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कोरोना के चलते 1.9 फीसदी रह सकती है GDP, 29 वर्षों में सबसे कम

By टीम पर्दाफाश 
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नई दिल्ली। कोरोना वायरस के चलते भारत में जारी लाॅकडाउन का असर अर्थव्यवस्था पर भी देखा जा रहा है। ऐसे में कई रेटिंग ऐजेसिंयों ने वित वर्ष 2020-21 के लिए भारत के विकास दर के अनुमान को भी घटा दिया है। इसी के कड़ी में सोमवार को इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (इंडरा) ने कोरोना वायरस और इससे उत्पन्न होने वाली स्थितियों का हवाला देते हुए वित्त वर्ष का 2020-21 विकास दर के अनुमान को घटाकर 1.9 फीसदी कर दिया है, जो कि बीते 29 वर्षों में बहुत कम होगी।

रेटिंग ऐजेंसी का कहना है कि भारत में आंशिक लाॅकडाउन मई तक जारी रहेगा। लेकिन लाॅकडाउन मई मध्य के बाद भी जारी रहता है तो विकास दर नकारात्मक भी हो सकती है।

इंडरा के प्रधान अर्थशास्त्री और लोक वित्त के निदेशक सुनील कुमार सिन्हा ने बताया कि ‘हमने वित्त वर्ष 2020-21 के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि के अनुमानों की समीक्षा कर इसे 3.6 फीसदी से घटाकर 1.9 फीसदी कर दिया हैं।‘ कम विकास दर वित्त वर्ष 1991-92 के दौरान थी जब कि वृद्धि दर सिर्फ 1.1 फीसदी ही बढ़ी थी।

सिन्हा का कहना है कि यदि भारत में लाॅकडाउन मई मध्य के बाद भी जारी रहा तो जून के अंत से हालात में सुधार आ सकता है। ऐसे में विकास दर 2.1 फीसदी लुढ़क सकती है। जिसके चलते भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन पिछले 41 साल का सबसे कम होगा। गौरतलब है कि इंडरा के अलावा कई अन्य रेटिंग ऐजेंसियों ने भी भारत की जीडीपी के पूर्वानुमान में कटौती की है।

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