कोरोना वायरस से सबसे पहले आगाह करने वाले डॉक्टर को चीन ने दी थी धमकी, अब मांगी माफी

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Coronavirus से सबसे पहले आगाह करने वाले डॉक्टर को चीन ने दी थी धमकी, अब मांगी माफी

नई दिल्ली। चीन (China) ने उस डॉक्टर के परिवार से माफी मांगी है, जिसने पहली बार कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर पूरी दुनिया को चेतावनी दी थी। डॉक्टर ली वेंलियांग चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान (Wuhan) के पहले डॉक्टर थे, जिन्होंने कोरोना वायरस की पहचान थी और इसके संक्रमण के खतरे के प्रति चीन को आगाह किया था। बाद में कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में ही आकर डॉक्टर ली वेंलियांग की मौत हो गई। डॉक्टर ली वेंलियांग को कोरोना वायरस की जानकारी देने की वजह से धमकाया गया था।    

Corona Virus China Apologies To Doctor Family Li Wenliang After His Death :

दिसंबर 2019 के आखिर में जब वुहान के अस्पताल में वायरस का पहला मामला सामने आया था, तो व्हिसलब्लोअर वेनलियांग ने ही अपने सहकर्मियों और अन्य लोगों को चीनी सोशल मीडिया ऐप वीचैट जरिये बताया था कि देश में सार्स जैसे वायरस का पता चला है। वेलियांग की कोरोना के चपेट में आने से फरवरी मेंं मौत हो गई थी।

‘द गार्जियन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी की अनुशासन मामलों की समिति ने माना है कि वेनलियांग मामले में उनकी तरफ से गलती हुई है। आलोचनाओं से घिरी सत्तारूढ़ पार्टी अपना बचाव करते हुए अपना ठिकरा पुलिस पर फोड़ रही है और डॉक्टर को धमकी देने वाले दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ अब अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, जब स्थानीय प्रशासन को डॉक्टर द्वारा दोस्तों को मेसेज भेजे जाने की नजाकीर मिली तो पुलिस को भेजकर उन्हें धमकी दिलवाई गई थी। उन्हें आगाह किया कि वे अफवाह न फैलाएं और वरना उनपर केस दर्ज किया जाएगा। हालांकि, वेनलियांग की आशंका सही निकली और आज पूरी दुनिया इस घातक कोरोना वायरस की चपेट में हैं। वेनलियांग की मौत के बाद चीन सरकार पर लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया था। लोगों को गुस्सा इस बात से भी है कि अगर चीन ने समय रहते डॉक्टर की बात मानी होती तो यह वायरस आज लोगोंं की जिंदगियां तबाह नहीं कर रहा होता।  

नई दिल्ली। चीन (China) ने उस डॉक्टर के परिवार से माफी मांगी है, जिसने पहली बार कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर पूरी दुनिया को चेतावनी दी थी। डॉक्टर ली वेंलियांग चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान (Wuhan) के पहले डॉक्टर थे, जिन्होंने कोरोना वायरस की पहचान थी और इसके संक्रमण के खतरे के प्रति चीन को आगाह किया था। बाद में कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में ही आकर डॉक्टर ली वेंलियांग की मौत हो गई। डॉक्टर ली वेंलियांग को कोरोना वायरस की जानकारी देने की वजह से धमकाया गया था।     दिसंबर 2019 के आखिर में जब वुहान के अस्पताल में वायरस का पहला मामला सामने आया था, तो व्हिसलब्लोअर वेनलियांग ने ही अपने सहकर्मियों और अन्य लोगों को चीनी सोशल मीडिया ऐप वीचैट जरिये बताया था कि देश में सार्स जैसे वायरस का पता चला है। वेलियांग की कोरोना के चपेट में आने से फरवरी मेंं मौत हो गई थी। 'द गार्जियन' की रिपोर्ट के मुताबिक, चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी की अनुशासन मामलों की समिति ने माना है कि वेनलियांग मामले में उनकी तरफ से गलती हुई है। आलोचनाओं से घिरी सत्तारूढ़ पार्टी अपना बचाव करते हुए अपना ठिकरा पुलिस पर फोड़ रही है और डॉक्टर को धमकी देने वाले दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ अब अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, जब स्थानीय प्रशासन को डॉक्टर द्वारा दोस्तों को मेसेज भेजे जाने की नजाकीर मिली तो पुलिस को भेजकर उन्हें धमकी दिलवाई गई थी। उन्हें आगाह किया कि वे अफवाह न फैलाएं और वरना उनपर केस दर्ज किया जाएगा। हालांकि, वेनलियांग की आशंका सही निकली और आज पूरी दुनिया इस घातक कोरोना वायरस की चपेट में हैं। वेनलियांग की मौत के बाद चीन सरकार पर लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया था। लोगों को गुस्सा इस बात से भी है कि अगर चीन ने समय रहते डॉक्टर की बात मानी होती तो यह वायरस आज लोगोंं की जिंदगियां तबाह नहीं कर रहा होता।