न्यूयॉर्क में ट्रकों को मुर्दाघर बनाने की तैयारी, इस वजह से लग सकता है लाशों का ढेर

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न्यूयार्क: कोरोना वायरस अमेरिका में लगातार कहर ढा रहा है। हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल है। रोजाना सैकड़ों लोग संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। अकेले न्यूयॉर्क में 30 हज़ार से ज्यादा मरीज़ हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो न्यूयॉर्क में कुछ दिनों में सैकड़ों लोगों की मौत हो सकती है। ऐसे में वहां कोरोना वायरस से होने वाली मौतों के चलते लाशों को अलग जगह रखने की तैयारी की जा रही है।

Corona Virus Preparing To Make Trucks Running Here A Morgue May Get Corpses :

अमेरिकन मीडिया के अनुसार न्यूयॉर्क में कुछ हॉस्पिटलों में टेंट और रेफ्रिजरेटेड ट्रक पर मुर्दाघर बनाने का काम चल रहा है। वहां के अफसरों के अनुसार हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। न्यूयॉर्क में पहले ही इमरजेंसी लगाई जा चुकी है। ऐसे ही अस्थाई मुर्दाघर 9/11 हमले के बाद बनाये गए थे। कोरोना वायरस से मौत के बाद शवों को अलग रखा जाता है ताकि आगे इसका संक्रमण न हो। भारत में भी ऐसी मौत के बाद शवों के पोस्टमॉर्टम नहीं किए जा रहे हैं और शवों को दफनाने के लिए नए गाइडलाइन्स भी जारी किए गए हैं।

बताया जा रहा है कि न्यूयॉर्क के अलावा नॉर्थ कैरोलिना में भी ऐसे ही टेंट और रेफ्रिजरेटेड ट्रंक बनाये जा रहे हैं। अमेरिका में अब तक 900 से ज्यादा लोग मर चुके हैं। न्यूयॉर्क में आने वाले दिनों में वेंटीलेटर की भी कमी हो सकती है। अमेरिका में 20 फीसदी से ज्यादा मरीज आईसीयू में भर्ती हैं और इसमें से 80 फीसदी मरीजों को वेनटिलेटर की जरूरत पड़ती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि अमेरिका पूरी दुनिया के लिए कोरोना वायरस का नया केंद्र बन गया है। चीन के वुहान के बाद सबसे ज्यादा मौत अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में हो सकती है। न्यूयॉर्क की आबादी करीब 80 लाख है। पिछले दिनों यहां कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते डेढ़ सौ से ज्यादा मौतें हुई हैं। अब तक अमेरिका में 65 हजार लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं।

न्यूयार्क: कोरोना वायरस अमेरिका में लगातार कहर ढा रहा है। हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल है। रोजाना सैकड़ों लोग संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। अकेले न्यूयॉर्क में 30 हज़ार से ज्यादा मरीज़ हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो न्यूयॉर्क में कुछ दिनों में सैकड़ों लोगों की मौत हो सकती है। ऐसे में वहां कोरोना वायरस से होने वाली मौतों के चलते लाशों को अलग जगह रखने की तैयारी की जा रही है। अमेरिकन मीडिया के अनुसार न्यूयॉर्क में कुछ हॉस्पिटलों में टेंट और रेफ्रिजरेटेड ट्रक पर मुर्दाघर बनाने का काम चल रहा है। वहां के अफसरों के अनुसार हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। न्यूयॉर्क में पहले ही इमरजेंसी लगाई जा चुकी है। ऐसे ही अस्थाई मुर्दाघर 9/11 हमले के बाद बनाये गए थे। कोरोना वायरस से मौत के बाद शवों को अलग रखा जाता है ताकि आगे इसका संक्रमण न हो। भारत में भी ऐसी मौत के बाद शवों के पोस्टमॉर्टम नहीं किए जा रहे हैं और शवों को दफनाने के लिए नए गाइडलाइन्स भी जारी किए गए हैं। बताया जा रहा है कि न्यूयॉर्क के अलावा नॉर्थ कैरोलिना में भी ऐसे ही टेंट और रेफ्रिजरेटेड ट्रंक बनाये जा रहे हैं। अमेरिका में अब तक 900 से ज्यादा लोग मर चुके हैं। न्यूयॉर्क में आने वाले दिनों में वेंटीलेटर की भी कमी हो सकती है। अमेरिका में 20 फीसदी से ज्यादा मरीज आईसीयू में भर्ती हैं और इसमें से 80 फीसदी मरीजों को वेनटिलेटर की जरूरत पड़ती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि अमेरिका पूरी दुनिया के लिए कोरोना वायरस का नया केंद्र बन गया है। चीन के वुहान के बाद सबसे ज्यादा मौत अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में हो सकती है। न्यूयॉर्क की आबादी करीब 80 लाख है। पिछले दिनों यहां कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते डेढ़ सौ से ज्यादा मौतें हुई हैं। अब तक अमेरिका में 65 हजार लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं।