30 मिनट में होगी कोरोनावायरस की जांच, अमेरिका में हुआ भारत का नाम रोशन

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सागर: एक बार फिर भारत का नाम सागर जैन समाज के प्रतिष्ठित परिवार के पीयूष जैन ने रोशन किया है। केमिकल इंजीनियर पीयूष फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी में कोरोना वायरस जैसी महामारी पर रिसर्च कर रहे हैं।इस महामारी से लडने के लिए दिन रात शोध कर एक ऐसा उपकरण तेयार किया जिस से मात्र 30 मिनट में चलेगा कि किसी व्यक्ति को कोरॉना वायरस है, या नहीं।
उपरोक्त रैपिड टेस्ट किट की मान्यता के लिए अभी कार्यवाही अमेरिका में चल रही है।

Coronavirus Will Be Investigated In 30 Minutes Indias Name Illuminated In America :

पीएचडी कंप्लीट कर यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।वह crispr based technology की सहायता से अनेक प्रकार की बीमारियों पर शोध का काम कर रहे हैं।जैन के मार्गदर्शन में कई छात्र पीएचडी भी कर रहे हैं। प्रोस्टेट कैंसर, एचआईवी एवं हेपेटाइटिस सी जैसी कई बीमारियों को पर लगातार रिसर्च कर रहे है

यह टेस्ट 30 मिनट से भी कम समय में घर पर ही किया जा सकेगा। इस टेस्ट किट के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि यह वायरस का पता लगाता है ।अभी तक दुनिया में जो भी टेस्ट किए जा रहे है वह शरीर के अंदर मौजूद एंटीबॉडी का ही टेस्ट कर पाती हैं। उसमे कॉरोना वायरस का पता नहीं चलता है।

टेस्ट किट एक जांच करने के लिए किसी विशेष अनुभव की आवश्यकता नहीं है। बाजार में उपलब्ध प्रेगनेंसी टेस्ट किट की तरह इस्का उपयोग कर सकते हैं। मान्यता की प्रकिया पूर्ण होने पर यह किट मार्केट में उपलब्ध होगी। उन्होंने भारत सरकार को भी ऑफर किया है, कि सहयोग करें,तो इसका उत्पादन भारत में शुरू हो सकता है।

सागर: एक बार फिर भारत का नाम सागर जैन समाज के प्रतिष्ठित परिवार के पीयूष जैन ने रोशन किया है। केमिकल इंजीनियर पीयूष फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी में कोरोना वायरस जैसी महामारी पर रिसर्च कर रहे हैं।इस महामारी से लडने के लिए दिन रात शोध कर एक ऐसा उपकरण तेयार किया जिस से मात्र 30 मिनट में चलेगा कि किसी व्यक्ति को कोरॉना वायरस है, या नहीं। उपरोक्त रैपिड टेस्ट किट की मान्यता के लिए अभी कार्यवाही अमेरिका में चल रही है। पीएचडी कंप्लीट कर यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।वह crispr based technology की सहायता से अनेक प्रकार की बीमारियों पर शोध का काम कर रहे हैं।जैन के मार्गदर्शन में कई छात्र पीएचडी भी कर रहे हैं। प्रोस्टेट कैंसर, एचआईवी एवं हेपेटाइटिस सी जैसी कई बीमारियों को पर लगातार रिसर्च कर रहे है यह टेस्ट 30 मिनट से भी कम समय में घर पर ही किया जा सकेगा। इस टेस्ट किट के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि यह वायरस का पता लगाता है ।अभी तक दुनिया में जो भी टेस्ट किए जा रहे है वह शरीर के अंदर मौजूद एंटीबॉडी का ही टेस्ट कर पाती हैं। उसमे कॉरोना वायरस का पता नहीं चलता है। टेस्ट किट एक जांच करने के लिए किसी विशेष अनुभव की आवश्यकता नहीं है। बाजार में उपलब्ध प्रेगनेंसी टेस्ट किट की तरह इस्का उपयोग कर सकते हैं। मान्यता की प्रकिया पूर्ण होने पर यह किट मार्केट में उपलब्ध होगी। उन्होंने भारत सरकार को भी ऑफर किया है, कि सहयोग करें,तो इसका उत्पादन भारत में शुरू हो सकता है।