गोरक्षा के गोसदन मधवालियां में रोज दम तोड़ रहीं दर्जन भर गायें

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गोरक्षा के गोसदन मधवालियां में रोज दम तोड़ रहीं दर्जन भर गायें

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले की गोसदन मधवालियां में करीब एक सौ गायों की मौत का मामला सामने आया है। सूत्रों की माने तो गोसदन पर कुप्रबंधन इस तरह हावी है कि चिकित्सक से लेकर प्रबंधक तक कई कई दिनों तक गौशाला में नहीं आते। कुछ मजदूरों के भरोसे ही पूरा गोसदन चल रहा है। नतीजतन सर्दी के मौसम गायें बीमार पड़कर मर रहीं हैं। हालात इतने बदतर हैं कि गायों के शव तक रोज नहीं हटाए जाते।

हाल ही में एक समाचार पत्र के रिपोर्ट ने गोसदन का दौरा किया तो प्रबंधक और चिकित्सक नदारद मिले। मीडिया वालों के आने की खबर मिलते ही कुछ कर्मचारी आए और उन्होंने गायों के शवों को हटाना शुरू कर दिया। समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक उनके सामने करीब 10 गायों के शव हटाए गए। जबकि पांच से छह गाएं अधमरी अवस्था में अपने बाड़ों में पड़ीं थीं।

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यहां सवाल उठता है गोकशी और गौरक्षा के मुद्दे को उठाने वाली ऐसी संस्थाओं पर जो गायों के नाम पर हो हंगामा तो जमकर काटतीं हैं, लेकिन बाद में सरकारी मदद मिलने के बाद गायों को राम भरोसे ही छोड़ देतीं हैं।

गोसदन मधवालियां का भी हाल कुछ ऐसा ही है। जिसे उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से गोरक्षा नाम संगठन द्वारा चलाया जाता है। गोसदन के रिकार्ड रजिस्टर में दर्ज गायों में से करीब 100 गायें मौके पर कम है। जिसके जवाब में गोसदन का कहना है कि वहां लाई जाने वाली गायें बूढ़ी और बीमार होती हैं। सर्दी के मौसम के कारण ऐसी गायें मर रहीं हैं।

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वहीं एक अन्य स्थानीय रिपोर्टर की रिपोर्ट के मुताबिक गौशाला की करीब 80 गायों की मौत बीते सप्ताह भर के भीतर हुई है। जिनके शव को कुछ दूरी पर फेंका गया था। जिसकी खबर मीडिया में पहुंचने के बाद गोसदन के लोगों ने जेसीबी से खुदाई करवाकर कई शवों को दफन करवा दिया।

गोसदन मधवालियां को सीएम योगी ​आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में देखा जाता है। यहां कुछ दिन पहले गोरखपुर से 150 आवारा गायें पहुंचाई गईं थी। लेकिन जिस तरह की खबरें इस गोसदन से बाहर आ रहीं है उन्हें देखकर यह कहा जा सकता है, कि कुछ लोगों ने गौरक्षा और गौसेवा को अपना कारोबार बना रखा है। गायों के लिए आने वाली सरकारी मदद का बंदर बांट होता है और गायें बेमौत मर रहीं हैं। गाय केवल सियासी महात्वाकांक्षा पूरा करने का जरिया भर बन कर रह गई है। अगर गायों को भूखा प्यासा और सर्दी में मरना ही था तो उन्हें इसके लिए गोसदन जैसी जगहों पर लेजाने की क्या आवश्यकता थी।

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले की गोसदन मधवालियां में करीब एक सौ गायों की मौत का मामला सामने आया है। सूत्रों की माने तो गोसदन पर कुप्रबंधन इस तरह हावी है कि चिकित्सक से लेकर प्रबंधक तक कई कई दिनों तक गौशाला में नहीं आते। कुछ मजदूरों के भरोसे ही पूरा गोसदन चल रहा है। नतीजतन सर्दी के मौसम गायें बीमार पड़कर मर रहीं हैं। हालात इतने बदतर हैं कि गायों के शव तक रोज नहीं हटाए जाते। हाल…
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