कोरोना वायरस: लॉकडाउन की वजह से 20 फीसदी बढ़ी घरेलू गैस की मांग

domestic gas demand
लॉकडाउन के बीच लोगों को राहत, सस्ता हुआ रसोई गैस सिलेंडर

नई दिलली। कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में 21 दिनो का लॉक डाउन है। पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, जिम्मेदार अधिकारी, नेता और मीडिया कर्मियों के अलांवा सभी लोग अपने घरों में हैं। ऐसे में रसोई गैस की मांग में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है।

Corona Virus Domestic Gas Demand Increased By 20 Percent Due To Lockdown :

पिछले कुछ दिनों के आंकड़ो के मुताबिक घरेली एलपीजी गैस सिलेंडर की मांग में 20 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। जबकि लॉकडाउन की वजह से होटल और कैंटीन बंद रहने और शादियां टलने की वजह से कॉमर्शियल सिलेंडर की मांग पांच फीसदी ही रह गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि एलपीजी, सीएनजी और पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। मांग के मुताबिक उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस सिलेंडर मुहैया कराने के सभी इंतजाम किए जा रहे हैं।

गैस एजेंसियों से जुड़े लोग बता रहे हैं कि उपभोक्ताओं को डर है कि एलपीजी की किल्लत हो सकती है इसलिए वह लगातार गैस बुक करावाकर घर में रखे सारे सिलेंडर भरवा रहे हैं। गैस एजेंसियों की माने तो सबसे ज्यादा मांग दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार से आ रही है। जानकारो के मुताबिक सामान्य तौर पर रसोई गैस की मांग और बुकिंग में इतनी ज्यादा वृद्धि कभ्री नही देखी गयी।

आपको बता दें कि लॉक डाउन के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1.70 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज की घोषणा की थी। इस दौरान वित्त मंत्री ने ऐलान​ किया था कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को अगले तीन महीने तक मुफ्त में गैस सिलेंडर दिया जायेगा। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार की इस घोषणा से देश के करीब 8.3 करोड़ गरीब परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।

नई दिलली। कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में 21 दिनो का लॉक डाउन है। पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, जिम्मेदार अधिकारी, नेता और मीडिया कर्मियों के अलांवा सभी लोग अपने घरों में हैं। ऐसे में रसोई गैस की मांग में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है। पिछले कुछ दिनों के आंकड़ो के मुताबिक घरेली एलपीजी गैस सिलेंडर की मांग में 20 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। जबकि लॉकडाउन की वजह से होटल और कैंटीन बंद रहने और शादियां टलने की वजह से कॉमर्शियल सिलेंडर की मांग पांच फीसदी ही रह गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि एलपीजी, सीएनजी और पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। मांग के मुताबिक उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस सिलेंडर मुहैया कराने के सभी इंतजाम किए जा रहे हैं। गैस एजेंसियों से जुड़े लोग बता रहे हैं कि उपभोक्ताओं को डर है कि एलपीजी की किल्लत हो सकती है इसलिए वह लगातार गैस बुक करावाकर घर में रखे सारे सिलेंडर भरवा रहे हैं। गैस एजेंसियों की माने तो सबसे ज्यादा मांग दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार से आ रही है। जानकारो के मुताबिक सामान्य तौर पर रसोई गैस की मांग और बुकिंग में इतनी ज्यादा वृद्धि कभ्री नही देखी गयी। आपको बता दें कि लॉक डाउन के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1.70 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज की घोषणा की थी। इस दौरान वित्त मंत्री ने ऐलान​ किया था कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को अगले तीन महीने तक मुफ्त में गैस सिलेंडर दिया जायेगा। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार की इस घोषणा से देश के करीब 8.3 करोड़ गरीब परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।