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यूपी के 65 जिलों में ऑक्सिमीटर और थर्मामीटर की खरीद पर हुआ भ्रष्टाचार, सांसद संजय सिंह ने की सीबीआई जांच की मांग

Corruption Over Purchase Of Oximeter And Thermometer In Several Districts Of Up Mp Sanjay Singh Demands Cbi Inquiry

By सोने लाल 
Updated Date

लखनऊ। कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच आज सरकारी अधिकारी लूट का अवसर निकाल रहे हैं। आम आदमी पर्टी के सांसद संजय सिंह ने एक ऐसे ही घोटाले से पर्दाफास किया है। सांसद संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर और चिकित्सीय उपकरणों की खरीद में कथित भ्रष्टाचार को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को पत्र लिखा है।

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उन्होंने कहा है कि योगी सरकार में हर रोज़ नए—नए घोटाला सामने आ रहा हैं। देश का गरीब-मजदूर खाने को मोहताज़ है तब योगी सरकार और उसके अधिकारी करोड़ो का घोटाला कर अपनी जेब भरने में व्यस्त है। कोरोना काल में धन के दुरपयोग का आरोप लगाया गया है। 65 जिलों में योगी सरकार ने घोटाला किया है।

इस घोटाले में ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारियों से लेकर योगी सरकार तक पूरी तरह से इस भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। इस भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच हो। आप सांसद संजय सिंह कहा है कि उत्तर प्रदेश की चिक्तिसा विभाग ने जो ऑक्सीमीटर ऑनलाइन जो 1800 रुपये का मिलता है वह 1300 में खरीदा है। और जो थर्मामीटर 1800 रुपये का मिलता है वह इस विभाग ने 5200 रुपये में खरीदा है। इससे यह पता चलता है कि योगी सरकार भ्रष्टाचार में डूबी है।

अपर मुख्य सचिव ने दिए थे उपकरों की खरीद के आदेश

अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने 23 जून को प्रदेश के सभी डीएम व सीडीओ को ग्राम पंचायतों में जांच के लिए पल्स ऑक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर खरीदने के निर्देश दिए थे। दोनों उपकरणों कि खरीद के लिए 2800 रुपए खर्च के निर्देश दिए गए। अपर मुख्य सचिव के पत्र में यह भी जिक्र है कि बाजार में 2800 रुपए में दोनों उपकरणों की उपलब्धता है। जिसके बाद जिले की सभी 1043 ग्राम पंचायतों में पल्स ऑक्सीमीटर व इन्फ्रारेड थर्मामीटर की खरीद जुलाई में की गई।

बिजनौर में पांच गुना ज्यादा कीमत वसूली

बिजनौर में स्वास्थ्य विभाग ने इन्फ्रारेड थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर निर्धारित मूल्य से करीब पांच गुना दामों पर खरीदे। जीएसटी सहित 12,390 के रेट से इन्फ्रारेड थर्मामीटर और 3360 की दर से पल्स ऑक्सीमीटर खरीदे गए। पांच गुना दामों पर हुई यह खरीद जैम पोर्टल के अनुसार होने का दावा किया गया है। जबकि शासन ने इन्फ्रारेड थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर की किट के रेट अधिकतम 2800 रुपये प्रति किट तय किए हैं।

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सुल्तानपुर में नौ हजार में खरीदी

सुल्तानपुर में इन दोनों उपकरणों की करीब नौ हजार में खरीद हुई। सुल्तानपुर की जिलाधिकारी सी इंदुमति पर आरोप है कि उन्होंने 2800 रुपए की कोविड किट 9950 में खरिदवाई। पंचायतों ने किट सप्लाई करने वाली फर्मों को भुगतान भी कर दिया।

बाराबंकी में 8920 रुपए तक में बेची गई किट

बाराबंकी में भी 2800 रुपए की किट 8800 रुपए में खरीदी गयी। देवा ब्लॉक की 88 ग्राम पंचायतों में से 42 ग्राम पंचायतों में कोरोना किट का भुगतान 7000 से लेकर 8,920 रुपये तक फर्म को किया जा चुका है।

सांसद संजय सिंह ने की सीबीआई जांच की मांग

पत्र में संजय सिंह ने सीबीआई निदेशक से समय की मांग करते हुए लिखा है कि देश कोरोना के संकटकाल से गुजर रहा है। अर्थव्यवस्था बुरी तरह से गर्त में है। पूरे देश में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 लागू है। इस बीच राज्यों को कोरोना के इस आपातकाल का सामना करने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से भारी मात्रा में धन मुहैया करवाया जा रहा है लेकिन राज्य के द्वारा इस धन के अपव्यय की खबरे आ रही हैं जिसके साक्ष्य मेरे (संजय सिंह) के पास उपलब्ध हैं। उत्तर प्रदेश में कोरोना काल में ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर और चिकित्सीय उपकरणों की खरीद में भारी घोटाला हुआ है। बाजार मूल्य से कई गुना अधिक दामों पर ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर की खरीद यूपी के लगभग सभी जिलों में की जा रही है। सभी साक्ष्य सार्वजनिक होने के बाद भी कई गुना दामों पर ऑक्सीमीटर और थर्मामीट की खरीद जारी है।

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