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मुंबई में कोरोना वायरस संक्रमण धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे

Corona Virus Infection In Mumbai Is Gradually Becoming Normal

By टीम पर्दाफाश 
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मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई जिस तरह से कोरोना वायरस संकट से उबरती नजर आ रही है, वैसी आशा नहीं थी. जिस गति से कोरोना संक्रमण ठीक होने का अनुमान विशेषज्ञों ने लगाया था, उससे तेजी से मुंबई में कोरोना पर काबू पाया जा रहा है. बीएमसी कोरोना टेस्टिंग की दर जून महीने में 4,500 प्रति दिन करने में कामयाब रही, जबकि मई महीने में यह दर 4,000 के पास सिमटती नजर आई. कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामलों में कमी आ रही है.

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10 जून को जब एक दिन में कोरोना के 819 नए केस सामने आए थे, इसकी तुलना में 23 जून को एक दिन में 819 केस सामने आए, जबकि कोरोना टेस्टिंग की दर 4,518 प्रति दिन है. मुंबई में कोरोना से ठीक हो रहे मरीजों की संख्या को देखते हुए भी यह कहा जा रहा है कि धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं. मुंबई में कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों की संख्या कोरोना के एक्टिव मामलों की तुलना में ज्यादा है.

12 जून से 23 जून के बीच में 11,858 मरीज कोरोना संक्रमण से ठीक हुए, वहीं कोरोना के एक्टिव मामलों की संख्या भी बराबर ही रही. बुधवार तक, मुंबई में कोरोना वायरस संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या 28,653 है, जबकि कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों की संख्या 37,010 रही. 12 जून तक 25,152 लोग कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके थे, वहीं 24 जून आने तक इस संख्या में 11,858 का और इजाफा हो गया. इसी दौरान एक्टिव मामलों की संख्या 28,163 रही. इसमें सिर्फ 63 मामलों का इजाफा हुआ.

मुंबई में कोरोना मरीजों के ठीक होने की दर 53 फीसदी है, 30 मई तक यह दर महज 45 फीसदी तक सिमटी थी. मुंबई में कोरोना संक्रमण के डबल होने की रेट बढ़कर अब 39 दिन हो गई है. मई में यही आंकड़ा 11 दिनों का था. कुछ विशेषज्ञों का दावा है कि मुंबई में चिंता की सिर्फ दो वजहें हैं. पहली मुंबई में कोरोना से होने वाली मृत्यु दर और दूसरी बारिश (मॉनसून). ऐसी आशंका है कि मॉनसून में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं.

15 जून से ही कोविड-19 से संक्रमित होने के चलते राज्य में मौतों के आंकड़े बढ़े हैं. बुधवार तक मुंबई में कोरोना संक्रमण के चलते 3,962 लोगों की जान जा चुकी है. इसके उलट 14 जून तक केवल 2,190 मौतें हुई थीं. दस दिनों के भीतर ही कुल 1,772 लोगों की मौत हो गई. भारतीय जनता पार्टी के नेता किरीट सोमैया का कहना है कि मुंबई में 15 जून तक मृत्यु दर 3.79 फीसदी रही, लेकिन यह दर बढ़कर 24 जून तक 5.69 फीसदी हो गई. इस दौरान मौत के पुराने डेटा बीएमसी दर्ज करती रही, जिसकी वजह से मृत्युदर बढ़ी.

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