इंग्लैंड को वर्ल्ड कप जिताने वाली इस दिग्गज ऑलराउंडर ने क्रिकेट को कहा अलविदा

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नई दिल्ली। इंग्लैंड की दिग्गज महिला क्रिकेटर जेनी गुन (Jenny Gunn) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने की घोषणा कर दी है। पिछले कुछ समय से चोटों का शिकार हो रहीं जेनी गुन को आखिरीकार क्रिकेट को छोड़ना पड़ा। मंगलवार को जेनी गुन ने अपने इस बड़े फैसले का ऐलान किया। गुन महिला क्रिकेट के इतिहास के सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली दूसरी इंग्लिश खिलाड़ी हैं।  

Cricket England All Rounder Jenny Gunn Retires From International Cricket :

महिला क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली जेनी गुन दूसरी इंग्लिश खिलाड़ी हैं। जेनी गुन का अंतरराष्ट्रीय करियर करीब 15 साल का रहा है, जिसमें उन्होंने 259 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। दिग्गज ऑलराउंडर जेनी गुन के क्रिकेट करियर से जुड़ी खास बात ये है कि उनके टीम में रहते हुए इंग्लिश वुमेन क्रिकेट टीम तीन बार विश्व विजेता बनी है।

गुन ने 2004 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 18 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में पदार्पण किया था। यह इंग्लैंड का पहला टी20 इंटरनेशनल मैच था। यही नहीं गुन 100 टी20 मैच खेलने वाली महिला और पुरुष दोनों में दुनिया की पहली क्रिकेटर भी थीं। वह टी20 इंटरनेशनल में सर्वाधिक विकेट लेने वाली इंग्लैंड की तीसरी और वनडे में दूसरी खिलाड़ी हैं।

गुन (Jenny Gunn)  एक स्पोर्टिंग फैमिली से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता ब्रायन नॉटिंघम फॉरेस्ट फुटबॉल क्लब का हिस्सा थे, जब उन्होंने 1980 में यूरोपियन कप जीता। अपने पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए गुन ने भी खेल को ही चुना। 11 टेस्ट मैचों में गुन ने 391 रन और 29 विकेट लिए।144 वनडे मैचों में 1629 रन बनाए, जबकि 136 विकेट लिए। वहीं 104 टी20 मैचों में इस इंग्लिश ऑलराउंडर ने 682 रन बनाए थे, जबकि 75 विकेट लिए थे।

गुन (Jenny Gunn)  ने बताया कि वह बहुत लकी हैं  कि उन्हें शानदार टीम के साथ खेलने का मौका मिला और वह कुछ यादगार मुकाबलों में टीम  का हिस्सा रहीं। उन्होंने कहा कि वह बचपन से ही कहती थीं कि वह अपने पिता के यूरोपियन कप विजेता मेडल के बगल में वर्ल्ड कप मेडल रखना चाहती हैं और अब उनके  मेडल के बगल में तीन मेडल हैं। गुन ने अपने शानदार करियर का श्रेय अपने परिवार और दोस्तों  को दिया।

नई दिल्ली। इंग्लैंड की दिग्गज महिला क्रिकेटर जेनी गुन (Jenny Gunn) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने की घोषणा कर दी है। पिछले कुछ समय से चोटों का शिकार हो रहीं जेनी गुन को आखिरीकार क्रिकेट को छोड़ना पड़ा। मंगलवार को जेनी गुन ने अपने इस बड़े फैसले का ऐलान किया। गुन महिला क्रिकेट के इतिहास के सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली दूसरी इंग्लिश खिलाड़ी हैं।   महिला क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली जेनी गुन दूसरी इंग्लिश खिलाड़ी हैं। जेनी गुन का अंतरराष्ट्रीय करियर करीब 15 साल का रहा है, जिसमें उन्होंने 259 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। दिग्गज ऑलराउंडर जेनी गुन के क्रिकेट करियर से जुड़ी खास बात ये है कि उनके टीम में रहते हुए इंग्लिश वुमेन क्रिकेट टीम तीन बार विश्व विजेता बनी है। गुन ने 2004 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 18 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में पदार्पण किया था। यह इंग्लैंड का पहला टी20 इंटरनेशनल मैच था। यही नहीं गुन 100 टी20 मैच खेलने वाली महिला और पुरुष दोनों में दुनिया की पहली क्रिकेटर भी थीं। वह टी20 इंटरनेशनल में सर्वाधिक विकेट लेने वाली इंग्लैंड की तीसरी और वनडे में दूसरी खिलाड़ी हैं। गुन (Jenny Gunn)  एक स्पोर्टिंग फैमिली से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता ब्रायन नॉटिंघम फॉरेस्ट फुटबॉल क्लब का हिस्सा थे, जब उन्होंने 1980 में यूरोपियन कप जीता। अपने पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए गुन ने भी खेल को ही चुना। 11 टेस्ट मैचों में गुन ने 391 रन और 29 विकेट लिए।144 वनडे मैचों में 1629 रन बनाए, जबकि 136 विकेट लिए। वहीं 104 टी20 मैचों में इस इंग्लिश ऑलराउंडर ने 682 रन बनाए थे, जबकि 75 विकेट लिए थे। गुन (Jenny Gunn)  ने बताया कि वह बहुत लकी हैं  कि उन्हें शानदार टीम के साथ खेलने का मौका मिला और वह कुछ यादगार मुकाबलों में टीम  का हिस्सा रहीं। उन्होंने कहा कि वह बचपन से ही कहती थीं कि वह अपने पिता के यूरोपियन कप विजेता मेडल के बगल में वर्ल्ड कप मेडल रखना चाहती हैं और अब उनके  मेडल के बगल में तीन मेडल हैं। गुन ने अपने शानदार करियर का श्रेय अपने परिवार और दोस्तों  को दिया।