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कोरोना संजीवनी: जीवन रेखा बनी लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन टैंकर्स से नेशनल हाइवे पर नहीं ली जाएगी टोल फीस

देश भर में कोरोना संक्रमण से जूझते मरीजों को ऑक्सीजन मिलना किसी संजीवनी से कम नहीं है। इस  समय देश भर में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का परिवहन जीवन रेखा के रूप में कार्य कर रहा है।    

By अनूप कुमार 
Updated Date

नई दिल्ली: देश भर में कोरोना संक्रमण से जूझते मरीजों को ऑक्सीजन मिलना किसी संजीवनी से कम नहीं है। इस  समय देश भर में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का परिवहन जीवन रेखा के रूप में कार्य कर रहा है।  देश के नेशनल हाईवे पर लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) ले जाने वाले टैंकरों और कंटेनरों को निर्बाध मार्ग प्रदान करने के लिए, टोल प्लाज़ा में ऐसे वाहनों के लिए यूजर फी या टोल शुल्क में छूट देने का फैसला किया गया है। कोरोना महामारी के कारण देशभर में मेडिकल ऑक्सीजन की वर्तमान अभूतपूर्व मांग को ध्यान में रखते हुए, लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन ले जाने वाले कंटेनर को अन्य आपातकालीन वाहनों जैसे कि एम्बुलेंस की तरह माना जाएगा और अगले दो महीने की अवधि या अगले आदेश तक ये फैसला लागू होगा।

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एनएचएआई के मुताबिक, फास्ट टैग (FASTag) के लागू होने के बाद टोल प्लाजा ज्यादा समय नहीं लगता लेकिन अब एनएचआई पहले से ही ऐसे वाहनों त्वरित और निर्बाध परिवहन के लिए हैं उन्हें प्राथमिकता दे रहा है जो मेडिकल ऑक्सीजन ले जा रहे हैं। इस बारे में एनएचएआई ने अपने सभी अधिकारियों और स्टेकहोल्डर्स को सरकारी और निजी प्रयासों में मदद करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।

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