1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. कोरोना वायरस के पानी में जिंदा रहने का खुलासा, देश की दो नदी और कई झीलों का पानी संक्रमित मिला

कोरोना वायरस के पानी में जिंदा रहने का खुलासा, देश की दो नदी और कई झीलों का पानी संक्रमित मिला

गुजरात की साबरमती व गुवाहाटी की भारू नदी व कई झीलों  के पानी के सैंपल की जांच की गई है। इस जांच में  कोरोना वायरस जिंदा मिलने के सबूत मिले हैं। इसके अलावा गुजरात की कांकरिया व चंदोला झील का पानी भी संक्रमित पाया गया है।

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। गुजरात की साबरमती व गुवाहाटी की भारू नदी व कई झीलों  के पानी के सैंपल की जांच की गई है। इस जांच में  कोरोना वायरस जिंदा मिलने के सबूत मिले हैं। इसके अलावा गुजरात की कांकरिया व चंदोला झील का पानी भी संक्रमित पाया गया है। देश के अलग-अलग शिक्षण संस्थानों द्वारा सैंपल लिए गए हैं।

पढ़ें :- Coronavirus in India:देश में एक बार फिर कोरोना के केस में उछाल, 24 घंटो में 16,159 नए मामले आए सामने

बता दें कि गुजरात में अहमदाबाद की लाइफलाइन कहे जाने वाली साबरमती नदी में कोरोना वायरस मिला है। यहां से लिए सभी सैंपल संक्रमित मिले हैं। साबरमती नदी के साथ ही अहमदाबाद के अन्य जल स्रोत कांकरिया, चंदोला झील से लिए गए सैंपल भी संक्रमित मिले हैं। शोधार्थियों ने जब असम के गुवाहाटी क्षेत्र में भी नदियों की जांच की तो वहां भारू नदी से लिया एक सैंपल कोरोना संक्रमित मिला है।

देश के आठ संस्थानों ने मिलकर की स्‍टडी

इन सभी सैंपल में विषाणुओं की मौजूदगी काफी अधिक बताई गई है। आईआईटी गांधी नगर सहित देश के आठ संस्थानों ने मिलकर यह अध्ययन किया है, जिसमें नई दिल्ली स्थित जेएनयू के स्कूल ऑफ इनवॉयरमेंटल साइंसेज के शोद्यार्थी भी शामिल हैं। पिछले साल सीवेज से सैंपल लेकर जांच के दौरान कोरोना वायरस की मौजूदगी का पता चला था। इस अध्ययन के बाद प्राकृतिक जल स्रोत के बारे में भी पता लगाने के लिए दोबारा अध्ययन शुरू किया गया।

जानें अहमदाबाद और गुवाहाटी को सैंपलिंग के लिए क्‍यों चुना गया?

पढ़ें :- Delhi News: दिल्ली में फिर डराने लगा कोरोना, 24 घंटे में मिले 1375 नए मरीज

गांधीनगर स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के पृथ्वी विज्ञान विभाग के अनुसार पिछले वर्ष सीवेज से सैंपल लेकर जांच के दौरान कोरोना वायरस की मौजूदगी का पता चला था। इस स्‍टडी के बाद प्राकृतिक जल स्रोत के बारे में भी पता लगाने के लिए दोबारा अध्ययन शुरू किया है चूंकि अहमदाबाद में सबसे ज्यादा वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट हैं और गुवाहाटी में एक भी प्लांट नहीं है। इसलिए इन दोनों शहरों का चुनाव करते हुए सैंपलिंग शुरू की गई।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...