कोरोना लॉकडाउन: जब महिला परेशान होकर बोली- भूखे मरने से अच्छा है कोरोना से मर जाएं

Corona Lockdown
कोरोना लॉकडाउन: जब महिला परेशान होकर बोली- भूखे मरने से अच्छा है कोरोना से मर जाएं

नई दिल्ली। कोरोना वायरस को लेकर लगातार सं​क्रमित लोगों की संख्या बढ़ती चली जा रही है, मोदी सरकार ने इसके लिए देश को 21 दिन के लिए लॉक डाउन कर दिया है। हालांकि केन्द्र सरकार व राज्य सरकारों द्वारा लगातार दावे किये जा रहे हैं कि लॉक डाउन के दौरान कोई भूखा नही रहेगा, कहीं भी सामान न मिलने की किल्लत नही आयेगी लेकिन देश के कोने केोने से तमाम परेशानियों के वीडयो सामने आ रहे हैं। ऐसेी ही परेशानी झेलने दिल्ली के फतेहपुर बेरी की रहने वाली राजवती ने भी झेली। वह मजदूरी कर अपने परिवार का जीवनयापन करती हैं। उनका कहना है कि हम बिना खाना और पानी के जीने के लिए मजबूर हैं। उसने सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

Corona Lockdown When Women Speak Out Distressed Better Than Die Hungry Die From Corona :

राजवती ने कहा, ‘मकान मालिक किराए के लिए परेशना करता है। बिजली बिल भी देना पड़ता है। हमारे पास खाने का एक दाना तक नहीं है, हम कहां से खाएं। पानी आ रहा था, जिसे पीकर हम जिंदा हैं। अब वो भी बंद हो गया।’ राजवती ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि हमें या तो हमारे गांव भिजवा दें या फिर साधन दें। उसने कहा कि हम भूखे मरें, इससे अच्छा है कि इस बीमारी (कोरोना) से मर जाएं।

बता दें कि पीएम मोदी ने लॉक डाउन की घोषणा के दौरान ही 15 हजार करोड़ खर्च करने की बात कही थी साथ ही आज एक लाख 70 हजार करोड़ का राहत पैकेज दिया है। बात दिल्ली की करें तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को ऐलान किया कि दिल्ली सरकार दिहाड़ी मजदूरों को पांच हजार रुपए देगी। उन्होंने कहा कि इससे सबसे ज्यादा प्रभावित कामगार तबका ही है, इसलिए सरकार ने यह निर्णय लिया है। दिल्ली में नाइट शेल्टर की संख्या भी बढ़ाने की बात कही गई, ताकि किसी को पैसे के कारण खुले में रहने को मजबूर न होना पड़े।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस को लेकर लगातार सं​क्रमित लोगों की संख्या बढ़ती चली जा रही है, मोदी सरकार ने इसके लिए देश को 21 दिन के लिए लॉक डाउन कर दिया है। हालांकि केन्द्र सरकार व राज्य सरकारों द्वारा लगातार दावे किये जा रहे हैं कि लॉक डाउन के दौरान कोई भूखा नही रहेगा, कहीं भी सामान न मिलने की किल्लत नही आयेगी लेकिन देश के कोने केोने से तमाम परेशानियों के वीडयो सामने आ रहे हैं। ऐसेी ही परेशानी झेलने दिल्ली के फतेहपुर बेरी की रहने वाली राजवती ने भी झेली। वह मजदूरी कर अपने परिवार का जीवनयापन करती हैं। उनका कहना है कि हम बिना खाना और पानी के जीने के लिए मजबूर हैं। उसने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। राजवती ने कहा, 'मकान मालिक किराए के लिए परेशना करता है। बिजली बिल भी देना पड़ता है। हमारे पास खाने का एक दाना तक नहीं है, हम कहां से खाएं। पानी आ रहा था, जिसे पीकर हम जिंदा हैं। अब वो भी बंद हो गया।' राजवती ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि हमें या तो हमारे गांव भिजवा दें या फिर साधन दें। उसने कहा कि हम भूखे मरें, इससे अच्छा है कि इस बीमारी (कोरोना) से मर जाएं। बता दें कि पीएम मोदी ने लॉक डाउन की घोषणा के दौरान ही 15 हजार करोड़ खर्च करने की बात कही थी साथ ही आज एक लाख 70 हजार करोड़ का राहत पैकेज दिया है। बात दिल्ली की करें तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को ऐलान किया कि दिल्ली सरकार दिहाड़ी मजदूरों को पांच हजार रुपए देगी। उन्होंने कहा कि इससे सबसे ज्यादा प्रभावित कामगार तबका ही है, इसलिए सरकार ने यह निर्णय लिया है। दिल्ली में नाइट शेल्टर की संख्या भी बढ़ाने की बात कही गई, ताकि किसी को पैसे के कारण खुले में रहने को मजबूर न होना पड़े।