कोरोना: ईरान में फैली ऐसी अफवाह, मेथेनॉल पीने से 300 लोगों की मौत

iran
कोरोना: ईरान में फैली ऐसी अफवाह, मेथेनॉल पीने से 300 लोगों की मौत

नई दिल्ली। चीन से फैले कोरोना वायरस ने दुनिया के करीब 200 देशों में ऐसी तबाही मचा दी है कि इससे मरने वालों का आंकड़ा 20 हजार पार कर गया है। कोरोना वायरस महामारी को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहें भी खूब चलती रहती हैं। ईरान में लोगों के बीच यह बात फैल गई है कि मेथनॉल (इंडस्ट्रियल अल्कोहल) पीने से कोरोना वायरस का इलाज हो सकता है। इस अफवाह के चलते यहां हालात इतने खराब हो चुके हैं कि अब तक 1000 लोग बीमार हो चुके हैं और 300 की जान जा चुकी है।    

Coronavirus Fake Belief Of Drinking Methanol Kills Many People In Iran :

कोरोना के अलावा यह भी है खतरा

ईरान में शराब पीना बैन है और लोग अवैध तरीके इसे ले रहे हैं। सोशल मीडिया पर यह अफवाह ऐसे समय में फैल गई जब लोगों का सरकार पर से भरोसा कम होता जा रहा है। दरअसल, सरकार ने पहले कोरोना के हालात को कम गंभीर दिखाने की कोशिश की लेकिन धीरे-धीरे हालात खराब होते चले गए। ओस्लो में क्लिनिकल टॉक्सिकॉलजिस्ट डॉ. नूट एरिक होवडा का कहना है कि वायरस से लोग मर रहे हैं और उन्हें यह भी नहीं पता कि उसके अलावा दूसरे खतरे भी उनके पास हैं। उनका कहना है कि लोग अगर ऐसे ही पीते रहे तो और लोगों के बीच यह जहर फैल जाएगा।

सोशल मीडिया फैला रहा जहर

ईरान में सोशल मीडिया पर यह मेसेज फॉरवर्ड किया जा रहा है कि एक ब्रिटिश स्कूल टीचर और दूसरों ने विस्की और शहद से कोरोना वायरस को ठीक कर लिया। अल्कोहल बेस्ड हैंड-सैनिटाइजर्स के मेसेज से भी लोगों ने यह अंदाजा लगा लिया कि अल्कोहल पीने से उनके शरीर के अंदर का वायरस मर जाएगा। वायरस का डर पहले ही था अब कम शिक्षा के कारण इंटरनेट पर उड़ रही अफवाहों के चलते दर्जनों ने ईरान के खुजेस्तान और शिराज में मेथनॉल युक्त अल्कोहल पीना शुरू कर दिया जो किसी जहर से कम नहीं।

4-5 गुना बढ़ी बिक्री

यही हालात कराज और याद शहरों में भी हैं। यहां जिन अस्पतालों में कोरोना मरीजों को होना चाहिए था, वहां जहरीली शराब पीने के कारण लोग भर्ती हैं। तेहरान के एक वोदका उत्पादक रफीक ने बताया कि हर साल 21 मार्च को शुरू होने वाले पारसी नए साल, नवरोज पर उनके ग्राहक दोगुने हो जाते हैं लेकिन इस बार कोरोना की वजह से 4-5 गुना बढ़ गए। अब तक ईरान में कोरोना वायरस के चलते 2,378 लोगों की मौत हो चुकी है। अब तक देश में 32,332 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं।  

नई दिल्ली। चीन से फैले कोरोना वायरस ने दुनिया के करीब 200 देशों में ऐसी तबाही मचा दी है कि इससे मरने वालों का आंकड़ा 20 हजार पार कर गया है। कोरोना वायरस महामारी को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहें भी खूब चलती रहती हैं। ईरान में लोगों के बीच यह बात फैल गई है कि मेथनॉल (इंडस्ट्रियल अल्कोहल) पीने से कोरोना वायरस का इलाज हो सकता है। इस अफवाह के चलते यहां हालात इतने खराब हो चुके हैं कि अब तक 1000 लोग बीमार हो चुके हैं और 300 की जान जा चुकी है।     कोरोना के अलावा यह भी है खतरा ईरान में शराब पीना बैन है और लोग अवैध तरीके इसे ले रहे हैं। सोशल मीडिया पर यह अफवाह ऐसे समय में फैल गई जब लोगों का सरकार पर से भरोसा कम होता जा रहा है। दरअसल, सरकार ने पहले कोरोना के हालात को कम गंभीर दिखाने की कोशिश की लेकिन धीरे-धीरे हालात खराब होते चले गए। ओस्लो में क्लिनिकल टॉक्सिकॉलजिस्ट डॉ. नूट एरिक होवडा का कहना है कि वायरस से लोग मर रहे हैं और उन्हें यह भी नहीं पता कि उसके अलावा दूसरे खतरे भी उनके पास हैं। उनका कहना है कि लोग अगर ऐसे ही पीते रहे तो और लोगों के बीच यह जहर फैल जाएगा। सोशल मीडिया फैला रहा जहर ईरान में सोशल मीडिया पर यह मेसेज फॉरवर्ड किया जा रहा है कि एक ब्रिटिश स्कूल टीचर और दूसरों ने विस्की और शहद से कोरोना वायरस को ठीक कर लिया। अल्कोहल बेस्ड हैंड-सैनिटाइजर्स के मेसेज से भी लोगों ने यह अंदाजा लगा लिया कि अल्कोहल पीने से उनके शरीर के अंदर का वायरस मर जाएगा। वायरस का डर पहले ही था अब कम शिक्षा के कारण इंटरनेट पर उड़ रही अफवाहों के चलते दर्जनों ने ईरान के खुजेस्तान और शिराज में मेथनॉल युक्त अल्कोहल पीना शुरू कर दिया जो किसी जहर से कम नहीं। 4-5 गुना बढ़ी बिक्री यही हालात कराज और याद शहरों में भी हैं। यहां जिन अस्पतालों में कोरोना मरीजों को होना चाहिए था, वहां जहरीली शराब पीने के कारण लोग भर्ती हैं। तेहरान के एक वोदका उत्पादक रफीक ने बताया कि हर साल 21 मार्च को शुरू होने वाले पारसी नए साल, नवरोज पर उनके ग्राहक दोगुने हो जाते हैं लेकिन इस बार कोरोना की वजह से 4-5 गुना बढ़ गए। अब तक ईरान में कोरोना वायरस के चलते 2,378 लोगों की मौत हो चुकी है। अब तक देश में 32,332 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं।