40 लाख के चिल्लर लेने से बैंक ने किया इंकार, कोर्ट के दखल पर जमा होंगे पैसे

लखनऊ। नोटबंदी के बाद से पैसों की किल्लत और अपने पुराने नोट जमा करने की होड ने आम जनता को काफी परेशान किया। ऐसा ही कुछ हुआ, जब एक शख्स अपने 40 लाख के चिल्लर लेकर बैंक पहुंचा। बैंक ने पैसे जमा करने से साफ इंकार कर दिया। परेशना युवक ने अपने 40 लाख के चिल्लर जमा करवाने के लिए हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में अपील की। केस की सुनवाई के दौरान ये कहा गया कि 1 जनवरी के बाद हर दिन 5-5 हजार रुपए के चिल्लर बैंक जमा करे। चीफ जस्टिस डीबी भोंसले और जस्टिस राजन राय की बेंच ने याचिकाकर्ता की सहमति पर बैंक को हर दिन 5 हजार के चिल्लर जमा करने के निर्देश दिए।




मि‍ल्‍क मेड कंपनी के को-ऑनर संदीप आहूजा के पास 1, 2 और 10 के सिक्कों में 40 लाख के चिल्लर हैं। इतने चिल्लर देखने के बाद बैंक ने इन्हे लेने से साफ़ इंकार कर दिया था। मामला एसबीआई की मि‍ल एरि‍या शाखा और इलाहाबाद बैंक की हुसैनगंज ब्रांच का था। इलाहाबाद बैंक के एडवोकेट वि‍नय शंकर का कहना है कि नोटबंदी के चलते बैंक पहले ही काम के बोझ से दबे हैं। सिक्कों को गिनने में काफी समय लगता, जिसकी वजह से इंकार किया गया।




बैंक ने कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 1 जनवरी के बाद 3 से 4 बजे के बीच हर दि‍न 5-5 हजार रुपए का चि‍ल्‍लर जमा कर लिए जाएँगे। कोर्ट में संदीप अहूजा ने बैंक के प्रपोजल पर सहमति दे दी। वहीं कोर्ट ने आरबीआई और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को इस मसले से अवगत कराने को कहा है। नि‍र्देश दिए कि‍ वे देखें कि कस्टमर के पास इतने सिक्के कैसे इकट्ठा हो गए।

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