कोरोना का कहर: नोएडा के हालात चिंताजनक, CM योगी ने DM और CMO को लगाई फटकार

cm yogi
1651 Corona active cases so far in UP, 513 have been cured, 39 patients died

नोएडा। देश में जहां कोरोना संक्रमित मरीजो की संख्या 1000 के पार पंहुच चुकी है वहीं उत्तर प्रदेश में भी आंकड़ा 100 के पास पंहुच चुका है। इस समय उत्तर प्रदेश में कोरोना से संक्रमित मरीजो की कुल संख्या 88 हो गयी है। वहीं सबसे ज्यादा मरीज नोएडा में गौतमबुद्ध नगर (Noida) के हैं। यहां पर अबतक 37 मरीज हो चुके हैं, सबसे हैरानी की बात ये है कि आज 2 सला के बच्चा भी सं​क्रमित निकला है। लागातार नोएडा के बिगड़ते हालात देखते हुए आज सीएम योगी आदित्यनाथ नोएडा पहुंचे और समीक्षा बैठक के दौरान नोएडा के डीएम और सीएमओ को जमकर फटकार लगाई।

Coronas Havoc Noidas Situation Worrisome Cm Yogi Reprimanded Dm And Cmo :

अभी तक तो नोएडा में बड़े व बुजुर्ग ही कोरोना की चपेट में आये थे लेकिन आज दो साल के बच्चे के अन्दर संक्रमण पाया गया तो हालात काफी चिंताजनक हो गये। बताया गया कि ओमिक्रोन सेक्टर में तीन दिन पूर्व बच्चे के पिता में भी कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। जिसके बाद बच्चे के नमूने को भी जांच के लिए भेजा गया था, जो कि जांच में पॉजिटिव पाया गया है। उधर दादरी के अच्छेजा स्थित महक रेजीडेंसी में भी आज तीन और लोगों में कोरोना संक्रमंब पाया गया है।

बताया जा रहा है कि नोएडा में पिछले तीन दिनों में मिले सभी मरीज एक सीज फायर कम्पनी में लंदन से आए ऑडिटर से संक्रमित हुए हैं। नोएडा में अब पॉजिटिव मरीजों की संख्या 37 हो गई है। यही वजह है कि प्रशासन ने हालात बिगड़ता देख लॉकडाउन को सख्ती से लागू कराने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स और पीएसी की एक बटालियन भेजी है। बताया जा रहा है कि जिले में पुलिस, पीएसी और आरएएफ साथ मिलकर सोमवार से लॉक डाउन का पालन कराना सुनिश्चित करेंगे।

सोमवार को मुख्यमंत्री खुद स्थिति का जायजा लेने नोएडा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और उन्हें सख्ती से लॉकडाउन का पालन कराने का निर्देश दिया। इय दौरान सीएम योगी काफी नाराज दिखे। मुख्यमंत्री की नाराजगी का आलम यह है कि उन्होंने भरी मीटिंग में न केवल प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की क्लास लगाई बल्कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई तक के संकेत दे दिए।

बताया गया कि मुख्यमंत्री की नाराजगी इसी बात को लेकर थी कि सीज फायर कंपनी का लंदन से आया ऑडिटर जब लोगों को कोरोना वायरस का संक्रमण बांट रहा था तो जिले का स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन कहां था। मुख्यमंत्री ने सीधे शब्दों में पूछा कि कंपनी अब तक सीज क्यों नहीं हुई। समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी से नाराजगी जताई। जिलाधिकारी से उन्होंने कहा कि विदेश से आये लोगों की प्रॉपर निगरानी होनी चाहिए थी। मुख्यमंत्री ने सीएमओ की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई है।

नोएडा। देश में जहां कोरोना संक्रमित मरीजो की संख्या 1000 के पार पंहुच चुकी है वहीं उत्तर प्रदेश में भी आंकड़ा 100 के पास पंहुच चुका है। इस समय उत्तर प्रदेश में कोरोना से संक्रमित मरीजो की कुल संख्या 88 हो गयी है। वहीं सबसे ज्यादा मरीज नोएडा में गौतमबुद्ध नगर (Noida) के हैं। यहां पर अबतक 37 मरीज हो चुके हैं, सबसे हैरानी की बात ये है कि आज 2 सला के बच्चा भी सं​क्रमित निकला है। लागातार नोएडा के बिगड़ते हालात देखते हुए आज सीएम योगी आदित्यनाथ नोएडा पहुंचे और समीक्षा बैठक के दौरान नोएडा के डीएम और सीएमओ को जमकर फटकार लगाई। अभी तक तो नोएडा में बड़े व बुजुर्ग ही कोरोना की चपेट में आये थे लेकिन आज दो साल के बच्चे के अन्दर संक्रमण पाया गया तो हालात काफी चिंताजनक हो गये। बताया गया कि ओमिक्रोन सेक्टर में तीन दिन पूर्व बच्चे के पिता में भी कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। जिसके बाद बच्चे के नमूने को भी जांच के लिए भेजा गया था, जो कि जांच में पॉजिटिव पाया गया है। उधर दादरी के अच्छेजा स्थित महक रेजीडेंसी में भी आज तीन और लोगों में कोरोना संक्रमंब पाया गया है। बताया जा रहा है कि नोएडा में पिछले तीन दिनों में मिले सभी मरीज एक सीज फायर कम्पनी में लंदन से आए ऑडिटर से संक्रमित हुए हैं। नोएडा में अब पॉजिटिव मरीजों की संख्या 37 हो गई है। यही वजह है कि प्रशासन ने हालात बिगड़ता देख लॉकडाउन को सख्ती से लागू कराने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स और पीएसी की एक बटालियन भेजी है। बताया जा रहा है कि जिले में पुलिस, पीएसी और आरएएफ साथ मिलकर सोमवार से लॉक डाउन का पालन कराना सुनिश्चित करेंगे। सोमवार को मुख्यमंत्री खुद स्थिति का जायजा लेने नोएडा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और उन्हें सख्ती से लॉकडाउन का पालन कराने का निर्देश दिया। इय दौरान सीएम योगी काफी नाराज दिखे। मुख्यमंत्री की नाराजगी का आलम यह है कि उन्होंने भरी मीटिंग में न केवल प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की क्लास लगाई बल्कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई तक के संकेत दे दिए। बताया गया कि मुख्यमंत्री की नाराजगी इसी बात को लेकर थी कि सीज फायर कंपनी का लंदन से आया ऑडिटर जब लोगों को कोरोना वायरस का संक्रमण बांट रहा था तो जिले का स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन कहां था। मुख्यमंत्री ने सीधे शब्दों में पूछा कि कंपनी अब तक सीज क्यों नहीं हुई। समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी से नाराजगी जताई। जिलाधिकारी से उन्होंने कहा कि विदेश से आये लोगों की प्रॉपर निगरानी होनी चाहिए थी। मुख्यमंत्री ने सीएमओ की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई है।