चंद्रशेखर की गिरफ्तारी पर कोर्ट नाराज, कहा- जामा मस्जिद पाकिस्तान में नही जो पुलिस कर रही ऐसा बर्ताव

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चंद्रशेखर की गिरफ्तारी पर कोर्ट नाराज, कहा- जामा मस्जिद पाकिस्तान में नही जो पुलिस कर रही ऐसा बर्ताव

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हो रहे विरोध हिंसक प्रदर्शन के चलते जामा मस्जिद के बाहर से भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आज़ाद को गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट ने इसी मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस का जमकर फटकार लगाई है और नाराजगी भी जाहिर की है। कोर्ट ने कहा कि आप ऐसा बर्ताव कर रहे हैं जैसे जामा मस्जिद भारत में नही बल्कि पाकिस्तान में हो।

Court Angry Over Chandrashekhars Arrest Said Jama Masjid Not In Pakistan Which Police Are Behaving Like This :

आज दरियागंज हिंसा पर दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। इसी दौरान अदालत दिल्ली पुलिस पर भड़क गयी। कोर्ट ने कहा कि भारत में विरोध प्रदर्शन करना हर किसी का अधिकार है। आपको बता दें कि दिल्ली के दरियागंज, सीलमपुर इलाके में नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ जो प्रदर्शन हुआ था उस दौरान हिंसा भी हुई थी। वहीं जब 21 दिसम्ंबर को भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद जामा मस्जिद के बाहर प्रदर्शन करते पंहुचे तो उन्हे गिरफ्तार कर लिया गया था।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान तीस हजारी कोर्ट ने पुलिस से चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ सहारनपुर में दर्ज सभी FIR की जानकारी मांगी। कोर्ट ने ये भी पूछा है कि पुलिस बताए कि आजाद ने अभी तक क्या आपत्तिजनक बयान दिए हैं? हालांकि इस मामले में बुधवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। कोर्ट ने कहा कि
मैंने कई नेताओं को बड़े नेता बनते, मुख्यमंत्री बनते देखा है। प्रदर्शन करना किस अपराध की श्रेणी में आता है? कोर्ट ने दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या हमारी दिल्ली पुलिस इतनी पिछड़ी हुई है कि उनके पास कोई रिकॉर्ड नहीं है? छोटे मामलों में दिल्ली पुलिस ने सबूत दर्ज किए हैं फिर इस घटना में क्यों नहीं?

 

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हो रहे विरोध हिंसक प्रदर्शन के चलते जामा मस्जिद के बाहर से भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आज़ाद को गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट ने इसी मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस का जमकर फटकार लगाई है और नाराजगी भी जाहिर की है। कोर्ट ने कहा कि आप ऐसा बर्ताव कर रहे हैं जैसे जामा मस्जिद भारत में नही बल्कि पाकिस्तान में हो। आज दरियागंज हिंसा पर दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। इसी दौरान अदालत दिल्ली पुलिस पर भड़क गयी। कोर्ट ने कहा कि भारत में विरोध प्रदर्शन करना हर किसी का अधिकार है। आपको बता दें कि दिल्ली के दरियागंज, सीलमपुर इलाके में नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ जो प्रदर्शन हुआ था उस दौरान हिंसा भी हुई थी। वहीं जब 21 दिसम्ंबर को भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद जामा मस्जिद के बाहर प्रदर्शन करते पंहुचे तो उन्हे गिरफ्तार कर लिया गया था। मंगलवार को सुनवाई के दौरान तीस हजारी कोर्ट ने पुलिस से चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ सहारनपुर में दर्ज सभी FIR की जानकारी मांगी। कोर्ट ने ये भी पूछा है कि पुलिस बताए कि आजाद ने अभी तक क्या आपत्तिजनक बयान दिए हैं? हालांकि इस मामले में बुधवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। कोर्ट ने कहा कि मैंने कई नेताओं को बड़े नेता बनते, मुख्यमंत्री बनते देखा है। प्रदर्शन करना किस अपराध की श्रेणी में आता है? कोर्ट ने दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या हमारी दिल्ली पुलिस इतनी पिछड़ी हुई है कि उनके पास कोई रिकॉर्ड नहीं है? छोटे मामलों में दिल्ली पुलिस ने सबूत दर्ज किए हैं फिर इस घटना में क्यों नहीं?