OMG: जोधपुर में कचहरी पहुंची गाय, फिर हुआ स्वामित्व का निपटारा

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जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर जिले की एक स्थानीय अदालत में एक गाय लोगों के बीच कौतूहल का विषय बन गई। दरअसल इस गाय के स्वामित्व को लेकर दो लोगों के बीच पिछले साल से ही विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों ने इसके हल के लिए अदालत की शरण ली थी। अदालत ने सभी सबूतों को ध्यान में रखते हुए इस गाय को ओम प्रकाश को सौंप दिया।

Cows Reached Court In Jodhpur Then Disposed Of Ownership :

शुक्रवार को जोधपुर की एक अदालत में माहौल थोड़ा बदला-बदला सा था। पिछले साल से चल रहे एक विवाद के हल के लिए एक गाय को कचहरी में लाया गया था। इस गाय के स्वामित्व को लेकर दो लोगों ओम प्रकाश और श्याम सिंह के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस के काफी प्रयास के बाद भी यह विवाद सुलझ नहीं रहा था।

शुक्रवार को इस गाय को अदालत के समक्ष पेश किया गया। दोनों पक्षों के वकीलों ने बताया कि कोर्ट ने सभी सबूतों को ध्यान में रखते हुए गाय को ओम प्रकाश को सौंप दिया। यह मामला अदालत पहुंचने से पहले एक पक्ष ने यह दावा किया कि अब गाय अपना दूध खुद पीती है।

इस पर गाय को मंडोर गोशाला में रखा गया। वहां पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए ताकि यह देखा जा सके कि गाय खुद का दूध पीती है या नहीं लेकिन इससे भी काम नहीं बना। इसके बाद यह मामला कोर्ट पहुंचा। इसके बाद अदालत में मामले की सुनवाई हुई और अब जाकर इसका निपटारा हुआ।

जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर जिले की एक स्थानीय अदालत में एक गाय लोगों के बीच कौतूहल का विषय बन गई। दरअसल इस गाय के स्वामित्व को लेकर दो लोगों के बीच पिछले साल से ही विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों ने इसके हल के लिए अदालत की शरण ली थी। अदालत ने सभी सबूतों को ध्यान में रखते हुए इस गाय को ओम प्रकाश को सौंप दिया। शुक्रवार को जोधपुर की एक अदालत में माहौल थोड़ा बदला-बदला सा था। पिछले साल से चल रहे एक विवाद के हल के लिए एक गाय को कचहरी में लाया गया था। इस गाय के स्वामित्व को लेकर दो लोगों ओम प्रकाश और श्याम सिंह के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस के काफी प्रयास के बाद भी यह विवाद सुलझ नहीं रहा था। शुक्रवार को इस गाय को अदालत के समक्ष पेश किया गया। दोनों पक्षों के वकीलों ने बताया कि कोर्ट ने सभी सबूतों को ध्यान में रखते हुए गाय को ओम प्रकाश को सौंप दिया। यह मामला अदालत पहुंचने से पहले एक पक्ष ने यह दावा किया कि अब गाय अपना दूध खुद पीती है। इस पर गाय को मंडोर गोशाला में रखा गया। वहां पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए ताकि यह देखा जा सके कि गाय खुद का दूध पीती है या नहीं लेकिन इससे भी काम नहीं बना। इसके बाद यह मामला कोर्ट पहुंचा। इसके बाद अदालत में मामले की सुनवाई हुई और अब जाकर इसका निपटारा हुआ।