कर्नाटक : ईडी की मांग पर कोर्ट ने डीके शिवकुमार को न्यायिक हिरासत भेजा

dk shivkumar
कर्नाटक : ईडी की मांग पर कोर्ट ने डीके शिवकुमार को न्यायिक हिरासत भेजा

नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत में कर्नाटक कांग्रेस के नेता डी. के. शिवकुमार की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। दरअसल ईडी ने कोर्ट से इसकी मांग की थी, जिसके बाद कोर्ट ने उसकी मांग मानते हुए उन्हे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जिसपर अदालत ने मंगलवार को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उन्हें धन शोधन के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ ने शिवकुमार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। साथ ही ईडी को निर्देश दिया कि वो डीके शिवकुमार को अस्पताल ले जाए और देखे कि वहां चिकित्सक भर्ती करने के बारे में क्या सुझाव देते हैं।

Court Sent Dk Shivakumar To Judicial Custody On Eds Demand :

बता दें कि ईडी ने अदालत से शिवकुमार को पूछताछ के लिये न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की थी। ईडी की ओर से पेश एएसजी के.एम. नटराज ने अदालत से कहा कि पूछताछ अब तक पूरी नहीं हो सकी क्योंकि उनके स्वास्थ्य की स्थिति के चलते कारगर पूछताछ नहीं हो पाई।

उन्होने आगे कहा कि धन शोधन शिवकुमार और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों के जरिए हुआ। शिवकुमार की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि कांग्रेस नेता की स्थिति बहुत गंभीर है और वह दिल का दौरा पड़ने के करीब पहुंच गये थे, इसलिए उन्हें जमानत दी जाए।

नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत में कर्नाटक कांग्रेस के नेता डी. के. शिवकुमार की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। दरअसल ईडी ने कोर्ट से इसकी मांग की थी, जिसके बाद कोर्ट ने उसकी मांग मानते हुए उन्हे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जिसपर अदालत ने मंगलवार को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उन्हें धन शोधन के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ ने शिवकुमार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। साथ ही ईडी को निर्देश दिया कि वो डीके शिवकुमार को अस्पताल ले जाए और देखे कि वहां चिकित्सक भर्ती करने के बारे में क्या सुझाव देते हैं। बता दें कि ईडी ने अदालत से शिवकुमार को पूछताछ के लिये न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की थी। ईडी की ओर से पेश एएसजी के.एम. नटराज ने अदालत से कहा कि पूछताछ अब तक पूरी नहीं हो सकी क्योंकि उनके स्वास्थ्य की स्थिति के चलते कारगर पूछताछ नहीं हो पाई। उन्होने आगे कहा कि धन शोधन शिवकुमार और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों के जरिए हुआ। शिवकुमार की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि कांग्रेस नेता की स्थिति बहुत गंभीर है और वह दिल का दौरा पड़ने के करीब पहुंच गये थे, इसलिए उन्हें जमानत दी जाए।