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बहुचर्चित निकिता हत्याकांड में अदालत ने सुनाया फैसला, तौसीफ और रेहान को उम्रकैद की सजा

हरियाणा के फरीदाबाद के बहुचर्चित निकिता हत्याकांड में आज अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। फास्टट्रैक कोर्ट ने दोनों दोषियों तौसीफ और रेहान को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी दोनों पर लगाया गया है। अदालत ने तौसीफ और रेहान को 24 मार्च को दोषी करार दिया था।

By शिव मौर्या 
Updated Date

Court Orders Verdict In The Famous Nikita Murder Case Tausif And Rehan Sentenced To Life Imprisonment

फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद के बहुचर्चित निकिता हत्याकांड में आज अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। फास्टट्रैक कोर्ट ने दोनों दोषियों तौसीफ और रेहान को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी दोनों पर लगाया गया है। अदालत ने तौसीफ और रेहान को 24 मार्च को दोषी करार दिया था। दोनों दोषियों की सजा पर आज (शुक्रवार) कोर्ट में बहस हुई, जिसके बाद अब सजा का ऐलान किया गया। तौसीफ और रेहान को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

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तौसीफ और रेहान को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 302 (हत्या), 366 (एक महिला का अपहरण कर उसे शादी के लिए मजबूर करना) और 120-बी / 34 (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी ठहराया गया था। तौसीफ को हथियार कानून के तहत भी दोषी पाया गया था। खबरों के अनुसार, इस फैसले के बाद निकिता की मां ने कहा है कि हम कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। निकिता की मां ने इस मामले में आगे अपील करने की बात कही। उन्होंने कहा कि दोषियों को फांसी दिलवाएंगे।

बता दें कि शुक्रवार सुबह ही तौसीफ, रेहान को फरीदाबाद की कोर्ट में लाया गया। जिसके बाद सजा पर बहस पूरी हुई। फरीदाबाद कोर्ट ने शुक्रवार दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब सजा का ऐलान किया। बहस के दौरान अभियोजन पक्ष ने फांसी की सजा की मांग की और मामले को गंभीर श्रेणी में लिए जाने की अपील की। हालांकि, बचाव पक्ष ने कहा है कि दोषी मेडिकल का छात्र है और पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। ऐसे में इसे ध्यान में रखकर ही सजा दी जाए।

तौसीफ, रेहान के अलावा इस मामले में अजहरुद्दीन नाम के शख्स पर भी आरोप था। हालांकि, उस पर आरोप सिद्ध नहीं हो पाया था। इसी वजह से अदालत ने उसे बरी कर दिया था। बता दें कि पिछले साल 26 अक्टूबर 2020 को फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में निकिता तोमर की कॉलेज के बाहर गोली मारकर हत्या की गई थी। इस मामले में 55 गवाह पेश किए गए थे, जिसमें दो बचाव पक्ष की तरफ से थे। इस मामले का ट्रायल फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में शुरू हुआ था।

 

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