कोरोना का कहर: झारखण्ड में आइसोलेशन वार्ड में तैनात डॉक्टर दंपती ने दिया इस्तीफा

Corona's havoc
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नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। पीएम नरेन्द्र मोदी की अपील पर भारत को अगले 21 दिनों के लिए पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया गया है। इस बीच झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के एक सरकारी अस्पताल तैनात डॉक्टर दंपती ने नौकरी से इसलिए इस्तीफा दे दिया, क्योंकि उसकी ड्यूटी कोरोना वायरस के आइसोलेशन वार्ड में लगाई गई थी। अधिकारियों के मुताबिक डॉक्टर ने अपनी पत्नी के साथ व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से इस बारे में बताया और बाद में ईमेल कर इस्तीफा कन्फर्म किया।

Coronas Havoc Doctor Couple Posted In Isolation Ward In Jharkhand Resigns :

जानकारी मिली है कि पश्चिम सिंहभूम जिले के सिविल सर्जन डॉ मंजू दुबे ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने डॉ आलोक तिर्की को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। राज्य के स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी के निर्देश पर उन्हें तुरंत ड्यूटी ज्वाइन करने को कहा है। डॉ मंजू ने बताया कि स्वास्थ्य सचिव के निर्देश के अनुसार मैंने डॉ तिर्की से 24 घंटे के भीतर ड्यूटी ज्वाइन करने को कहा है। अन्यथा झारखंड महामारी रोग (कोविड -19) विनियमन -2020 और महामारी रोग अधिनियम, 1897 के तहत उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।

अगर वो तत्काल अपनी ड्यूटी पर वापस नहीं आते हैं तो उनका पंजीकरण मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के द्वारा निरस्त भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डॉ. तिर्की का इस्तीफा मुझे सोमवार की रात को व्हाट्सएप पर और मंगलवार की सुबह ईमेल पर मिला। वह पहले जिला खनिज निधि ट्रस्ट के तहत जिले में थे, लेकिन नव-निर्मित दुमका मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में शामिल होने के लिए इस्तीफा दे दिया था। बाद में उन्होंने डीएमसीएच से भी इस्तीफा दे दिया था और कुछ दिन पहले ही यहां के सदर अस्पताल को ज्वाइन किया था।

तीन दिन पहले उन्हें कोरोनो वायरस के आइसोलेशन वार्ड में उन्हें तैनात किया गया था। डॉ. दुबे ने कहा कि तिर्की दंपती के अलावा सदर अस्पताल के अन्य 23 डॉक्टरों में से किसी ने भी इस्तीफा नहीं दिया है और ना ही अब तक किसी ने भी छुट्टी मांगी है। डॉ. तिर्की एक विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। सिविल सर्जन ने कहा कि डॉ. तिर्की ने अपने त्याग पत्र में अपनी पत्नी डॉ सौम्या की स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला दिया है। डॉ. तिर्की एक विशेषज्ञ चिकित्सक हैं।

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। पीएम नरेन्द्र मोदी की अपील पर भारत को अगले 21 दिनों के लिए पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया गया है। इस बीच झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के एक सरकारी अस्पताल तैनात डॉक्टर दंपती ने नौकरी से इसलिए इस्तीफा दे दिया, क्योंकि उसकी ड्यूटी कोरोना वायरस के आइसोलेशन वार्ड में लगाई गई थी। अधिकारियों के मुताबिक डॉक्टर ने अपनी पत्नी के साथ व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से इस बारे में बताया और बाद में ईमेल कर इस्तीफा कन्फर्म किया। जानकारी मिली है कि पश्चिम सिंहभूम जिले के सिविल सर्जन डॉ मंजू दुबे ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने डॉ आलोक तिर्की को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। राज्य के स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी के निर्देश पर उन्हें तुरंत ड्यूटी ज्वाइन करने को कहा है। डॉ मंजू ने बताया कि स्वास्थ्य सचिव के निर्देश के अनुसार मैंने डॉ तिर्की से 24 घंटे के भीतर ड्यूटी ज्वाइन करने को कहा है। अन्यथा झारखंड महामारी रोग (कोविड -19) विनियमन -2020 और महामारी रोग अधिनियम, 1897 के तहत उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। अगर वो तत्काल अपनी ड्यूटी पर वापस नहीं आते हैं तो उनका पंजीकरण मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के द्वारा निरस्त भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डॉ. तिर्की का इस्तीफा मुझे सोमवार की रात को व्हाट्सएप पर और मंगलवार की सुबह ईमेल पर मिला। वह पहले जिला खनिज निधि ट्रस्ट के तहत जिले में थे, लेकिन नव-निर्मित दुमका मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में शामिल होने के लिए इस्तीफा दे दिया था। बाद में उन्होंने डीएमसीएच से भी इस्तीफा दे दिया था और कुछ दिन पहले ही यहां के सदर अस्पताल को ज्वाइन किया था। तीन दिन पहले उन्हें कोरोनो वायरस के आइसोलेशन वार्ड में उन्हें तैनात किया गया था। डॉ. दुबे ने कहा कि तिर्की दंपती के अलावा सदर अस्पताल के अन्य 23 डॉक्टरों में से किसी ने भी इस्तीफा नहीं दिया है और ना ही अब तक किसी ने भी छुट्टी मांगी है। डॉ. तिर्की एक विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। सिविल सर्जन ने कहा कि डॉ. तिर्की ने अपने त्याग पत्र में अपनी पत्नी डॉ सौम्या की स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला दिया है। डॉ. तिर्की एक विशेषज्ञ चिकित्सक हैं।