लखनऊ के भ्रष्ट जिलाधिकारी सत्येन्द्र सिंह को मिला एलडीए वीसी का अतिरिक्त चार्ज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरूवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए लखनऊ के जिलाधिकारी सत्येन्द्र सिंह को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के वीसी पद की जिम्मेदारी भी सौंप दी है। सीएम अखिलेश यादव और उनके परिवार के करीबी बताए जाने वाले सत्येन्द्र सिंह को भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरने के बावजूद एलडीए के वीसी पद से हटाकर लखनऊ का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया था। लखनऊ के तत्कालीन जिलाधिकारी राज शेखर के स्थानान्तरण की बहुत बड़ी वजह सत्येन्द्र सिंह से उनका छत्तीस का आंकड़ा होने के रूप में देखा गया था।




सूत्रों की माने तो सत्येन्द्र सिंह ने पूर्व में एलडीए वीसी के पद पर रहते हुए प्राधिकरण के तहत पूर्व में आवंटित किए गए आवासीय भूखंड़ों को व्यावसायिक प्रयोग में लाए जाने का रास्ता बनाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन तत्कालिक जिलाधिकारी राज शेखर की सहमति न हो पाने के चलते सत्येन्द्र सिंह की योजना पूरी नहीं हो सकी थी। आरोप है कि सत्येन्द्र सिंह की मनमानी में रोड़ा अटका रहे राज शेखर को उन्होने अपने रसूख के दम पर हटवाकर लखनऊ के जिलाधिकारी की कुर्सी हासिल की थी। जबकि आज उन्हें एलडीए के वीसी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया गया है। जिसके बाद उनके लिए मनमानी करने का रास्ता साफ हो गया है।

कुछ खबरें ऐसी भी हैं कि एलडीए वीसी के पद से हटाए गए अनूप कुमार यादव भी सत्येन्द्र सिंह की बनाई योजना को अमलीजामा पहनाने के रास्ते में आड़े आ रहे थे। मीडिया में छपी कुछ खबरों में एलडीए की उस पहल के खिलाफ खबरें छपीं थी, जिनमें एलडीए द्वारा आवासी भूखंडों में बैंक, स्कूल, होटल और नर्सिंगहोग खोलने की अनुमति देने की तैयारी को भ्रष्टाचार के तौर पर देखा जा रहा था।




ऐसा माना जाता है कि सत्येन्द्र सिंह सत्ता में बैठे कुछ लोगों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचाने के लिए आवासीय भूखंडों को व्यावसायिक बनाने की लंबे समय से कोशिश कर रहे हैं। अब लखनऊ के जिलाधिकारी होने के साथ—साथ एलडीए का वीसी बनाए जाने से सत्येन्द्र सिंह अपनी पूर्वनियोजित योजना को आसानी से अंजाम दे सकेंगे।

आपको बता दें कि एलडीए वीसी की कुर्सी से हटाए गए अनूप कुमार यादव को विकलांग जन विकास विभाग का निदेशक नियुक्त किया गया है।

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