कोरोना वायरस: PM मोदी की देश से अपील- निश्चिंत नही, सर्तक रहें, रविवार को देश में जनता कर्फ्यू

pm modi
कोरोना मरीजो की संख्या 500 के पार, PM आज रात 8 बजे फिर करेंगे देश को संबोधित करेंगे

 

Corona Virus Pm Modis Appeal To The Country Not Relaxed Stay Alert Public Curfew In The Country On Sunday :

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस को लेकर जारी संकट के बीच कल रात देश को संबोधित करते हुए देशवासियों से कई अपील की। उन्होने कहा ​इस महामारी का अभी कोई टीका नही बन सका है। पूरी दुनिया इस महामारी की चपेट में है, इसलिए इस समय निश्चिंत होकर न बैठें बल्कि सर्तक रहें। जरूरत पर ही घर से निकले अन्यथा घर में ही रहें। रविवार को उन्होने पूरे देश में जनता कर्फ्यू लगाने की अपील की है। उनका कहना है ​कि एक दिन हम इसका पालन करें, रविवार सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक अपने घरों में रहेंगे।

पीएम ने कहा बीते कुछ दिनों से ऐसा भी लग रहा है जैसे हम संकट से बचे हुए हैं, सब कुछ ठीक हैै। वैश्विक महामारी कोरोना से निश्चिंत हो जाने की ये सोच सही नहीं है। इसलिए, प्रत्येक भारतवासी का सजग रहना, सतर्क रहना बहुत आवश्यक है। दुनिया के जिन देशों में कोरोना वायरस का प्रभाव ज्यादा देखा जा रहा है, वहां अध्ययन में एक और बात सामने आई है। इन देशों में शुरुआती कुछ दिनों के बाद अचानक बीमारी का जैसे विस्फोट हुआ है। इन देशों में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है।

पीएम ने व्यवसाईयों से आग्रह करते हुए कहा कि अगर संभव है तो आप जिन-जिन लोगों से सेवाएं लेते हैं, उनके आर्थिक हितों का ध्यान रखें। हो सकता है आने वाले कुछ दिनों में, ये लोग दफ्तर न आ पाएं, आपके घर न आ पाएं।’ पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘ऐसे में उनका वेतन न काटें, पूरी मानवीयता के साथ, संवेदनशीलता के साथ फैसला लें। हमेशा याद रखिएगा, उन्हें भी अपना परिवार चलाना है, अपने परिवार को बीमारी से बचाना है।’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वैश्विक महामारी का अर्थव्यवस्था पर भी व्यापक प्रभाव पड़ रहा है। कोरोना महामारी से उत्पन्न हो रही आर्थिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, वित्त मंत्री के नेतृत्व में सरकार ने एक COVID-19 Economic Response Task Force के गठन का फैसला लिया है।

पीएम मोदी ने कहा, ’22 मार्च को हमारा ये प्रयास, हमारे आत्म-संयम, देशहित में कर्तव्य पालन के संकल्प का एक प्रतीक होगा। इस रविवार, यानि 22 मार्च को, सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक, सभी देशवासियों को, जनता-कर्फ्यू का पालन करना है। मैं आज प्रत्येक देशवासी से एक और समर्थन मांग रहा हूं। ये है जनता-कर्फ्यू। जनता कर्फ्यू यानि जनता के लिए, जनता द्वारा खुद पर लगाया गया कर्फ्यू। आपके इन प्रयासों के बीच, जनता-कर्फ्यू के दिन, 22 मार्च को मैं आपसे एक और सहयोग चाहता हूं।’

पीएम ने कहा, ‘मैं चाहता हूं कि 22 मार्च, रविवार के दिन हम ऐसे सभी लोगों को धन्यवाद अर्पित करें। रविवार को ठीक 5 बजे, हम अपने घर के दरवाजे पर खड़े होकर, बाल्कनी में, खिड़कियों के सामने खड़े होकर 5 मिनट तक ऐसे लोगों का आभार व्यक्त करें। आज की परिस्थितियां देखें, तो ये सेवाएं सामान्य नहीं कही जा सकती। आज खुद इनके भी संक्रमित होने का पूरा खतरा है। बावजूद इसके ये अपना कर्तव्य निभा रहे हैं, दूसरों की सेवा कर रहे हैं। पुलिसकर्मी हों, मीडिया कर्मी हों, रेलवे-बस-ऑटो रिक्शा की सुविधा से जुड़े लोग हों, होम डिलिवरी करने वाले लोग हों, ये लोग, अपनी परवाह न करते हुए, दूसरों की सेवा में लगे हुए हैं।’

पीएम ने कहा, ‘पिछले 2 महीनों से लाखों लोग, अस्पतालों में, एयरपोर्ट्स पर, दिन रात काम में जुटे हुए हैं. चाहे डॉक्टर हों, नर्स हों, हॉस्पिटल का स्टाफ हो, सफाई करने वाले भाई-बहन हों, एयरलाइंस के कर्मचारी हों, सरकारी कर्मचारी हों।’ पीएम ने कहा, ‘मैं देशवासियों को इस बात के लिए भी आश्वस्त करता हूं कि देश में दूध, खाने-पीने का सामान, दवाइयां, जीवन के लिए ज़रूरी ऐसी आवश्यक चीज़ों की कमी ना हो इसके लिए तमाम कदम उठाए जा रहे हैं।’

पीएम मोदी ने अपील की, ‘मेरा एक और आग्रह है कि हमारे परिवार में जो भी सीनियर सिटिजन्स हों, 65 वर्ष की आयु के ऊपर के व्यक्ति हों, वो आने वाले कुछ सप्ताह तक घर से बाहर न निकलें। मेरा सभी देशवासियों से ये आग्रह है कि ज़रूरी सामान संग्रह करने की होड़ न लगाएं। इसलिए मेरा सभी देशवासियों से ये आग्रह है कि ज़रूरी सामान संग्रह करने की होड़ न लगाएं। आप सामान्य रूप से ही खरीदारी करें।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरा सभी देशवासियों से ये आग्रह है कि आने वाले कुछ सप्ताह तक, जब बहुत जरूरी हो तभी अपने घर से बाहर निकलें। जितना संभव हो सके, आप अपना काम, चाहे बिजनेस से जुड़ा हो, ऑफिस से जुड़ा हो, अपने घर से ही करें.अगर आपको लगता है कि आप ठीक हैं, आपको कुछ नहीं होगा, आप ऐसे ही मार्केट में घूमते रहेंगे, सड़कों पर जाते रहेंगे, और कोरोना से बचे रहेंगे, तो ये सोच सही नहीं है. ऐसा करके आप अपने साथ और अपने परिवार के साथ अन्याय करेंगे।

पीएम ने कहा, ‘पूरा विश्व इस समय संकट के बहुत बड़े गंभीर दौर से गुजर रहा है। आम तौर पर कभी जब कोई प्राकृतिक संकट आता है तो वो कुछ देशों या राज्यों तक ही सीमित रहता है। लेकिन इस बार ये संकट ऐसा है, जिसने विश्व भर में पूरी मानवजाति को संकट में डाल दिया है।’ पीएम मोदी ने कहा कि इन दो महीनों में भारत के 130 करोड़ नागरिकों ने कोरोना वैश्विक महामारी का डटकर मुकाबला किया है, आवश्यक सावधानियां बरती हैं।

पीएम ने कहा कि अभी तक विज्ञान, कोरोना महामारी से बचने के लिए, कोई निश्चित उपाय नहीं सुझा सका है और न ही इसकी कोई वैक्सीन बन पाई है. ऐसी स्थिति में चिंता बढ़नी बहुत स्वाभाविक हैै। पीएम ने कहा, ‘आपसे मैंने जब भी, जो भी मांगा है, मुझे कभी देशवासियों ने निराश नहीं किया है. ये आपके आशीर्वाद की ताकत है कि हमारे प्रयास सफल होते हैं। आज, मैं आप सभी देशवासियों से, आपसे कुछ मांगने आया हूं. मुझे आपके आने वाले कुछ सप्ताह चाहिए, आपका आने वाला कुछ समय चाहिए।’

पीएम ने कहा कि आज जब बड़े-बड़े और विकसित देशों में हम कोरोना महामारी का व्यापक प्रभाव देख रहे हैं, तो भारत पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, ये मानना गलत है। पीएम ने कहा कि इस तरह की वैश्विक महामारी में, एक ही मंत्र काम करता है- “हम स्वस्थ तो जग स्वस्थ” ऐसी स्थिति में, जब इस बीमारी की कोई दवा नहीं है, तो हमारा खुद का स्वस्थ बने रहना बहुत आवश्यक है।

इस बीमारी से बचने और खुद के स्वस्थ बने रहने के लिए अनिवार्य है संयम, और संयम का तरीका क्या है- भीड़ से बचना, घर से बाहर निकलने से बचना। आज हमें ये संकल्प लेना होगा कि हम स्वयं संक्रमित होने से बचेंगे और दूसरों को भी संक्रमित होने से बचाएंगे। देशवासियों को केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के दिशा निर्देशों का पालन करने का संकल्प लेना होगा। आज 130 करोड़ देशवासियों को अपना संकल्प और दृढ़ करना होगा कि हम इस वैश्विक महामारी को रोकने के लिए एक नागरिक के नाते, अपने कर्तव्य का पालन करेंगे, केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के दिशा निर्देशों का पालन करेंगे।

  नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस को लेकर जारी संकट के बीच कल रात देश को संबोधित करते हुए देशवासियों से कई अपील की। उन्होने कहा ​इस महामारी का अभी कोई टीका नही बन सका है। पूरी दुनिया इस महामारी की चपेट में है, इसलिए इस समय निश्चिंत होकर न बैठें बल्कि सर्तक रहें। जरूरत पर ही घर से निकले अन्यथा घर में ही रहें। रविवार को उन्होने पूरे देश में जनता कर्फ्यू लगाने की अपील की है। उनका कहना है ​कि एक दिन हम इसका पालन करें, रविवार सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक अपने घरों में रहेंगे। पीएम ने कहा बीते कुछ दिनों से ऐसा भी लग रहा है जैसे हम संकट से बचे हुए हैं, सब कुछ ठीक हैै। वैश्विक महामारी कोरोना से निश्चिंत हो जाने की ये सोच सही नहीं है। इसलिए, प्रत्येक भारतवासी का सजग रहना, सतर्क रहना बहुत आवश्यक है। दुनिया के जिन देशों में कोरोना वायरस का प्रभाव ज्यादा देखा जा रहा है, वहां अध्ययन में एक और बात सामने आई है। इन देशों में शुरुआती कुछ दिनों के बाद अचानक बीमारी का जैसे विस्फोट हुआ है। इन देशों में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है। पीएम ने व्यवसाईयों से आग्रह करते हुए कहा कि अगर संभव है तो आप जिन-जिन लोगों से सेवाएं लेते हैं, उनके आर्थिक हितों का ध्यान रखें। हो सकता है आने वाले कुछ दिनों में, ये लोग दफ्तर न आ पाएं, आपके घर न आ पाएं।' पीएम मोदी ने आगे कहा, 'ऐसे में उनका वेतन न काटें, पूरी मानवीयता के साथ, संवेदनशीलता के साथ फैसला लें। हमेशा याद रखिएगा, उन्हें भी अपना परिवार चलाना है, अपने परिवार को बीमारी से बचाना है।' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वैश्विक महामारी का अर्थव्यवस्था पर भी व्यापक प्रभाव पड़ रहा है। कोरोना महामारी से उत्पन्न हो रही आर्थिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, वित्त मंत्री के नेतृत्व में सरकार ने एक COVID-19 Economic Response Task Force के गठन का फैसला लिया है। पीएम मोदी ने कहा, '22 मार्च को हमारा ये प्रयास, हमारे आत्म-संयम, देशहित में कर्तव्य पालन के संकल्प का एक प्रतीक होगा। इस रविवार, यानि 22 मार्च को, सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक, सभी देशवासियों को, जनता-कर्फ्यू का पालन करना है। मैं आज प्रत्येक देशवासी से एक और समर्थन मांग रहा हूं। ये है जनता-कर्फ्यू। जनता कर्फ्यू यानि जनता के लिए, जनता द्वारा खुद पर लगाया गया कर्फ्यू। आपके इन प्रयासों के बीच, जनता-कर्फ्यू के दिन, 22 मार्च को मैं आपसे एक और सहयोग चाहता हूं।' पीएम ने कहा, 'मैं चाहता हूं कि 22 मार्च, रविवार के दिन हम ऐसे सभी लोगों को धन्यवाद अर्पित करें। रविवार को ठीक 5 बजे, हम अपने घर के दरवाजे पर खड़े होकर, बाल्कनी में, खिड़कियों के सामने खड़े होकर 5 मिनट तक ऐसे लोगों का आभार व्यक्त करें। आज की परिस्थितियां देखें, तो ये सेवाएं सामान्य नहीं कही जा सकती। आज खुद इनके भी संक्रमित होने का पूरा खतरा है। बावजूद इसके ये अपना कर्तव्य निभा रहे हैं, दूसरों की सेवा कर रहे हैं। पुलिसकर्मी हों, मीडिया कर्मी हों, रेलवे-बस-ऑटो रिक्शा की सुविधा से जुड़े लोग हों, होम डिलिवरी करने वाले लोग हों, ये लोग, अपनी परवाह न करते हुए, दूसरों की सेवा में लगे हुए हैं।' पीएम ने कहा, 'पिछले 2 महीनों से लाखों लोग, अस्पतालों में, एयरपोर्ट्स पर, दिन रात काम में जुटे हुए हैं. चाहे डॉक्टर हों, नर्स हों, हॉस्पिटल का स्टाफ हो, सफाई करने वाले भाई-बहन हों, एयरलाइंस के कर्मचारी हों, सरकारी कर्मचारी हों।' पीएम ने कहा, 'मैं देशवासियों को इस बात के लिए भी आश्वस्त करता हूं कि देश में दूध, खाने-पीने का सामान, दवाइयां, जीवन के लिए ज़रूरी ऐसी आवश्यक चीज़ों की कमी ना हो इसके लिए तमाम कदम उठाए जा रहे हैं।' पीएम मोदी ने अपील की, 'मेरा एक और आग्रह है कि हमारे परिवार में जो भी सीनियर सिटिजन्स हों, 65 वर्ष की आयु के ऊपर के व्यक्ति हों, वो आने वाले कुछ सप्ताह तक घर से बाहर न निकलें। मेरा सभी देशवासियों से ये आग्रह है कि ज़रूरी सामान संग्रह करने की होड़ न लगाएं। इसलिए मेरा सभी देशवासियों से ये आग्रह है कि ज़रूरी सामान संग्रह करने की होड़ न लगाएं। आप सामान्य रूप से ही खरीदारी करें।' प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरा सभी देशवासियों से ये आग्रह है कि आने वाले कुछ सप्ताह तक, जब बहुत जरूरी हो तभी अपने घर से बाहर निकलें। जितना संभव हो सके, आप अपना काम, चाहे बिजनेस से जुड़ा हो, ऑफिस से जुड़ा हो, अपने घर से ही करें.अगर आपको लगता है कि आप ठीक हैं, आपको कुछ नहीं होगा, आप ऐसे ही मार्केट में घूमते रहेंगे, सड़कों पर जाते रहेंगे, और कोरोना से बचे रहेंगे, तो ये सोच सही नहीं है. ऐसा करके आप अपने साथ और अपने परिवार के साथ अन्याय करेंगे। पीएम ने कहा, 'पूरा विश्व इस समय संकट के बहुत बड़े गंभीर दौर से गुजर रहा है। आम तौर पर कभी जब कोई प्राकृतिक संकट आता है तो वो कुछ देशों या राज्यों तक ही सीमित रहता है। लेकिन इस बार ये संकट ऐसा है, जिसने विश्व भर में पूरी मानवजाति को संकट में डाल दिया है।' पीएम मोदी ने कहा कि इन दो महीनों में भारत के 130 करोड़ नागरिकों ने कोरोना वैश्विक महामारी का डटकर मुकाबला किया है, आवश्यक सावधानियां बरती हैं। पीएम ने कहा कि अभी तक विज्ञान, कोरोना महामारी से बचने के लिए, कोई निश्चित उपाय नहीं सुझा सका है और न ही इसकी कोई वैक्सीन बन पाई है. ऐसी स्थिति में चिंता बढ़नी बहुत स्वाभाविक हैै। पीएम ने कहा, 'आपसे मैंने जब भी, जो भी मांगा है, मुझे कभी देशवासियों ने निराश नहीं किया है. ये आपके आशीर्वाद की ताकत है कि हमारे प्रयास सफल होते हैं। आज, मैं आप सभी देशवासियों से, आपसे कुछ मांगने आया हूं. मुझे आपके आने वाले कुछ सप्ताह चाहिए, आपका आने वाला कुछ समय चाहिए।' पीएम ने कहा कि आज जब बड़े-बड़े और विकसित देशों में हम कोरोना महामारी का व्यापक प्रभाव देख रहे हैं, तो भारत पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, ये मानना गलत है। पीएम ने कहा कि इस तरह की वैश्विक महामारी में, एक ही मंत्र काम करता है- “हम स्वस्थ तो जग स्वस्थ” ऐसी स्थिति में, जब इस बीमारी की कोई दवा नहीं है, तो हमारा खुद का स्वस्थ बने रहना बहुत आवश्यक है। इस बीमारी से बचने और खुद के स्वस्थ बने रहने के लिए अनिवार्य है संयम, और संयम का तरीका क्या है- भीड़ से बचना, घर से बाहर निकलने से बचना। आज हमें ये संकल्प लेना होगा कि हम स्वयं संक्रमित होने से बचेंगे और दूसरों को भी संक्रमित होने से बचाएंगे। देशवासियों को केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के दिशा निर्देशों का पालन करने का संकल्प लेना होगा। आज 130 करोड़ देशवासियों को अपना संकल्प और दृढ़ करना होगा कि हम इस वैश्विक महामारी को रोकने के लिए एक नागरिक के नाते, अपने कर्तव्य का पालन करेंगे, केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के दिशा निर्देशों का पालन करेंगे।