कोरोना का दहशत: पब्लिक मूमेंट पर लगी है रोक, सोनौली में अब भी फंसे हैं 22 नेपाली नागरिक

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कोरोना का दहशत: पब्लिक मूमेंट पर लगी है रोक, सोनौली में अब भी फंसे हैं 22 नेपाली नागरिक

सोनौली। कोरोना के भय से दिल्ली से पलायन करने वालों में नेपाली मूल के लोग भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री द्वारा रोडवेज बसों से भेजे गए लोगों में 22 नेपाली नागरिक पहले गोरखपुर पहुंचे। गोरखपुर से रोडवेज बस से उन्हें सोनौली पहुंचाया गया, लेकिन सीमा पर पब्लिक मूमेंट पर रोक लगाने के कारण वे यहीं सोनौली में फंसे हैं। नौतनवा एसडीएम ने इन यात्रियों के सोनौली में फंसे होने की जानकारी नेपाली प्रशासन को दे दी है।

Coronas Panic Ban On Public Movement 22 Nepali Citizens Still Trapped In Sonuli :

वही एआरएम सोनौली डिपो सीके भाष्कर ने बताया कि गोरखपुर से सोनौली पहुंचे ये 22 नेपाली यात्री दिल्ली से गोरखपुर पहुंचे थे। जांच के बाद प्रशासन की अनुमति से इन सभी को बस से सोनौली तक पहुंचा दिया गया। वहीं सोनौली में पहुंचने के बाद ये सभी फंस गए। सोनौली की बंद दुकानों के सामने फुटपाथ पर उम्मीद में बैठे हैं कि किसी तरह नेपाल पहुंच जांय।

एसडीएम ने नेपाल के प्रशासन से बात की

दिल्ली से सोनौली पहुंचे 22 नेपाली नागरिकों को सीमा पर नेपाल प्रशासन ने ही प्रवेश से रोक दिया। इस सूचना पर सोनौली पहुंचे एसडीएम नौतनवा जसधीर सिंह ने नेपाल प्रशासन से इनके नेपाल में एंट्री को लेकर बात की। ये यात्री भारत में रुकना नहीं चाह रहे हैं। इसकी सूचना नेपाल के जिम्मेदार अफसरों को दे दी। इन्हें नेपाल में 14 दिन क्वारंटीन में रखने को लेकर बातचीत चल रही है।

नेपाल से रेस्क्यू कर लाए गए सभी यात्रियों को गोरखपुर भेजे गए

शुक्रवार की रात नेपाल से रेस्क्यू कर भारतीय सीमा सोनौली में लाए गए 44 भारतीय यात्रियों को स्थानीय प्रशासन ने गोरखपुर शिफ्ट कर दिया गया है। रविवार की दोपहर एसडीएम नौतनवा जसधीर सिह के नेतृत्व में शुक्रवार की रात नेपाल से भारत लाए गए तमिलनाडु चेन्नई, बड़हलगंज, कानपुर, मणिपुर, प्रयागराज, बस्ती के सभी यात्रियों को गोरखपुर भेज दिया गया। इस दौरान उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सभी को रोडवेज की बस से गोरखपुर रवाना किया गया।

तीन कैंसर मरीजो को नही मिला इंट्री

भारत नेपाल सीमा सोनौली के रास्ते दिल्ली राजीव गांधी अस्पताल से नारायण घाट अपने घर जा रहे तीन कैंसर के मरीजों को नेपाल में इंट्री नही मिली करीब 11 बजे से परिजन मरीज को लेकर कभी भारतीय तो कभी नेपाली प्रशासन से गुहार लगा रहे है। इस सम्बंध में बेलहिया इंस्पेक्टर ईश्वरी अधिकारी ने बताया कि तीनों मरीजो के सम्बंध में अधिकारियों से वार्ता चल रही है।

 

महराजगंज ब्यूरो प्रभारी -विजय चौरसिया

सोनौली। कोरोना के भय से दिल्ली से पलायन करने वालों में नेपाली मूल के लोग भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री द्वारा रोडवेज बसों से भेजे गए लोगों में 22 नेपाली नागरिक पहले गोरखपुर पहुंचे। गोरखपुर से रोडवेज बस से उन्हें सोनौली पहुंचाया गया, लेकिन सीमा पर पब्लिक मूमेंट पर रोक लगाने के कारण वे यहीं सोनौली में फंसे हैं। नौतनवा एसडीएम ने इन यात्रियों के सोनौली में फंसे होने की जानकारी नेपाली प्रशासन को दे दी है। वही एआरएम सोनौली डिपो सीके भाष्कर ने बताया कि गोरखपुर से सोनौली पहुंचे ये 22 नेपाली यात्री दिल्ली से गोरखपुर पहुंचे थे। जांच के बाद प्रशासन की अनुमति से इन सभी को बस से सोनौली तक पहुंचा दिया गया। वहीं सोनौली में पहुंचने के बाद ये सभी फंस गए। सोनौली की बंद दुकानों के सामने फुटपाथ पर उम्मीद में बैठे हैं कि किसी तरह नेपाल पहुंच जांय। एसडीएम ने नेपाल के प्रशासन से बात की दिल्ली से सोनौली पहुंचे 22 नेपाली नागरिकों को सीमा पर नेपाल प्रशासन ने ही प्रवेश से रोक दिया। इस सूचना पर सोनौली पहुंचे एसडीएम नौतनवा जसधीर सिंह ने नेपाल प्रशासन से इनके नेपाल में एंट्री को लेकर बात की। ये यात्री भारत में रुकना नहीं चाह रहे हैं। इसकी सूचना नेपाल के जिम्मेदार अफसरों को दे दी। इन्हें नेपाल में 14 दिन क्वारंटीन में रखने को लेकर बातचीत चल रही है। नेपाल से रेस्क्यू कर लाए गए सभी यात्रियों को गोरखपुर भेजे गए शुक्रवार की रात नेपाल से रेस्क्यू कर भारतीय सीमा सोनौली में लाए गए 44 भारतीय यात्रियों को स्थानीय प्रशासन ने गोरखपुर शिफ्ट कर दिया गया है। रविवार की दोपहर एसडीएम नौतनवा जसधीर सिह के नेतृत्व में शुक्रवार की रात नेपाल से भारत लाए गए तमिलनाडु चेन्नई, बड़हलगंज, कानपुर, मणिपुर, प्रयागराज, बस्ती के सभी यात्रियों को गोरखपुर भेज दिया गया। इस दौरान उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सभी को रोडवेज की बस से गोरखपुर रवाना किया गया। तीन कैंसर मरीजो को नही मिला इंट्री भारत नेपाल सीमा सोनौली के रास्ते दिल्ली राजीव गांधी अस्पताल से नारायण घाट अपने घर जा रहे तीन कैंसर के मरीजों को नेपाल में इंट्री नही मिली करीब 11 बजे से परिजन मरीज को लेकर कभी भारतीय तो कभी नेपाली प्रशासन से गुहार लगा रहे है। इस सम्बंध में बेलहिया इंस्पेक्टर ईश्वरी अधिकारी ने बताया कि तीनों मरीजो के सम्बंध में अधिकारियों से वार्ता चल रही है।   महराजगंज ब्यूरो प्रभारी -विजय चौरसिया