कोरोना का कहर: रक्षा मंत्रालय ने तीनों सेनाओं को दिया निर्देश, फिलहाल रोक दें रक्षा सौदों की सारी डील

Ministry of Defense
कोरोना का कहर: रक्षा मंत्रालय ने तीनों सेनाओं को दिया निर्देश, फिलहाल रोक दें रक्षा सौदों की सारी डील

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पूरे देश में लॉकडाउन चल रहा है। लॉकडाउन का सीधा असर अब भारत के रक्षा सौदों पर भी पड़ने लगा है। कोरोना लॉकडाउन से उपजे संकट के हालात ने सरकार को सशस्त्र बलों के लिए बजट में भी कटौती को मजबूर कर दिया है। रक्षा मंत्रालय ने तीनों सेनाओं (थल सेना, वायुसेना और नौसेना) से कोरोना संकट जारी रहने तक अपने आधुनिकीकरण के लिए किए जा रहे रक्षा सौदों की प्रक्रिया को फिलहाल रोकने के लिए कहा है।

Coronas Havoc Ministry Of Defense Gave Instructions To The Three Forces Stop All The Deals Of Defense Deals :

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि सैन्य मामलों के विभाग द्वारा एक पत्र लिखा गया है, जिसमें जब तक देश में कोविड-19 संकट की स्थिति बनी रहती है, तब तक तीनों सेनाओं को अपनी पूंजी अधिग्रहण प्रक्रियाओं (रक्षा सौदों) को रोकने के लिए कहा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सशस्त्र बलों को अपनी सभी अलग-अलग चरणों में मौजूद अधिग्रहण प्रक्रियाओं को रोक कर रखने के लिए कहा गया है। यानी इन सभी डील पर विराम लग गया है, कोरोना संकट के बाद अलग-अलग डील को वहीं से आगे बढ़ाया जाएगा।

दरअसल, देश की तीनों सशस्त्र सेनाएं अपने आधुनिकीकरण के लिए कई रक्षा सौदों की प्रक्रिया में हैं। जहां एयरफोर्स फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान और रूस से एस-400 वायु रक्षा हथियार प्रणाली के लिए भुगतान करने की प्रक्रिया में है। वहीं थल सेना भी अमेरिका और रूस समेत कई देशों से टैंक, आर्टिलरी गन और असॉल्ट राइफल खरीद रही है। इसके अलावा नौसेना ने भी हाल ही में अमेरिका से 24 मल्टीरोल चॉपर्स (हेलिकॉप्टर) के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किया है।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पूरे देश में लॉकडाउन चल रहा है। लॉकडाउन का सीधा असर अब भारत के रक्षा सौदों पर भी पड़ने लगा है। कोरोना लॉकडाउन से उपजे संकट के हालात ने सरकार को सशस्त्र बलों के लिए बजट में भी कटौती को मजबूर कर दिया है। रक्षा मंत्रालय ने तीनों सेनाओं (थल सेना, वायुसेना और नौसेना) से कोरोना संकट जारी रहने तक अपने आधुनिकीकरण के लिए किए जा रहे रक्षा सौदों की प्रक्रिया को फिलहाल रोकने के लिए कहा है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि सैन्य मामलों के विभाग द्वारा एक पत्र लिखा गया है, जिसमें जब तक देश में कोविड-19 संकट की स्थिति बनी रहती है, तब तक तीनों सेनाओं को अपनी पूंजी अधिग्रहण प्रक्रियाओं (रक्षा सौदों) को रोकने के लिए कहा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सशस्त्र बलों को अपनी सभी अलग-अलग चरणों में मौजूद अधिग्रहण प्रक्रियाओं को रोक कर रखने के लिए कहा गया है। यानी इन सभी डील पर विराम लग गया है, कोरोना संकट के बाद अलग-अलग डील को वहीं से आगे बढ़ाया जाएगा। दरअसल, देश की तीनों सशस्त्र सेनाएं अपने आधुनिकीकरण के लिए कई रक्षा सौदों की प्रक्रिया में हैं। जहां एयरफोर्स फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान और रूस से एस-400 वायु रक्षा हथियार प्रणाली के लिए भुगतान करने की प्रक्रिया में है। वहीं थल सेना भी अमेरिका और रूस समेत कई देशों से टैंक, आर्टिलरी गन और असॉल्ट राइफल खरीद रही है। इसके अलावा नौसेना ने भी हाल ही में अमेरिका से 24 मल्टीरोल चॉपर्स (हेलिकॉप्टर) के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किया है।