कोरोना का कहर: बेशुमार मौतों के बाद भी यह देश नहीं कर रहे लॉकडाउन, बताई ये वजह

America, Pakistan, Brazil
कोरोना का कहर: बेशुमार मौतों के बाद भी यह देश नहीं कर रहे लॉकडाउन, बताई ये वजह

नई दिल्‍ली। चीन के वुहान से निकला कोरोना वायरस अब करीब पूरी दुनिया को अपनी जद में ले चुका है। इस वायरस पूरी दुनिया में 7,22,196 लोग संक्रमित हुए हैं। इस वायरस ने दुनियाभर में 33,976 लोगों की जान ले ली है। इस वायरस के इसके सबसे अधिक मरीज चीन के बाद अमेरिका में हैं। यहां पर इसके 1,42178 मरीज हैं जबकि 2484 लोगों की मौत हो चुकी है। इसकी चपेट में आए दुनिया के टॉप-10 देशों में अमेरिका के बाद इटली में 97,689 मरीज, चीन में 81,470 मरीज, स्‍पेन में 80,110 मरीज, जर्मनी में 62,435 मरीज, फ्रांस में 40,174 मरीज, ईरान में 38,309, ब्रिटेन में 19,522 मरीज, स्विटजरलैंड में 14,829 मरीज और नीदरलैंड में 10,866 मरीज हैं।

Coronas Havoc This Country Is Not Doing Lockdown Even After The Number Of Deaths :

इस जानेलवा वायरस की वजह से सबसे अधिक मौतें इटली में हुई हैं। यहां पर इसकी वजह से अब तक 10,799 लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं। इसके बाद स्‍पेन, चीन, ईरान, फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन है। जर्मनी में तो इसकी वजह से होने वाले आर्थिक संकट के मद्देनजर वहां के एक मंत्री ने आत्‍महत्‍या तक कर ली है। इसके अलावा स्‍पेन की राजकुमारी की इसकी वजह से मौत हो चुकी है। दुनिया में राजपरिवार के किसी सदस्‍य के इस वायरस से हुई मौत का ये पहला मामला है।

दुनिया के ज्‍यादातर देशों ने इसकी वजह से होने वाले आर्थिक संकट को नजरअंदाज करते हुए लोगों की जिंदगी को बचाना ज्‍यादा जरूरी माना है। यही वजह है कि दुनिया के ज्‍यादातर देशों में इस वक्‍त पूरी तरह से लॉकडाउन है। जहां पर नहीं है वो भी भविष्‍य में ऐसा करने से इनकार नहीं कर रहे हैं। लेकिन वहीं तीन देश ऐसे भी हैं जो किसी भी सूरत में देश में लॉकडाउन करने से साफ इनकार कर चुके हैं। इन देशों में अमेरिका, ब्राजील और पाकिस्‍तान शामिल हैं। ये तीनों बार-बार लॉकडाउन से बदत्‍तर होने वाली आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए ऐसा करने से इनकार करते आ रहे हैं।

संयुक्त राज्य अमेरिका

वर्तमान में कोरोना वायरस से संक्रमित सबसे अधिक मरीज अमेरिका में हैं। इसके बाद भी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप लॉकडाउन करने से इनकार कर चुके हैं। उनका साफ कहना है कि लॉकडाउन कर वह देश को आर्थिक संकट में नहीं डाल सकते हैं। इतना ही नहीं उन्‍होंने सोशल डिस्‍टेंसिंग की बात को भी गंभीरता से नहीं लिया है। इसके अलावा वो लगातार विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन और दुनिया के बड़े वैज्ञानिक और डॉक्‍टरों की उन अपील को भी नजरअंदाज कर चुके हैं जिसमें उन्‍होंने भी लॉकडाउन का समर्थन किया है। देश में लॉकडाउन न करने की वजह से ट्रंप का विरोध भी हो रहा है। अमेरिकी सीनेट में कई सांसद पूरी तरह से लॉकडाउन के पक्ष में हैं।

ब्राजील
लेटिन अमेरिका के गरीब देशों में शुमार ब्राजील में लोगों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल रही है। ब्राजील में अब तक कोरोना वायरस की चपेट 4256 लोग आ चुके हैं और 136 लोगों की मौत हो चुकी है। इसकी गंभीरता को भांपते हुए यहां के एक बड़े फुटबॉल क्‍लब ने अपना एक स्‍टेडियम इसके मरीजों के लिए अस्‍थायी अस्‍पताल बनाने के लिए हेल्‍थ डिपार्टमेंट को सौंप दिया है। इसके बाद भी राष्‍ट्रपति इसकी गंभीरता से आंखें मूंदे हुए हैं। लॉकडाउन लागू करने को लेकर राष्‍ट्रपति जायरो बोल्‍सोनारो और राज्‍यों के गवर्नरों के बीच जबरदस्‍त टकराव चल रहा है।

पाकिस्‍तान

पाकिस्‍तान भी पूरे देश में आर्थिक हालत बदतर होने के डर से लॉकडाउन नहीं कर रहा है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश के नाम अपने संबोधन में कहा था कि यदि देश में लॉकडाउन किया गया तो लोग भूखे मर जाएंगे। उन्‍होंने ये भी कहा था कि उनके पास इस महामारी से लड़ने के लिए न तो फंड है न ही कोई इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर। ऐसे में यदि लॉकडाउन किया गया तो हालात इतने खराब हो जाएंगे कि संभाले नहीं संभलेंगे। पीएम इमरान खान ने बलूचिस्‍तान में खराब स्‍वास्‍थ्‍य हालातों पर भी चिंता जताई थी। इमरान और ट्रंप में इतना फर्क जरूर है कि इमरान सोशल डिस्‍टेंसिंग की बात लगातार कर रहे हैं।

नई दिल्‍ली। चीन के वुहान से निकला कोरोना वायरस अब करीब पूरी दुनिया को अपनी जद में ले चुका है। इस वायरस पूरी दुनिया में 7,22,196 लोग संक्रमित हुए हैं। इस वायरस ने दुनियाभर में 33,976 लोगों की जान ले ली है। इस वायरस के इसके सबसे अधिक मरीज चीन के बाद अमेरिका में हैं। यहां पर इसके 1,42178 मरीज हैं जबकि 2484 लोगों की मौत हो चुकी है। इसकी चपेट में आए दुनिया के टॉप-10 देशों में अमेरिका के बाद इटली में 97,689 मरीज, चीन में 81,470 मरीज, स्‍पेन में 80,110 मरीज, जर्मनी में 62,435 मरीज, फ्रांस में 40,174 मरीज, ईरान में 38,309, ब्रिटेन में 19,522 मरीज, स्विटजरलैंड में 14,829 मरीज और नीदरलैंड में 10,866 मरीज हैं। इस जानेलवा वायरस की वजह से सबसे अधिक मौतें इटली में हुई हैं। यहां पर इसकी वजह से अब तक 10,799 लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं। इसके बाद स्‍पेन, चीन, ईरान, फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन है। जर्मनी में तो इसकी वजह से होने वाले आर्थिक संकट के मद्देनजर वहां के एक मंत्री ने आत्‍महत्‍या तक कर ली है। इसके अलावा स्‍पेन की राजकुमारी की इसकी वजह से मौत हो चुकी है। दुनिया में राजपरिवार के किसी सदस्‍य के इस वायरस से हुई मौत का ये पहला मामला है। दुनिया के ज्‍यादातर देशों ने इसकी वजह से होने वाले आर्थिक संकट को नजरअंदाज करते हुए लोगों की जिंदगी को बचाना ज्‍यादा जरूरी माना है। यही वजह है कि दुनिया के ज्‍यादातर देशों में इस वक्‍त पूरी तरह से लॉकडाउन है। जहां पर नहीं है वो भी भविष्‍य में ऐसा करने से इनकार नहीं कर रहे हैं। लेकिन वहीं तीन देश ऐसे भी हैं जो किसी भी सूरत में देश में लॉकडाउन करने से साफ इनकार कर चुके हैं। इन देशों में अमेरिका, ब्राजील और पाकिस्‍तान शामिल हैं। ये तीनों बार-बार लॉकडाउन से बदत्‍तर होने वाली आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए ऐसा करने से इनकार करते आ रहे हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका वर्तमान में कोरोना वायरस से संक्रमित सबसे अधिक मरीज अमेरिका में हैं। इसके बाद भी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप लॉकडाउन करने से इनकार कर चुके हैं। उनका साफ कहना है कि लॉकडाउन कर वह देश को आर्थिक संकट में नहीं डाल सकते हैं। इतना ही नहीं उन्‍होंने सोशल डिस्‍टेंसिंग की बात को भी गंभीरता से नहीं लिया है। इसके अलावा वो लगातार विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन और दुनिया के बड़े वैज्ञानिक और डॉक्‍टरों की उन अपील को भी नजरअंदाज कर चुके हैं जिसमें उन्‍होंने भी लॉकडाउन का समर्थन किया है। देश में लॉकडाउन न करने की वजह से ट्रंप का विरोध भी हो रहा है। अमेरिकी सीनेट में कई सांसद पूरी तरह से लॉकडाउन के पक्ष में हैं। ब्राजील लेटिन अमेरिका के गरीब देशों में शुमार ब्राजील में लोगों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल रही है। ब्राजील में अब तक कोरोना वायरस की चपेट 4256 लोग आ चुके हैं और 136 लोगों की मौत हो चुकी है। इसकी गंभीरता को भांपते हुए यहां के एक बड़े फुटबॉल क्‍लब ने अपना एक स्‍टेडियम इसके मरीजों के लिए अस्‍थायी अस्‍पताल बनाने के लिए हेल्‍थ डिपार्टमेंट को सौंप दिया है। इसके बाद भी राष्‍ट्रपति इसकी गंभीरता से आंखें मूंदे हुए हैं। लॉकडाउन लागू करने को लेकर राष्‍ट्रपति जायरो बोल्‍सोनारो और राज्‍यों के गवर्नरों के बीच जबरदस्‍त टकराव चल रहा है। पाकिस्‍तान पाकिस्‍तान भी पूरे देश में आर्थिक हालत बदतर होने के डर से लॉकडाउन नहीं कर रहा है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश के नाम अपने संबोधन में कहा था कि यदि देश में लॉकडाउन किया गया तो लोग भूखे मर जाएंगे। उन्‍होंने ये भी कहा था कि उनके पास इस महामारी से लड़ने के लिए न तो फंड है न ही कोई इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर। ऐसे में यदि लॉकडाउन किया गया तो हालात इतने खराब हो जाएंगे कि संभाले नहीं संभलेंगे। पीएम इमरान खान ने बलूचिस्‍तान में खराब स्‍वास्‍थ्‍य हालातों पर भी चिंता जताई थी। इमरान और ट्रंप में इतना फर्क जरूर है कि इमरान सोशल डिस्‍टेंसिंग की बात लगातार कर रहे हैं।