झारखंड में भी बढ़ा कोरोना का बढ़ा ग्राफ, एक दिन में 52 नए मामलों के साथ 764 हुई मरीजों की संख्या

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रांची: स्वास्थ्य विभाग के अनुसार झारखंड में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस संक्रमण के 52 नए मामले सामने आए हैं, जिन्हें मिलाकर संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 764 तक पहुंच गई है. विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार राज्य में 764 संक्रमितों में से 546 प्रवासी मजदूर हैं, जो देश के अलग-अलग हिस्सों से राज्य में वापस अपने घरों को लौटे हैं.

Corona Has Increased In Jharkhand Too Number Of Patients Increased To 764 With 52 New Cases A Day :

राज्य में 321 मरीज अब तक ठीक होकर अपने घर लौट चुके हैं. इसके अलावा 438 अन्य संक्रमित व्यक्तियों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है, जबकि पांच लोगों की इस महामारी की चपेट में आने से मौत हो चुकी है.

वहीं इससे पहले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोरोना वायरस को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था. मुख्यमंत्री ने कहा, ”केंद्र सरकार ने अभी तक श्रेय लेने के लिए तो अपने नियम कायदे बताए, लेकिन जब स्थिति खराब होने लगी तो जिम्मेदारी राज्यों पर छोड़ दी गई, मतलब अच्छा हो तो केंद्र ने किया और खराब हो तो राज्य सरकार ने किया है, केंद्र के दोनों हांथो में लड्डू हैं.”

सीएम ने आगे कहा, ”स्थिति खराब है क्योंकि मजदूर वापस आ रहे हैं. आमदनी है नहीं और खर्च वही है. इस वजह से स्थिति खराब है. केंद्र सरकार पैसे का बोझ अकेले न उठाए इसलिए राज्यों को भी पैसे निकालने की जिम्मेदारी दी जाए.”

रांची: स्वास्थ्य विभाग के अनुसार झारखंड में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस संक्रमण के 52 नए मामले सामने आए हैं, जिन्हें मिलाकर संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 764 तक पहुंच गई है. विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार राज्य में 764 संक्रमितों में से 546 प्रवासी मजदूर हैं, जो देश के अलग-अलग हिस्सों से राज्य में वापस अपने घरों को लौटे हैं. राज्य में 321 मरीज अब तक ठीक होकर अपने घर लौट चुके हैं. इसके अलावा 438 अन्य संक्रमित व्यक्तियों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है, जबकि पांच लोगों की इस महामारी की चपेट में आने से मौत हो चुकी है. वहीं इससे पहले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोरोना वायरस को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था. मुख्यमंत्री ने कहा, ”केंद्र सरकार ने अभी तक श्रेय लेने के लिए तो अपने नियम कायदे बताए, लेकिन जब स्थिति खराब होने लगी तो जिम्मेदारी राज्यों पर छोड़ दी गई, मतलब अच्छा हो तो केंद्र ने किया और खराब हो तो राज्य सरकार ने किया है, केंद्र के दोनों हांथो में लड्डू हैं.” सीएम ने आगे कहा, ”स्थिति खराब है क्योंकि मजदूर वापस आ रहे हैं. आमदनी है नहीं और खर्च वही है. इस वजह से स्थिति खराब है. केंद्र सरकार पैसे का बोझ अकेले न उठाए इसलिए राज्यों को भी पैसे निकालने की जिम्मेदारी दी जाए.”