देवेंद्र फडणवीस को कोर्ट का समन, चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामले छुपाने का आरोप

Devendra Fadnavis
देवेंद्र फडणवीस को कोर्ट का समन, चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामले छुपाने का आरोप

मुंबई। महाराष्ट्र में सत्ता से बाहर होने के बाद देवेंद्र फडणवीस की मुश्किलें बढ़ने लगीं हैं। वहां पर नई सरकार का गठन हो गया है। इस बीच नागपुर पुलिस ने एक स्थानीय अदालत द्वारा पूर्व सीएम फडणवीस के नाम जारी समन को तामील की। आरोप है कि फडणवीस ने चुनावी हलफनामें में दो आपराधिक मुकदमों के बारे में जानकारी नहीं दी थी, बल्कि उन्हें छुपा लिया था।

Court Summons To Devendra Fadnavis Accused Of Hiding Criminal Case In Electoral Affidavit :

इसी मामले में समन की तामील हुई है। बता दें कि फडणवीस के खिलाफ 1996 और 1998 में जालसाजी और धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए थे लेकिन दोनों मामले में आरोप नहीं तय किए गए थे। आरोप लगाया था कि फडणवीस ने अपने चुनावी हलफनामे में इस सूचना का खुलासा नहीं किया।

सदर थाने के एक अधिकारी ने बताया कि फडणवीस के घर पर समन की तामील की गई। यह घटनाक्रम ऐसे वक्त हुआ है, जब महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन ने सरकार बनाई है। फडणवीस नागपुर से विधायक हैं। बता दें कि मजिस्ट्रेटी अदालत ने एक नवंबर को एक याचिका पर फिर से सुनवाई शुरू की थी, जिसमें भाजपा नेता के खिलाफ कथित तौर पर सूचनाएं छिपाने के लिए आपराधिक कार्रवाई की मांग की गयी थी।

शहर के वकील सतीश उके ने अदालत में एक याचिका दायर कर फडणवीस के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की मांग की थी। बंबई उच्च न्यायालय ने उके की याचिका खारिज करने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था। लेकिन, उच्चतम न्यायालय ने एक अक्टूबर को मजिस्ट्रेटी अदालत को उके द्वारा दी गयी याचिका पर सुनवाई के लिए आगे बढ़ने का निर्देश दिया था।

मुंबई। महाराष्ट्र में सत्ता से बाहर होने के बाद देवेंद्र फडणवीस की मुश्किलें बढ़ने लगीं हैं। वहां पर नई सरकार का गठन हो गया है। इस बीच नागपुर पुलिस ने एक स्थानीय अदालत द्वारा पूर्व सीएम फडणवीस के नाम जारी समन को तामील की। आरोप है कि फडणवीस ने चुनावी हलफनामें में दो आपराधिक मुकदमों के बारे में जानकारी नहीं दी थी, बल्कि उन्हें छुपा लिया था। इसी मामले में समन की तामील हुई है। बता दें कि फडणवीस के खिलाफ 1996 और 1998 में जालसाजी और धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए थे लेकिन दोनों मामले में आरोप नहीं तय किए गए थे। आरोप लगाया था कि फडणवीस ने अपने चुनावी हलफनामे में इस सूचना का खुलासा नहीं किया। सदर थाने के एक अधिकारी ने बताया कि फडणवीस के घर पर समन की तामील की गई। यह घटनाक्रम ऐसे वक्त हुआ है, जब महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन ने सरकार बनाई है। फडणवीस नागपुर से विधायक हैं। बता दें कि मजिस्ट्रेटी अदालत ने एक नवंबर को एक याचिका पर फिर से सुनवाई शुरू की थी, जिसमें भाजपा नेता के खिलाफ कथित तौर पर सूचनाएं छिपाने के लिए आपराधिक कार्रवाई की मांग की गयी थी। शहर के वकील सतीश उके ने अदालत में एक याचिका दायर कर फडणवीस के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की मांग की थी। बंबई उच्च न्यायालय ने उके की याचिका खारिज करने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था। लेकिन, उच्चतम न्यायालय ने एक अक्टूबर को मजिस्ट्रेटी अदालत को उके द्वारा दी गयी याचिका पर सुनवाई के लिए आगे बढ़ने का निर्देश दिया था।