कोरोना: राहुल गांधी के सुझाव पर मोदी सरकार ने किया अमल, राहत पैकेज की राहुल ने की सराहना

rahul gandhi
राहुल का मोदी सरकार पर हमला- RBI की बैंक चोरों की लिस्ट में BJP के 'मित्र'

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की वजह से देश 21 दिनो के लिए लॉक डाउन किया गया है। इसके चलते आम जनमानस को कोई दिक्कत न हो इसलिए मोदी सरकार ने आज एक लाख 70 हजार करोडत्र के राहते पैकेज का ऐलान किया है। केंद्र सरकार का ये राहत पैकेज गरीब, किसान, गरीब महिला, सीनियर सिटीजन और हेल्थ वर्कर के लिए है। वहीं सरकार के इस कदम का कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने समर्थन किया है।

Corona Modi Government Implemented Rahul Gandhis Suggestion Rahul Appreciated The Relief Package :

जैसे ही केन्द्र सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कांर्फेस कर राहत पैकेज का ऐलान किया, उसी के थोड़ी देर बाद राहुल गांधी ने एक ट्वीट में लिखा, केंद्र ने आज वित्तीय सहायता पैकेज का ऐलान किया जो सही दिशा में पहला कदम है। उन्होंने कहा, लॉकडाउन के कारण भारत के किसान, दिहाड़ी मजदूर, श्रमिक, महिलाएं और बुजुर्ग जो परेशानी झेल रहे हैं, उनकी मदद अवश्य की जानी चाहिए।

बता दें कि एक दिन पहले बुधवार को राहुल गांधी ने मोदी सरकार को सुझाव देते हुए कहा था, हमारा देश कोराना वायरस से युद्ध लड़ रहा है। आज सवाल ये है कि हम ऐसा क्या करें कि कम से कम जानें जाएं? स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए सरकार की बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है। मेरा मानना है कि हमारी रणनीति दो हिस्सों में बंटी हो। पहली Covid-19 से जमकर जूझना। संक्रमण रोकने के लिए एकांत में रहना और बड़े पैमाने पर मरीज़ों की टेस्टिंग करना। शहरी इलाक़ों में विशाल आपातकालीन अस्थाई हॉस्पिटल का तुरंत विस्तार करना। इन चिकित्सा क्षेत्रों में पूर्ण ICU की सुविधा उपलब्ध हो।

वहीं दूसरे सुझाव में राहुल गांधी ने कहा था कि दिहाड़ी मजदूरों को फौरन सहायता चाहिए। उनके अकाउंट में डायरेक्ट कैश ट्रांसफर हो। राशन मुफ्त उपलब्ध हो। इसमें कोई भी देरी विनाशकारी होगी। व्यापार ठप है। टैक्स छूट मिले, आर्थिक सहायता भी मिले ताकि नौकरियां बच जाएं। छोटे-बड़े व्यापारियों को ठोस सरकारी आश्वासन मिले। राहुल गांधी ने अपने दोनों सुझाव में सरकार से गरीब-मजदूरों की मदद का आह्वान किया था जिसे सरकार ने अमल में ले लिया है और इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए 1.70 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की वजह से देश 21 दिनो के लिए लॉक डाउन किया गया है। इसके चलते आम जनमानस को कोई दिक्कत न हो इसलिए मोदी सरकार ने आज एक लाख 70 हजार करोडत्र के राहते पैकेज का ऐलान किया है। केंद्र सरकार का ये राहत पैकेज गरीब, किसान, गरीब महिला, सीनियर सिटीजन और हेल्थ वर्कर के लिए है। वहीं सरकार के इस कदम का कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने समर्थन किया है। जैसे ही केन्द्र सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कांर्फेस कर राहत पैकेज का ऐलान किया, उसी के थोड़ी देर बाद राहुल गांधी ने एक ट्वीट में लिखा, केंद्र ने आज वित्तीय सहायता पैकेज का ऐलान किया जो सही दिशा में पहला कदम है। उन्होंने कहा, लॉकडाउन के कारण भारत के किसान, दिहाड़ी मजदूर, श्रमिक, महिलाएं और बुजुर्ग जो परेशानी झेल रहे हैं, उनकी मदद अवश्य की जानी चाहिए। बता दें कि एक दिन पहले बुधवार को राहुल गांधी ने मोदी सरकार को सुझाव देते हुए कहा था, हमारा देश कोराना वायरस से युद्ध लड़ रहा है। आज सवाल ये है कि हम ऐसा क्या करें कि कम से कम जानें जाएं? स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए सरकार की बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है। मेरा मानना है कि हमारी रणनीति दो हिस्सों में बंटी हो। पहली Covid-19 से जमकर जूझना। संक्रमण रोकने के लिए एकांत में रहना और बड़े पैमाने पर मरीज़ों की टेस्टिंग करना। शहरी इलाक़ों में विशाल आपातकालीन अस्थाई हॉस्पिटल का तुरंत विस्तार करना। इन चिकित्सा क्षेत्रों में पूर्ण ICU की सुविधा उपलब्ध हो। वहीं दूसरे सुझाव में राहुल गांधी ने कहा था कि दिहाड़ी मजदूरों को फौरन सहायता चाहिए। उनके अकाउंट में डायरेक्ट कैश ट्रांसफर हो। राशन मुफ्त उपलब्ध हो। इसमें कोई भी देरी विनाशकारी होगी। व्यापार ठप है। टैक्स छूट मिले, आर्थिक सहायता भी मिले ताकि नौकरियां बच जाएं। छोटे-बड़े व्यापारियों को ठोस सरकारी आश्वासन मिले। राहुल गांधी ने अपने दोनों सुझाव में सरकार से गरीब-मजदूरों की मदद का आह्वान किया था जिसे सरकार ने अमल में ले लिया है और इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए 1.70 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है।