ईरान ने ठुकराई ट्रंप की मदद की पेशकश, कहा- वायरस जिंदा करने की दवा दे देगा

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ईरान ने ठुकराई ट्रंप की मदद की पेशकश, कहा- वायरस जिंदा करने की दवा दे देगा

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की मार झेल रहे ईरान ने अमेरिका की मदद लेने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान दुनिया के उन टॉप-3 देशों (चीन और ईटली के साथ) में शामिल है जहां कोरोना वायरस की वजह से सबसे अधिक मौतें हुई हैं।

Coronavirus Iran Supreme Leader Accuses Us Creating Outbreak :

सरकार की ओर से अब तक जारी आंकड़ों के मुताबिक, 20 हजार से अधिक लोग ईरान में संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 1600 से अधिक लोगों की मौतें हुई हैं। लेकिन अब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ने में अमेरिकी मदद लेने से इनकार कर दिया है.

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने कोरोना के प्रकोप से लड़ने के लिए अमेरिका की सहायता की पेशकश को ठुकरा दिया है। बकौल खामनेई, ‘हो सकता है कि यह वायरस अमेरिका द्वारा पैदा किया गया हो।’ बता दें कि तेहरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका ने ईरान पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। इसमें कच्चे तेल की बिक्री पर रोक प्रमुख है। इसके चलते ईरान को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

एक टीवी संबोधन में खामनेई ने कहा, ‘अमेरिका हमारा कट्टर दुश्मन है। हो सकता है कि उसकी दवा वायरस को और फैला दे। अगर वह डॉक्टर और थेरेपिस्ट भेजते हैं तो वह आकर यह देखेंगे कि वायरस का प्रभाव कैसे हो रहा है, क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि वायरस का एक हिस्सा ईरान के लिए बनाया गया है।’ खामनेई ने अपने बयान के संदर्भ में किसी वैज्ञानिक तथ्य का हवाला तो नहीं दिया है, लेकिन उनकी इस टिप्पणी को इस महीने की शुरुआत में चीन सरकार के प्रवक्ता से जोड़कर देखा जा रहा है।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की मार झेल रहे ईरान ने अमेरिका की मदद लेने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान दुनिया के उन टॉप-3 देशों (चीन और ईटली के साथ) में शामिल है जहां कोरोना वायरस की वजह से सबसे अधिक मौतें हुई हैं। सरकार की ओर से अब तक जारी आंकड़ों के मुताबिक, 20 हजार से अधिक लोग ईरान में संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 1600 से अधिक लोगों की मौतें हुई हैं। लेकिन अब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ने में अमेरिकी मदद लेने से इनकार कर दिया है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने कोरोना के प्रकोप से लड़ने के लिए अमेरिका की सहायता की पेशकश को ठुकरा दिया है। बकौल खामनेई, ‘हो सकता है कि यह वायरस अमेरिका द्वारा पैदा किया गया हो।’ बता दें कि तेहरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका ने ईरान पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। इसमें कच्चे तेल की बिक्री पर रोक प्रमुख है। इसके चलते ईरान को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक टीवी संबोधन में खामनेई ने कहा, ‘अमेरिका हमारा कट्टर दुश्मन है। हो सकता है कि उसकी दवा वायरस को और फैला दे। अगर वह डॉक्टर और थेरेपिस्ट भेजते हैं तो वह आकर यह देखेंगे कि वायरस का प्रभाव कैसे हो रहा है, क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि वायरस का एक हिस्सा ईरान के लिए बनाया गया है।’ खामनेई ने अपने बयान के संदर्भ में किसी वैज्ञानिक तथ्य का हवाला तो नहीं दिया है, लेकिन उनकी इस टिप्पणी को इस महीने की शुरुआत में चीन सरकार के प्रवक्ता से जोड़कर देखा जा रहा है।