कोरोना महामारी: मोहर्रम के दौरान जुलूस निकालने पर रहेगी पाबंदी, नहीं सजेंगे गणपति पंडाल

    Ganesh-Chaturthi

    नई दिल्ली। कोरोना महामारी को लेकर केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइंस जारी की है। जिसका अनुपालन करते हुए दिल्ली में मोहर्रम के दौरान जुलूस निकालने पर पाबंदी रहेगी। दिल्ली सरकार के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) द्वारा जारी आदेश के तहत गणेश चतुर्थी पर्व पर भी भगवान गणेश की सार्वजनिक मूर्ति स्थापना या पंडाल बनाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।

    Corona Epidemic Ban On Procession During Moharram Will Be Banned Ganpati Pandal Will Not Be Decorated :

    कोरोना संक्रमण अधिकता की वजह से डीडीएमए ने निर्देश देते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण के खतरे को ध्यान में रखते हुए लोगो से इन पर्वों को अपने घर पर ही मनाने की अपील की है। साथ ही डीडीएमए ने सभी संबंधित विभागों को केंद्र सरकार से जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देश भी दिया है।

    डीडीएमए ने आगामी त्योहारों के दौरान आयोजित होने वाले समारोहों और कार्यक्रमों के मद्देनजर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला मजिस्ट्रेट को भी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे, ताकि समारोहों या कार्यक्रमों में अधिक भीड़ एकत्र न हो सके और कोविड-19 को फैलने से रोका जा सके।

    डीडीएमए ने आदेश में क्या कहा?

    डीडीएमए ने आदेश में कहा, इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी 28 जुलाई 2020 को एक डीओ लेटर के जरिए दिशा-निर्देश जारी किया है, जिसके तहत दिल्ली सरकार की तरफ से बड़े धार्मिक समारोहों और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में भीड़ को रोकने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन होता देखा जा रहा है। लिहाजा, केंद्र सरकार की गाइडलाइन का संबंधित विभाग के अधिकारियों को कड़ाई से पालन कराना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाता है। आगामी त्योहारों के मद्देनजर विस्तार से गाइडलाइन जारी की गई है, जिसका सभी विभागों द्वारा अनुपालन कराया जाना अनिवार्य है।

    राज्य कार्यकारिणी समिति, डीडीएमए ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा-22 के तहत सभी संबंधित अधिकारियों और फील्ड अधिकारियों को निम्न लिखित दिशा-निर्देश जारी किया है।
    – भारत सरकार/दिल्ली सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए गए सभी दिशा-निर्देश कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए कड़ाई से अनुपालन कराया जाए।
    – गणेश चतुर्थी महोत्सव के दौरान, भगवान गणेश की कोई मूर्ति टेंट/पांडा/सार्वजनिक स्थान पर स्थापित नहीं की जाएगी, और न ही जुलूस के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति दी जाएगी। कोविड-19 महामारी के दौर में लोगों को उनके घर पर ही त्योहार मनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
    – इसी तरह, मोहर्रम समारोह के दौरान जुलूस/ताजिया के लिए कोई अनुमति नहीं दी जाएगी और लोगों को अपने घरों में इसे मनाने के लिए प्रोत्साहित/सलाह दी जाएगी।
    – जिला मजिस्ट्रेट और जिला डीसीपी हर ऐसे त्यौहार व अवसरों से पहले धार्मिक/सामुदायिक नेताओं के साथ बैठकें आयोजित करेंगे, जिनमें बड़ी सभा की संभावना है, ताकि कानून-व्यवस्था और सौहार्द बनाए रखने के लिए उनका सहयोग मिल सके और जनता के लिए भी संवेदनशील हो सके, सरकार द्वारा कोविड-19 से लड़ने के लिए समय-समय पर निर्देश जारी किए गए हैं।
    -पर्याप्त पुलिस बल सभी सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में और दिल्ली के एनसीटी में सम्मिलत क्षेत्रों में तैनात किए जाएंगे।
    – यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भीड़ किसी भी तरह से किसी भी सामाजिक स्थान पर इकट्ठा न हो।
    – दिल्ली में सभी सार्वजनिक स्थानों, बस स्टेंड, रेलवे स्टेशनों और धार्मिक स्थानों पर त्योहारों के दौरान जांच के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएं।
    – आवश्यकता के अनुसार धार्मिक स्थानों पर सघन तलाशी और जांच के लिए डॉग स्क्वॉड, एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड और बम निरोधक टीमों की तैनाती के लिए उचित व्यवस्था की गई है।
    – सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर निर्बाध और निर्बाध यातायात सुनिश्चित किया जाए। जरूरी बैरिकेड और पुलिस चेक पोस्ट को खड़ा करके संदिग्ध वाहनों की जांच के लिए व्यवस्था की जाएगी।
    – त्योहार के समय मोटर वाहन अधिनियम का सख्त अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
    – बिजली, पानी और स्वच्छता, हाइजेनिक और सैनिटाइजेशन आदि जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुविधाएं प्रदान करने पर पर्याप्त जोर दिया जाना चाहिए।
    – किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी सरकारी अस्पतालों को पहले से तैयार किया जाएगा और डॉक्टर/पैरा मेडिकल स्टाफ 24 घंटे ड्यूटी पर रहेंगे।
    – असामाजिक तत्वों और अफवाह फैलाने वालों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
    – सोशल मीडिया प्लेटफार्मों की निगरानी चैबीसों घंटे की जाएगी। सभी आपत्तिजनक पोस्ट के खिलाफ पहले इसे रोककर और उसके बाद सख्त कानूनी कार्रवाई करने के बाद शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
    – धारा 144 (सीआरपीसी) जहां भी आवश्यक हो, लगाया जाएगा और पुलिस अधिकारी इसे लागू करना सुनिश्चित करेंगे।
    – किसी भी रूप में हथियारों /हथियारों का प्रदर्शन नहीं होगा। अवैध हथियार /हथियार रखने वाले व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
    – महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों आदि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएं और सभी सार्वजनिक स्थानों पर सिविल ड्रेस में पर्याप्त पुलिस तैनाती (पुरुष और महिला पुलिस कर्मी) की व्यवस्था की जाए।
    – स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 13.06.2020 के अनुसार सामाजिक अधिकारिता से संबंधित निर्देशों/गाइडलाइन और अपराधों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाने के लिए सभी अधिकार प्राप्त अधिकारियों का सहारा लेना पड़ सकता है।
    – सभी प्रवर्तन अधिकारियों/क्षेत्र के अधिकारियों को गाइडलाइन/निर्देशों के सख्त कार्यान्वयन के बारे में ठीक से जानकारी दी जानी चाहिए, जो हर त्यौहार/कार्यक्रम से एक दिन पहले हो।
    नई दिल्ली। कोरोना महामारी को लेकर केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइंस जारी की है। जिसका अनुपालन करते हुए दिल्ली में मोहर्रम के दौरान जुलूस निकालने पर पाबंदी रहेगी। दिल्ली सरकार के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) द्वारा जारी आदेश के तहत गणेश चतुर्थी पर्व पर भी भगवान गणेश की सार्वजनिक मूर्ति स्थापना या पंडाल बनाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। कोरोना संक्रमण अधिकता की वजह से डीडीएमए ने निर्देश देते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण के खतरे को ध्यान में रखते हुए लोगो से इन पर्वों को अपने घर पर ही मनाने की अपील की है। साथ ही डीडीएमए ने सभी संबंधित विभागों को केंद्र सरकार से जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देश भी दिया है। डीडीएमए ने आगामी त्योहारों के दौरान आयोजित होने वाले समारोहों और कार्यक्रमों के मद्देनजर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला मजिस्ट्रेट को भी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे, ताकि समारोहों या कार्यक्रमों में अधिक भीड़ एकत्र न हो सके और कोविड-19 को फैलने से रोका जा सके।

    डीडीएमए ने आदेश में क्या कहा?

    डीडीएमए ने आदेश में कहा, इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी 28 जुलाई 2020 को एक डीओ लेटर के जरिए दिशा-निर्देश जारी किया है, जिसके तहत दिल्ली सरकार की तरफ से बड़े धार्मिक समारोहों और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में भीड़ को रोकने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन होता देखा जा रहा है। लिहाजा, केंद्र सरकार की गाइडलाइन का संबंधित विभाग के अधिकारियों को कड़ाई से पालन कराना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाता है। आगामी त्योहारों के मद्देनजर विस्तार से गाइडलाइन जारी की गई है, जिसका सभी विभागों द्वारा अनुपालन कराया जाना अनिवार्य है।
    राज्य कार्यकारिणी समिति, डीडीएमए ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा-22 के तहत सभी संबंधित अधिकारियों और फील्ड अधिकारियों को निम्न लिखित दिशा-निर्देश जारी किया है।
    - भारत सरकार/दिल्ली सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए गए सभी दिशा-निर्देश कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए कड़ाई से अनुपालन कराया जाए।
    - गणेश चतुर्थी महोत्सव के दौरान, भगवान गणेश की कोई मूर्ति टेंट/पांडा/सार्वजनिक स्थान पर स्थापित नहीं की जाएगी, और न ही जुलूस के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति दी जाएगी। कोविड-19 महामारी के दौर में लोगों को उनके घर पर ही त्योहार मनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
    - इसी तरह, मोहर्रम समारोह के दौरान जुलूस/ताजिया के लिए कोई अनुमति नहीं दी जाएगी और लोगों को अपने घरों में इसे मनाने के लिए प्रोत्साहित/सलाह दी जाएगी।
    - जिला मजिस्ट्रेट और जिला डीसीपी हर ऐसे त्यौहार व अवसरों से पहले धार्मिक/सामुदायिक नेताओं के साथ बैठकें आयोजित करेंगे, जिनमें बड़ी सभा की संभावना है, ताकि कानून-व्यवस्था और सौहार्द बनाए रखने के लिए उनका सहयोग मिल सके और जनता के लिए भी संवेदनशील हो सके, सरकार द्वारा कोविड-19 से लड़ने के लिए समय-समय पर निर्देश जारी किए गए हैं।
    -पर्याप्त पुलिस बल सभी सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में और दिल्ली के एनसीटी में सम्मिलत क्षेत्रों में तैनात किए जाएंगे।
    - यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भीड़ किसी भी तरह से किसी भी सामाजिक स्थान पर इकट्ठा न हो।
    - दिल्ली में सभी सार्वजनिक स्थानों, बस स्टेंड, रेलवे स्टेशनों और धार्मिक स्थानों पर त्योहारों के दौरान जांच के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएं।
    - आवश्यकता के अनुसार धार्मिक स्थानों पर सघन तलाशी और जांच के लिए डॉग स्क्वॉड, एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड और बम निरोधक टीमों की तैनाती के लिए उचित व्यवस्था की गई है।
    - सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर निर्बाध और निर्बाध यातायात सुनिश्चित किया जाए। जरूरी बैरिकेड और पुलिस चेक पोस्ट को खड़ा करके संदिग्ध वाहनों की जांच के लिए व्यवस्था की जाएगी।
    - त्योहार के समय मोटर वाहन अधिनियम का सख्त अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
    - बिजली, पानी और स्वच्छता, हाइजेनिक और सैनिटाइजेशन आदि जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुविधाएं प्रदान करने पर पर्याप्त जोर दिया जाना चाहिए।
    - किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी सरकारी अस्पतालों को पहले से तैयार किया जाएगा और डॉक्टर/पैरा मेडिकल स्टाफ 24 घंटे ड्यूटी पर रहेंगे।
    - असामाजिक तत्वों और अफवाह फैलाने वालों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
    - सोशल मीडिया प्लेटफार्मों की निगरानी चैबीसों घंटे की जाएगी। सभी आपत्तिजनक पोस्ट के खिलाफ पहले इसे रोककर और उसके बाद सख्त कानूनी कार्रवाई करने के बाद शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
    - धारा 144 (सीआरपीसी) जहां भी आवश्यक हो, लगाया जाएगा और पुलिस अधिकारी इसे लागू करना सुनिश्चित करेंगे।
    - किसी भी रूप में हथियारों /हथियारों का प्रदर्शन नहीं होगा। अवैध हथियार /हथियार रखने वाले व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
    - महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों आदि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएं और सभी सार्वजनिक स्थानों पर सिविल ड्रेस में पर्याप्त पुलिस तैनाती (पुरुष और महिला पुलिस कर्मी) की व्यवस्था की जाए।
    - स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 13.06.2020 के अनुसार सामाजिक अधिकारिता से संबंधित निर्देशों/गाइडलाइन और अपराधों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाने के लिए सभी अधिकार प्राप्त अधिकारियों का सहारा लेना पड़ सकता है।
    - सभी प्रवर्तन अधिकारियों/क्षेत्र के अधिकारियों को गाइडलाइन/निर्देशों के सख्त कार्यान्वयन के बारे में ठीक से जानकारी दी जानी चाहिए, जो हर त्यौहार/कार्यक्रम से एक दिन पहले हो।