कोरोना लॉकडाउन: जिंदगी बचाने के लिए घर जा रहा था मजदूर, रास्ते में थम गयी सांसे

Corona Lockdown
कोरोना लॉकडाउन: जिंदगी बचाने के लिए घर जा रहा था मजदूर, रास्ते में थम गयी सांसे

नई दिल्ली। कोरोना की वजह से हुए 21 दिन के लॉकडाउन में सबसे ज्यादा परेशानी गरीबों और दूसरे प्रदेशो में काम करने वाले मजदूरों को हुई है। मजदूर जहां काम कर रहे थे वहां काम धंधा बंद होने की वजह से उनका रोजगार चला गया, न रहने की जगह है और न ही 2 वक्त का खाना इसलिए मजदूर पैदल ही सैकड़ों किलोमीटर दूर अपने गांव जाने लगे। इसी दौरान एक मजदूर की रास्ते में मौत हो गयी। मजदूर दिल्ली से पैदल मध्य प्रदेश के मुरैना जा रहा था।

Corona Lockdown Worker Was Going Home To Save His Life The Breath Stopped On The Way :

बताया गया कि 40 वर्षीय रघुवीर मुरैना के बरफड़ा गांव का रहने वाला था। रघुवरी काफी लंबे समय से दिल्ली के तुगलकाबाद स्थिति एक रेस्टोरेंट में काम करता था जिसमें रघुवीर डिलीवरी ब्वॉय था। लेकिन लॉकडाउन की वजह से रेश्टोरेंट बंद हो गया तो वह खाली हो गया। ऐसे में उसने अपने घर जाना मुनासिब समझा

वो दिल्ली से अपने घर जाने के लिए निकला लेकिन कोई साधन नही मिला। वह दिल्ली से दो साथियों के साथ चल दिया। शनिवार सुबह पांच बजे सिकंदरा के कैलाश मोड़ पर गुप्ता हार्डवेयर के सामने पहुंचते ही अचानक सीने में दर्द हुआ। राहगीरो ने उसकी मदद की और पुलिस को सूचना दी। आनन फानन में पंहुची पुलिस उसे तुरंत अस्पताल ले गयी जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

नई दिल्ली। कोरोना की वजह से हुए 21 दिन के लॉकडाउन में सबसे ज्यादा परेशानी गरीबों और दूसरे प्रदेशो में काम करने वाले मजदूरों को हुई है। मजदूर जहां काम कर रहे थे वहां काम धंधा बंद होने की वजह से उनका रोजगार चला गया, न रहने की जगह है और न ही 2 वक्त का खाना इसलिए मजदूर पैदल ही सैकड़ों किलोमीटर दूर अपने गांव जाने लगे। इसी दौरान एक मजदूर की रास्ते में मौत हो गयी। मजदूर दिल्ली से पैदल मध्य प्रदेश के मुरैना जा रहा था। बताया गया कि 40 वर्षीय रघुवीर मुरैना के बरफड़ा गांव का रहने वाला था। रघुवरी काफी लंबे समय से दिल्ली के तुगलकाबाद स्थिति एक रेस्टोरेंट में काम करता था जिसमें रघुवीर डिलीवरी ब्वॉय था। लेकिन लॉकडाउन की वजह से रेश्टोरेंट बंद हो गया तो वह खाली हो गया। ऐसे में उसने अपने घर जाना मुनासिब समझा वो दिल्ली से अपने घर जाने के लिए निकला लेकिन कोई साधन नही मिला। वह दिल्ली से दो साथियों के साथ चल दिया। शनिवार सुबह पांच बजे सिकंदरा के कैलाश मोड़ पर गुप्ता हार्डवेयर के सामने पहुंचते ही अचानक सीने में दर्द हुआ। राहगीरो ने उसकी मदद की और पुलिस को सूचना दी। आनन फानन में पंहुची पुलिस उसे तुरंत अस्पताल ले गयी जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।