CM योगी आदित्यनाथ का बड़ा ऐलान, मजदूरों को दिए जाएंगे 1000 रुपये मासिक

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए कई ऐलान किए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में 23 लोग कोरोना से पीड़ित हैं। जिसमें नौ लोग ठीक हो चुके हैं।

Coronavirus Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath Announcement Of Giving 1000 Rupees To Daily Laborers :

सीएम ने ऐलान किया कि राज्य में 15 लाख दिहाड़ी मजदूरों और 20.37 लाख निर्माण श्रमिकों को उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करने के लिए 1000 रुपये प्रत्येक को दिया जाएगा। साथ ही रेहड़ी वालों को 1000 रुपये की राशि दी जाएगी। ये मदद राशि मजदूरों के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। लेबर सेस से मदद मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है।

कोरोना वायरस के चलते हुई बाजार बंदी के आधार पर योगी सरकार करीब 1.25 करोड़ दिहाड़ी मजदूरों को 1000 रुपये महीने की आर्थिक मदद दे सकती है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में गठित मंत्री समूह ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है। सीएम ने 17 मार्च को कमिटी गठित की थी, जिसमें कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य शामिल थे।

रैंडम सर्वे से तय की गई मजदूरों की संख्या

दो दिनों की बैठक के दौरान सबसे बड़ा सवाल इनकी संख्या तय करना था। श्रम विभाग में 20 लाख से अधिक मजदूर रजिस्टर्ड हैं। सूत्रों के अनुसार, विभाग ने दो दिन में जिलावार रैंडम सर्वे कराया। इसमें नगर विकास विभाग के करीब 16 लाख डेली वेजेज सफाई कर्मियों, ग्राम पंचायतों में शामिल 11 लाख से अधिक मजदूरों, रिक्शा चालकों, भवन निर्माण के मजदूरों, पल्लेदार, कुली, रेहड़ी-खोमचे और अन्य स्थानों पर रोजमर्रा काम करने वाले लोगों को शामिल किया गया।

इसी के आधार पर करीब 1.25 करोड़ संख्या चिह्नित की गई है। कमिटी ने इन्हें 1000 रुपये फिलहाल देने की सिफारिश की है, जिस पर 1250 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रिपोर्ट पर विचार के बाद सीएम शनिवार को इसकी घोषणा कर सकते हैं।

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए कई ऐलान किए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में 23 लोग कोरोना से पीड़ित हैं। जिसमें नौ लोग ठीक हो चुके हैं। सीएम ने ऐलान किया कि राज्य में 15 लाख दिहाड़ी मजदूरों और 20.37 लाख निर्माण श्रमिकों को उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करने के लिए 1000 रुपये प्रत्येक को दिया जाएगा। साथ ही रेहड़ी वालों को 1000 रुपये की राशि दी जाएगी। ये मदद राशि मजदूरों के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। लेबर सेस से मदद मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है। कोरोना वायरस के चलते हुई बाजार बंदी के आधार पर योगी सरकार करीब 1.25 करोड़ दिहाड़ी मजदूरों को 1000 रुपये महीने की आर्थिक मदद दे सकती है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में गठित मंत्री समूह ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है। सीएम ने 17 मार्च को कमिटी गठित की थी, जिसमें कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य शामिल थे। रैंडम सर्वे से तय की गई मजदूरों की संख्या दो दिनों की बैठक के दौरान सबसे बड़ा सवाल इनकी संख्या तय करना था। श्रम विभाग में 20 लाख से अधिक मजदूर रजिस्टर्ड हैं। सूत्रों के अनुसार, विभाग ने दो दिन में जिलावार रैंडम सर्वे कराया। इसमें नगर विकास विभाग के करीब 16 लाख डेली वेजेज सफाई कर्मियों, ग्राम पंचायतों में शामिल 11 लाख से अधिक मजदूरों, रिक्शा चालकों, भवन निर्माण के मजदूरों, पल्लेदार, कुली, रेहड़ी-खोमचे और अन्य स्थानों पर रोजमर्रा काम करने वाले लोगों को शामिल किया गया। इसी के आधार पर करीब 1.25 करोड़ संख्या चिह्नित की गई है। कमिटी ने इन्हें 1000 रुपये फिलहाल देने की सिफारिश की है, जिस पर 1250 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रिपोर्ट पर विचार के बाद सीएम शनिवार को इसकी घोषणा कर सकते हैं।