरोना की दूसरी लहर का ख़तरा पैदा हो सकता है. लॉकडाउन में राहत दिए जाने के बाद यहां कई शहरों में कोरोना संक्रमण के अधिक मामले सामने आ रहे हैं. इसी साल मार्च के महीने में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप, ब्रिटेन, चीन और ब्राज़ील से अमरीका आने वालों पर बैन लगा दिया था.

टेलीग्राफ़ को दिए एक इंटरव्यू में डॉ एंथनी फॉसी ने कहा कि हो सकता है ये पाबंदी तब तक लगी रहे जब तक कारोना वायरस की कोई वैक्सीन न बन जाए. उन्होंने कहा कि हो सकता है कि इस साल के भीतर देश में स्थिति थोड़ी सामान्य होने लगे, हालांकि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि इस साल सर्दियों तक ऐसा हो पाएगा. फॉसी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल सर्दियों तक कोरोना का टीका बन जाएगा. अमरीका में अब तक 20 लाख से अधिक लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं और 115,500 से अधिक की इस वायरस से मौत हो चुकी है. इधर कोरोना से बुरी तरह प्रभावित रहे न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रू कूमो ने कहा है कि कोरोना के कारण लगाए लॉकडाउन को हटाना बड़ी ग़लती साबित हो सकती है.

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...