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कोरोना से जंग: BHU की महिला प्रोफेसर ने खोजी कोरोना जांच की सरल तकनीक

By बलराम सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमण से पूरी ​दुनिया दहशत में है। कई देशों तो कोरोना ने इतनी जानें ले ली हैं वहां अब संक्रमित बुजुर्गों के लिए इलाज भी मयस्सर नहीं है। कोरोना की भयावह को देखते हुए यूपी के वाराणसी में प्रतिष्ठित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की महिला प्रोफेसर और उनकी टीम ने महीने भर में कोविड-19 की सटीक जांच करने की तकनीक खोज ली है।

बीएचयू की प्रोफेसर डॉ गीता राय, एसोसिएट प्रोफेसर और उनकी टीम डोली दास, खुशबू प्रिया और हीरल ठक्कर, डिपार्टमेंट ऑफ मॉलिकुलर एंड ह्यूमन जेनेटिक्स, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय ने कोविड-19 की जांच के लिए नई तकनीक निकाली है। यह एक नई तरह का RT PCR आधारित नैदानिक ​​परीक्षण तकनीक है। डॉ गीता राय का दावा है कि इस तकनीक से घंटे भर में जांच मिल जाएगी।

इस टेक्नोलॉजी की नवीनता के आधार पर एक पेटेंट भी फाइल किया गया है। भारतीय पेटेंट कार्यालय द्वारा किए गए पूर्व निरीक्षण में यह पाया गया कि देश में इस सिद्धांत पर RT-PCR आधारित कोई किट नहीं है जो प्रोटीन सिक्वेंस को टारगेट कर रहा हो।

डॉ गीता राय ने बताया कि अभी तक जो भी किट बनाई गई है वो इस सिद्धांत पर आधारित नहीं था। इस तकनीक के माध्यम से हम 2 से 3 लाख तक की मशीनों पर जांच कर सकते हैं जो कि शहर कर छोटे छोटे लैब में भी हो सकता है। जबकि एक मशीन महंगी आती है जो 15 से 20 लाख की होती है जो हर जगह आसानी से नही मिल पाती। ऐसी स्थिति में यह तकनीक काफी सरल और सस्ती साबित होगी।

डॉ गीता राय ने बताया कि हमने इस तकनीक से सरल और कम समय मे सकीक जांच करने का तरीका खोज लिया है।अब सबसे बड़ी जरूरत है किसी इंडस्ट्री की जो जल्द से जल्द किट बना सके ताकि वो मार्केट में उपलब्ध रहे।

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